कोरोना, संक्रमण और डर सुंदर शब्द नहीं हैं। लेकिन गेंदा, गुलाब, ट्यूलिप, मेरी गोल्ड, सूरजमुखी और ढहेलिया बहुत ही सुंदर और महकते हुए शब्द हैं। महामारी हर बरस नहीं आती। बहार हर बरस आती है। कोरोना और संक्रमण नियम नहीं है, अपवाद है। बहार नियम है और उसका हर बार आना तय है। हमने सोचा कि हम इस बार अपवाद का नहीं, नियमों का अभिनंदन करें।
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Flower garden
- फोटो : अमर उजाला
बीमारी के डर से भले ही इस बार पुष्प प्रदर्शनियों में लोग कम संख्या पहुंचें या उन्हें देख ही न पाएं। लेकिन ये नजारे हम आप तक तो पहुंचा ही सकते हैं ना..। इसलिए अमर उजाला टीम ने शहरभर के फूलों से बात की। उनके शबाब को अपने कैमरे में कैद किया। आप भी गुलों से गुफ्तगू में शामिल हों....।
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डहेलिया
- फोटो : अमर उजाला
हवा में हिलते डुलते मुस्कुराते फूल भला किसे नहीं भाते, उनकी खूबसूरती अनायास ही हर किसी को अपनी और आकर्षित कर ही लेती है।
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Flower garden
- फोटो : अमर उजाला
मेरठ के बिजली बम्बा बाईपास पर खेतों में बड़े पैमाने पर फूलों की खेती की जा रही है।
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Flower garden
- फोटो : अमर उजाला
शहर के सर्किट हाउस में इन दिनों सुंदर-सुंदर फूल खिले हैं, जो लोगों को लुभा रहे हैं।