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शामली: पूर्व सांसद अमीर आलम और पूर्व विधायक नवाजिश ने छोड़ी आसपा, बोले- हमारा फोन तक नहीं उठाते चंद्रशेखर
Fri, 18 Sep 2026 08:20 PM IST
Mohd Mustakim
अमर उजाला नेटवर्क, शामली
अमर उजाला नेटवर्क, शामली
Published by: Mohd Mustakim
Updated Fri, 18 Sep 2026 08:20 PM IST
सार
अमीर आलम और उनके बेटे नवाजिश आलम ने आसपा प्रमुख नगीना सांसद चंद्रखेशर के सामने पार्टी ज्वाइन की थी। इनका कहना है कि चंद्रशेखर ने जो वादे किए थे, वो पूरे नहीं किए। अब कांग्रेस को संभावित नया राजनीतिक ठिकाना माना जा रहा है।
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अमीर आलम और नवाजिश आलम।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
पूर्व सांसद अमीर आलम खां और उनके बेटे पूर्व विधायक नवाजिश आलम खां ने शुक्रवार को आजाद समाज पार्टी छोड़ दी। दोनों ने पार्टी नेतृत्व को अपना इस्तीफा भेज दिया है। अमीर आलम का कहना है कि आसपा प्रमुख चंद्रशेखर आजाद ने पार्टी में शामिल करते समय जो वादे किए थे, उन्हें पूरा नहीं किया गया। इसी कारण उन्होंने पार्टी छोड़ने का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस उनकी पसंद है। ऐसे में कांग्रेस को उनका संभावित नया राजनीतिक ठिकाना माना जा रहा है।
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गढ़ीपुख्ता निवासी अमीर आलम 1985 में पहली बार थानाभवन से विधायक चुने गए थे। बाद में मोरना और फिर थानाभवन से विधायक रहे तथा उत्तर प्रदेश सरकार में परिवहन मंत्री भी बने।
1998 में कैराना लोकसभा सीट से सांसद चुने गए और बाद में राज्यसभा सदस्य रहे। उनके बेटे नवाजिश आलम 2012 में बुढ़ाना विधानसभा सीट से विधायक चुने गए थे। दोनों जनवरी 2025 में रालोद छोड़कर फरवरी 2025 में चंद्रशेखर आजाद की मौजूदगी में आसपा में शामिल हुए थे। नवाजिश आलम ने सोशल मीडिया पर पोस्ट डालकर पार्टी छोड़ने का ऐलान किया है। जिलाध्यक्ष प्रदीप कुमार का कहना है कि दोनों ने पार्टी छोड़ दी है।
1998 में कैराना लोकसभा सीट से सांसद चुने गए और बाद में राज्यसभा सदस्य रहे। उनके बेटे नवाजिश आलम 2012 में बुढ़ाना विधानसभा सीट से विधायक चुने गए थे। दोनों जनवरी 2025 में रालोद छोड़कर फरवरी 2025 में चंद्रशेखर आजाद की मौजूदगी में आसपा में शामिल हुए थे। नवाजिश आलम ने सोशल मीडिया पर पोस्ट डालकर पार्टी छोड़ने का ऐलान किया है। जिलाध्यक्ष प्रदीप कुमार का कहना है कि दोनों ने पार्टी छोड़ दी है।
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टिकट का पेच, सांसद ने किया इंकार
आसपा के थानाभवन विधानसभा सीट के प्रभारी मौसम अली राव का कहना है कि अमीर आलम और नवाजिश आलम जब पार्टी में शामिल हुए थे, तब उन्होंने मुजफ्फरनगर जिले की बुढ़ाना विधानसभा सीट से टिकट की इच्छा जताई थी। उनकी इच्छा पर ही उन्हें पार्टी में शामिल कराया गया था। बाद में नवाजिश थानाभवन विधानसभा सीट से टिकट की मांग करने लगे। मौसम अली राव ने कहा कि वह पिछले दो वर्षों से थानाभवन विधानसभा क्षेत्र में पार्टी प्रत्याशी के रूप में तैयारी कर रहे हैं। उनके अनुसार, पार्टी छोड़ने का यह भी एक कारण हो सकता है।
आसपा के थानाभवन विधानसभा सीट के प्रभारी मौसम अली राव का कहना है कि अमीर आलम और नवाजिश आलम जब पार्टी में शामिल हुए थे, तब उन्होंने मुजफ्फरनगर जिले की बुढ़ाना विधानसभा सीट से टिकट की इच्छा जताई थी। उनकी इच्छा पर ही उन्हें पार्टी में शामिल कराया गया था। बाद में नवाजिश थानाभवन विधानसभा सीट से टिकट की मांग करने लगे। मौसम अली राव ने कहा कि वह पिछले दो वर्षों से थानाभवन विधानसभा क्षेत्र में पार्टी प्रत्याशी के रूप में तैयारी कर रहे हैं। उनके अनुसार, पार्टी छोड़ने का यह भी एक कारण हो सकता है।
वहीं, पूर्व सांसद अमीर आलम ने इसको बेबुनियाद बताया। उन्होंने कहा कि वह या उनका बेटा जिस भी विधानसभा सीट से चुनाव लड़ना चाहते, वहां से चुनाव लड़ सकते थे। उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी अध्यक्ष चंद्रशेखर आजाद न तो उनसे मुलाकात करते थे और न ही फोन रिसीव करते थे। इसके चलते उनका पार्टी से मोहभंग हो रहा था।
शामली और थानाभवन पर राजनीतिक दलों की नजर
2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर शामली और थानाभवन सीटों पर विभिन्न दलों की सक्रियता बढ़ रही है। थानाभवन में रालोद के विधायक अशरफ अली हैं। वहीं, अन्य दलों में भी संभावित प्रत्याशियों को लेकर दावेदारी शुरू हो गई है। कांग्रेस और सपा के बीच गठबंधन को लेकर भी राजनीतिक गतिविधियां जारी हैं और दोनों सीटों पर गठबंधन के संभावित समीकरणों पर नजर है।
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2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर शामली और थानाभवन सीटों पर विभिन्न दलों की सक्रियता बढ़ रही है। थानाभवन में रालोद के विधायक अशरफ अली हैं। वहीं, अन्य दलों में भी संभावित प्रत्याशियों को लेकर दावेदारी शुरू हो गई है। कांग्रेस और सपा के बीच गठबंधन को लेकर भी राजनीतिक गतिविधियां जारी हैं और दोनों सीटों पर गठबंधन के संभावित समीकरणों पर नजर है।
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