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फर्जी लाइसेंस पर दो राइफल और दो पिस्टल

Tue, 12 Mar 2019 02:03 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Tue, 12 Mar 2019 02:03 AM IST
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फर्जी लाइसेंस पर दो राइफल और दो पिस्टल
- क्राइम ब्रांच ने दौराला में छापा मारा, दो आरोपी गिरफ्तार
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- डीएम ऑफिस से लाइसेंस का खंगाला जा रहा रिकॉर्ड
- देर रात तक चलती रही जांच, आज हो सकता है खुलासा

मेरठ/दौराला।
फर्जी लाइसेंस पर एक घर में दो राइफल और दो पिस्टल रखने का सोमवार को दौराला पुलिस व क्राइम ब्रांच ने भंडाफोड़ किया। पुलिस ने अवैध असलहे कब्जे में लेकर दो आरोपियों को गिरफ्तार किया। देर रात तक पुलिस जांच पड़ताल में जुटी थी। डीएम ऑफिस में भी इसका रिकार्ड खंगाला जा रहा है।
मामला दौराला थानाक्षेत्र के एक गांव का है। मुखबिर की सूचना पर दौराला थाना पुलिस और क्राइम ब्रांच टीम ने एक घर में छापा मारा। पुलिस का दावा है कि फर्जी लाइसेंस बनाकर रणपाल गुर्जर दो राइफल और दो पिस्टल रखे था। पुलिस ने तलाशी के दौरान अवैध असलहे कब्जे में ले लिए। दो युवकों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। सवाल उठता कि फर्जी लाइसेंस पर आरोपी ने अवैध असलहा कैसे खरीदा। पुलिस कभी जांच करने भी नहीं गई। इसको लेकर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। एसपी सिटी अखिलेश नारायण सिंह के मुताबिक डीएम ऑफिस से इस लाइसेंस की जांच कराई जा रही है।
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भारी मात्रा में मिले कारतूस
पुलिस के मुताबिक फर्जी असलहों के साथ काफी संख्या में कारतूस भी बरामद हुए हैं। बताया जा रहा है कि फर्जी लाइसेंस पर एक नंबर में आरोपियों ने कारतूस लिए हैं। यहां भी सवाल उठता है कि कारतूस देने वाले दुकानदार ने भी लाइसेंस की जांच नहीं की या वह भी चूक गए। पुलिस का दावा कि मंगलवार को इसका खुलासा किया जाएगा।
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दूसरे राज्यों में बनते हैं फर्जी लाइसेंस
एक साल पहले कोतवाली क्षेत्र में पूर्व सांसद के गनर का लाइसेंस भी फर्जी मिला था। पुलिस ने लाइसेंस कब्जे में लेकर गनर को जेल भेजा था। उसको जांच के दौरान तत्कालीन एसएसपी मंजिल सैनी ने पकड़ा था। इसके बाद दो अप्रैल 2018 को तीन लोगों से अवैध असलहे बरामद हुए थे। जा ेकि फर्जी लाइसेंस पर चलने बताए थे। यह सभी लाइसेंस जम्मू कश्मीर या दूसरे राज्यों में साठगांठ से बनाए गए थे। पुलिस ने नेताओं के साथ चलने वाले गनर की जांच करने की बात कहीं थी। लेकिन अभियान नहीं चल सका।
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