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सरकारी कृषि पटटे पर अपना हक जताया
Updated Wed, 03 Jan 2018 07:45 PM IST
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सरूरपुर।
ग्राम हर्रा निवासी इमरान पुत्र फतेह मोहम्मद के नाम लगभग दस साल पहले सरकारी कृषि पट्टे की लगभग चार बीघा भूमि का आंवटन हुआ था। इसके कुछ समय बाद कस्बे के ही पूर्व प्रधान ताहिर के भांजे आरिफ पुत्र अब्दुल वहीद को करीब ढाई लाख रुपये में बेच दिया। हालांकि उक्त जमीन सरकारी होने के कारण उसका बैनामा आरिफ के नाम नहीं हो सका। हालांकि आरिफ ने उस पट्टे का एग्रीमेंट रजिस्ट्रार के यहां करा लिया था। इसके बाद से आज तक उक्त जमीन पर आरिफ काबिज है। अब मामले में नया मोड़ आ गया। इमरान पुत्र फतेह मोहम्मद ने लालच में आकर अब फिर से कस्बे के ही मुस्तकीम पुत्र हसरत, नफीस पुत्र ताहिर एवं दीन मोहम्मद पुत्र रफीक को मात्र डेढ़ लाख रुपये में फिर से पट्टा बेच दिया। इसका उक्त पट्टा धारक ने तीनों के नाम पर बैनामा कर दिया। जिसके बाद बैनामा अपने नाम होने के कारण मुस्तकीम आदि ने उक्त जमीन पर खड़ी आरिफ की गेहूं की फसल तहस-नहस कर दी। इसे लेकर दोनों पक्षों में तनातनी हो गई। दोनों पक्षों में हाथापाई हो गई। सूचना पाकर सौ नंबर एवं थाना पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों पक्षों को थाने ले आई। वहीं, काफी संख्या में ग्रामीण भी पहुंच गए और घंटों चली बहस के बाद दोनों पक्षों में कस्बे के गण्यमान्य लोगों की मौजूदगी में एसओ ऋषिपाल सिंह ने समझौता करा दिया।
मुख्य बातें
ग्राम हर्रा में एक व्यक्ति ने गांव के ही तीन लोगों को दोबारा बेच दिया पट्टा
पट्टे की भूमि पर खड़ी फसल जोत देने से दोनों पक्षों में तनाव
पुलिस ने दोनों पक्षों को थाने ले जाकर समझौता कराया
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ग्राम हर्रा निवासी इमरान पुत्र फतेह मोहम्मद के नाम लगभग दस साल पहले सरकारी कृषि पट्टे की लगभग चार बीघा भूमि का आंवटन हुआ था। इसके कुछ समय बाद कस्बे के ही पूर्व प्रधान ताहिर के भांजे आरिफ पुत्र अब्दुल वहीद को करीब ढाई लाख रुपये में बेच दिया। हालांकि उक्त जमीन सरकारी होने के कारण उसका बैनामा आरिफ के नाम नहीं हो सका। हालांकि आरिफ ने उस पट्टे का एग्रीमेंट रजिस्ट्रार के यहां करा लिया था। इसके बाद से आज तक उक्त जमीन पर आरिफ काबिज है। अब मामले में नया मोड़ आ गया। इमरान पुत्र फतेह मोहम्मद ने लालच में आकर अब फिर से कस्बे के ही मुस्तकीम पुत्र हसरत, नफीस पुत्र ताहिर एवं दीन मोहम्मद पुत्र रफीक को मात्र डेढ़ लाख रुपये में फिर से पट्टा बेच दिया। इसका उक्त पट्टा धारक ने तीनों के नाम पर बैनामा कर दिया। जिसके बाद बैनामा अपने नाम होने के कारण मुस्तकीम आदि ने उक्त जमीन पर खड़ी आरिफ की गेहूं की फसल तहस-नहस कर दी। इसे लेकर दोनों पक्षों में तनातनी हो गई। दोनों पक्षों में हाथापाई हो गई। सूचना पाकर सौ नंबर एवं थाना पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों पक्षों को थाने ले आई। वहीं, काफी संख्या में ग्रामीण भी पहुंच गए और घंटों चली बहस के बाद दोनों पक्षों में कस्बे के गण्यमान्य लोगों की मौजूदगी में एसओ ऋषिपाल सिंह ने समझौता करा दिया।
मुख्य बातें
ग्राम हर्रा में एक व्यक्ति ने गांव के ही तीन लोगों को दोबारा बेच दिया पट्टा
पट्टे की भूमि पर खड़ी फसल जोत देने से दोनों पक्षों में तनाव
पुलिस ने दोनों पक्षों को थाने ले जाकर समझौता कराया