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एक घंटे तक रखा ईस्टर्न पेरीफेरल एक्सप्रेस वे पर जाम
Updated Mon, 30 Jul 2018 05:56 PM IST
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ग्रामीणों ने एक घंटे जाम रखा ईस्टर्न पेरीफेरल एक्सप्रेस-वे
मुरादनगर। हिंडन नदी का पानी खेतों में भरने से गुस्साए तीन गांवों विहंग, नेकपुर और सरफाबाद के लोेगों ने रविवार को ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस-वे एक घंटे तक जाम कर हंगामा किया। उनका आरोप है कि एक्सप्रेस-वे निर्माण के दौरान कंपनी के अधिकारियों ने मलबा नदी में डाल दिया था। इस कारण नदी का पानी का खेतों में भर गया। एक्सप्रेस वे जाम की सूचना पर सीओ सदर पुलिस फोर्स के साथ पहुंचे और ग्रामीणों को समझाकर शांत किया। दूसरी ओर, प्रशासन ने हिंडन नदी से मलबा निकालने का काम शुरू करा दिया है।
मुरादनगर थाना क्षेत्र के विहंग गांव स्थित हिंडन नदी पर ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस-वे का पुल बना है। सर्विस मार्ग के लिए एक अस्थाई पुल का निर्माण किया गया। आरोप है कि पुल निर्माण के दौरान मलबा हिंडन में डाला गया। अधिक मलबा नदी में गिरने के कारण पानी का बहाव रुक गया। तेज बारिश के कारण नदी का पानी आसपास के इलाके में फैल गया। विहंग, नेकपुर और बागपत चांदीनगर थाना क्षेत्र के सर्फाबाद गांव के खेतों में पहुंच गया। यहां बाढ़ जैसे हालत हो गए। ग्रामीणों ने बताया कि खेतों में चार से पांच फीट तक पानी जमा है। तीनों गांवों की करीब तीन हजार बीघा से अधिक फसल खराब हो चुकी है।
बाइक खड़ी कर दोनों ओर लगाया जाम
ग्रामीणों का कहना है कि पुलिस-प्रशासन को खेतों में पानी भरने की सूचना दी गई थी। अधिकारियों से नदी से मलबा हटाने की मांग भी की थी, लेकिन अधिकारियों ने इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया। प्रशासन की अनदेखी से गुस्साए तीनों गांव के सैकड़ों लोग रविवार को विंहग के हिंडन नदी पुल के पास एकत्र हुए और एक्सप्रेस-वे के दोनोें ओर पर अपनी बाइक खड़ी कर जाम लगा दिया। एक्सप्रेस-वे पर बागपत से गाजियाबाद की ओर रविवार दोपहर करीब 12 बजे जाम लगाया। एक बजे तक वाहन रुके रहे। यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
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मलबा हटाने का काम शुरू होने पर हटे लोग
एक्सप्रेस-वे के सर्विस मार्ग का निर्माण कर रही कंपनी के अधिकारियों को तुरंत मलबा हटाने के आदेश दिए गए थे। हिंडन नदी से दो जेसीबी मशीन ने मलबा हटाने का काम शुरू किया था, इसके बाद ग्रामीण शांत हुए। तहसील प्रशासन को फसल के नुकसान के बारे में जानकारी दी गई है।
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मुरादनगर। हिंडन नदी का पानी खेतों में भरने से गुस्साए तीन गांवों विहंग, नेकपुर और सरफाबाद के लोेगों ने रविवार को ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस-वे एक घंटे तक जाम कर हंगामा किया। उनका आरोप है कि एक्सप्रेस-वे निर्माण के दौरान कंपनी के अधिकारियों ने मलबा नदी में डाल दिया था। इस कारण नदी का पानी का खेतों में भर गया। एक्सप्रेस वे जाम की सूचना पर सीओ सदर पुलिस फोर्स के साथ पहुंचे और ग्रामीणों को समझाकर शांत किया। दूसरी ओर, प्रशासन ने हिंडन नदी से मलबा निकालने का काम शुरू करा दिया है।
मुरादनगर थाना क्षेत्र के विहंग गांव स्थित हिंडन नदी पर ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस-वे का पुल बना है। सर्विस मार्ग के लिए एक अस्थाई पुल का निर्माण किया गया। आरोप है कि पुल निर्माण के दौरान मलबा हिंडन में डाला गया। अधिक मलबा नदी में गिरने के कारण पानी का बहाव रुक गया। तेज बारिश के कारण नदी का पानी आसपास के इलाके में फैल गया। विहंग, नेकपुर और बागपत चांदीनगर थाना क्षेत्र के सर्फाबाद गांव के खेतों में पहुंच गया। यहां बाढ़ जैसे हालत हो गए। ग्रामीणों ने बताया कि खेतों में चार से पांच फीट तक पानी जमा है। तीनों गांवों की करीब तीन हजार बीघा से अधिक फसल खराब हो चुकी है।
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बाइक खड़ी कर दोनों ओर लगाया जाम
ग्रामीणों का कहना है कि पुलिस-प्रशासन को खेतों में पानी भरने की सूचना दी गई थी। अधिकारियों से नदी से मलबा हटाने की मांग भी की थी, लेकिन अधिकारियों ने इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया। प्रशासन की अनदेखी से गुस्साए तीनों गांव के सैकड़ों लोग रविवार को विंहग के हिंडन नदी पुल के पास एकत्र हुए और एक्सप्रेस-वे के दोनोें ओर पर अपनी बाइक खड़ी कर जाम लगा दिया। एक्सप्रेस-वे पर बागपत से गाजियाबाद की ओर रविवार दोपहर करीब 12 बजे जाम लगाया। एक बजे तक वाहन रुके रहे। यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
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मलबा हटाने का काम शुरू होने पर हटे लोग
एक्सप्रेस-वे के सर्विस मार्ग का निर्माण कर रही कंपनी के अधिकारियों को तुरंत मलबा हटाने के आदेश दिए गए थे। हिंडन नदी से दो जेसीबी मशीन ने मलबा हटाने का काम शुरू किया था, इसके बाद ग्रामीण शांत हुए। तहसील प्रशासन को फसल के नुकसान के बारे में जानकारी दी गई है।