{"_id":"5a8710aa4f1c1ba3378b4627","slug":"15188012753-kithor-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"एसडीएम ने गांव कौल में शिकायत पर जांच व थाना का निरिक्षण किया","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
एसडीएम ने गांव कौल में शिकायत पर जांच व थाना का निरिक्षण किया
Updated Fri, 16 Feb 2018 10:41 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अमर उजाला ब्यूरो
खरखौदा।
एसडीएम सदर गांव में 40 वर्षों से दो पक्षों में चल रहे जमीनी विवाद की जांच के लिए शुक्रवार को पहुंची। इसके बाद थाने का निरीक्षण किया। उन्होंने अभिलेखों के रखरखाव, हवालात एवं ऑनलाइन जीडी की जांच की। इसके बाद 25 फरवरी को मेरठ जागृति विहार योजना में आरएसएस के राष्ट्रोदय कार्यक्रम में शामिल होने वाले स्वयंसेवकों के लिए गांव कैली में खाने की व्यवस्था की भी जांच की।
गांव कौल में करीब 40 वर्ष पहले त्यागी समाज के किसानों की जमीन सीलिंग में आ गयी थी। किसानों ने बाद में अपने अभिलेख प्रस्तुत किए तथा इलाहाबाद हाईकोर्ट से प्रदेश सरकार के खिलाफ स्टे ले लिया था। बाद में चकबंदी आई तो शासन द्वारा उक्त जमीन पर दलितों के पट्टे काट दिये। हालांकि उक्त जमीन पर कब्जा त्यागी समाज का ही चला आ रहा था। कुछ समय पहले दलित समाज ने अपने पट्टों पर कब्जों की कार्रवाई की शुरुआत की। इस मामले में एसडीएम कोर्ट में अपनी शिकायत रखी। दोनों पक्षों ने उक्त जमीन पर कब्जा बताकर जमीन पर खड़ी गन्ने की फसल अपना बताया। दो दिन पहले त्यागी समाज जब खेत में गन्ने की फसल काटने पहुंचे तो दलित पक्ष भी गन्ने की फसल को अपना बताकर काटने लगे, लेकिन दोनों पक्षों में विरोध होने लगा। दोनों पक्षों ने फिर एसडीएम के यहां पर शिकायत की। शुक्रवार को एसडीएम सदर निशा अनंत जांच के लिए गांव कौल पहुंची। जिसमें एसडीएम ने दोनों पक्षों से उक्त जमीन के कागजातों की मांग की। जिसमें त्यागी समाज के किसानों ने अपने कागजात पेश कर दिए तथा हाईकोर्ट का स्टे भी दिखा दिया। दलित पक्ष कोई भी कागजात नहीं दिखा सके। एसडीएम ने दलित पक्ष ने एक सप्ताह में अपने कागजात दिखाने की बात कही तथा त्यागी समाज से एक सप्ताह तक फसल में कोई छेड़छाड़ न करने की हिदायत दी। बाद में एसडीएम थाना खरखौदा पहुंची तथा निरीक्षण किया। एसडीएम यहां अभिलेखों की जांच एवं रखरखाव, ऑनलाइन जीडी एवं एफआईआर की भी जानकारी ली। इसके बाद एसडीएम ने हवालात में बंद बंदियों से भी पूछताछ की तथा मेस एवं बैरक की जांच की। थानाध्यक्ष ने थाना की पुरानी जर्जर बिल्डिंग के निस्तारण एवं नई बिल्डिंग के निर्माण की भी मांग की। वहीं 25 फरवरी को मेरठ के जागृति विहार में होने वाले आर एसएस के राष्ट्रोदय कार्यक्रम में हिस्सा लेने जाते स्वयंसेवकों के लिए गांव कैली में खाने की व्यवस्था की जानी है। एसडीएम ने आरएसएस के कार्यकर्ताओं के साथ गांव कैली में उक्त स्थल की भी जांच की व पार्किंग स्थल का निरीक्षण किया। इस मौके पर केंद्र प्रमुख बलराज सिंह, रोड प्रमुख प्रताप सिंह, ओमपाल सिंह, राजकुमार, अनिल लाला सहित कई लोग मौजूद रहे।
मुख्य बातें
थाने पहुंचकर अभिलेखों का रखरखाव एवं ऑनलाइन जीडी की जांच की
आरएसएस के समागम की खातिर बनाए पार्किंग स्थल का निरीक्षण किया
विज्ञापन
खरखौदा।
एसडीएम सदर गांव में 40 वर्षों से दो पक्षों में चल रहे जमीनी विवाद की जांच के लिए शुक्रवार को पहुंची। इसके बाद थाने का निरीक्षण किया। उन्होंने अभिलेखों के रखरखाव, हवालात एवं ऑनलाइन जीडी की जांच की। इसके बाद 25 फरवरी को मेरठ जागृति विहार योजना में आरएसएस के राष्ट्रोदय कार्यक्रम में शामिल होने वाले स्वयंसेवकों के लिए गांव कैली में खाने की व्यवस्था की भी जांच की।
गांव कौल में करीब 40 वर्ष पहले त्यागी समाज के किसानों की जमीन सीलिंग में आ गयी थी। किसानों ने बाद में अपने अभिलेख प्रस्तुत किए तथा इलाहाबाद हाईकोर्ट से प्रदेश सरकार के खिलाफ स्टे ले लिया था। बाद में चकबंदी आई तो शासन द्वारा उक्त जमीन पर दलितों के पट्टे काट दिये। हालांकि उक्त जमीन पर कब्जा त्यागी समाज का ही चला आ रहा था। कुछ समय पहले दलित समाज ने अपने पट्टों पर कब्जों की कार्रवाई की शुरुआत की। इस मामले में एसडीएम कोर्ट में अपनी शिकायत रखी। दोनों पक्षों ने उक्त जमीन पर कब्जा बताकर जमीन पर खड़ी गन्ने की फसल अपना बताया। दो दिन पहले त्यागी समाज जब खेत में गन्ने की फसल काटने पहुंचे तो दलित पक्ष भी गन्ने की फसल को अपना बताकर काटने लगे, लेकिन दोनों पक्षों में विरोध होने लगा। दोनों पक्षों ने फिर एसडीएम के यहां पर शिकायत की। शुक्रवार को एसडीएम सदर निशा अनंत जांच के लिए गांव कौल पहुंची। जिसमें एसडीएम ने दोनों पक्षों से उक्त जमीन के कागजातों की मांग की। जिसमें त्यागी समाज के किसानों ने अपने कागजात पेश कर दिए तथा हाईकोर्ट का स्टे भी दिखा दिया। दलित पक्ष कोई भी कागजात नहीं दिखा सके। एसडीएम ने दलित पक्ष ने एक सप्ताह में अपने कागजात दिखाने की बात कही तथा त्यागी समाज से एक सप्ताह तक फसल में कोई छेड़छाड़ न करने की हिदायत दी। बाद में एसडीएम थाना खरखौदा पहुंची तथा निरीक्षण किया। एसडीएम यहां अभिलेखों की जांच एवं रखरखाव, ऑनलाइन जीडी एवं एफआईआर की भी जानकारी ली। इसके बाद एसडीएम ने हवालात में बंद बंदियों से भी पूछताछ की तथा मेस एवं बैरक की जांच की। थानाध्यक्ष ने थाना की पुरानी जर्जर बिल्डिंग के निस्तारण एवं नई बिल्डिंग के निर्माण की भी मांग की। वहीं 25 फरवरी को मेरठ के जागृति विहार में होने वाले आर एसएस के राष्ट्रोदय कार्यक्रम में हिस्सा लेने जाते स्वयंसेवकों के लिए गांव कैली में खाने की व्यवस्था की जानी है। एसडीएम ने आरएसएस के कार्यकर्ताओं के साथ गांव कैली में उक्त स्थल की भी जांच की व पार्किंग स्थल का निरीक्षण किया। इस मौके पर केंद्र प्रमुख बलराज सिंह, रोड प्रमुख प्रताप सिंह, ओमपाल सिंह, राजकुमार, अनिल लाला सहित कई लोग मौजूद रहे।
विज्ञापन
मुख्य बातें
थाने पहुंचकर अभिलेखों का रखरखाव एवं ऑनलाइन जीडी की जांच की
आरएसएस के समागम की खातिर बनाए पार्किंग स्थल का निरीक्षण किया