{"_id":"59d0016c4f1c1b78548b51ad","slug":"101506804076-meerut-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"जैदी फार्म में गुलाब के फूलों के ऊपर से गुजरा जुलजनाह","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जैदी फार्म में गुलाब के फूलों के ऊपर से गुजरा जुलजनाह
Updated Sun, 01 Oct 2017 02:11 AM IST
विज्ञापन
मेरठ। मुहर्रम की नौवीं तारीख शनिवार को जैदी सोसायटी में जहीर आलम अंजुम के अजाखाने पंजेतनी पार्क से जुलजुनाह और अलम-ए-मुबारक बरामद हुआ। रास्ते में गुलाब के फूलों के ऊपर से जुलजुनाह गुजरा। हुसैनी सोगवार जुलजुनाह की जियारत के लिए उमड़ पड़े।
इमामबारगाह में मौलाना अम्मार हैदर रिजवी ने हजरत इमाम हुसैन के किरदार पर रोशनी डाली और जुलजुनाह की वफादारी बयां की। महताब अली, शाकिर अली, अली हैदर रिजवी, शमशाद अली जैदी, शबाब जैदी, जिशान, हैदर अब्बास आदि शामिल रहे। घंटाघर इमामबारगाह मनसबिया में आयोजित मजलिस में मौलाना तहजीब उल हसन ने कहा कि ये अलम हजरत इमाम हुसैन की फतह की पहचान बना हुआ है। मजलिस के बाद अलम हजरत अब्बास बरामद हुआ। इसमें अंजुमन इमामिया के वाजिद अली गप्पू, रविश मीसम ने दर्द भरे नौहे पढ़े। डॉ. सैय्यद इकबाल हुसैन मरहूम के अजाखाने हुसैनाबाद में मौलाना हामिद हुसैन ने खिताब किया। अंजुमन के इमामिया के नौहेख्वानों एवं अंजुमन दस्ताए हुसैनी के जिया जैदी, गिजाल रजा ने अपने साथियों के साथ गमगीन नौहे पढ़े। आयोजन शाह अब्बास ने किया। सेक्टर-4 शास्त्रीनगर स्थित शाहजलाल हॉल से मौलाना अमीर आलम की तकरीर के बाद गश्ती जुलूस जुलजुनाह बरामद हुआ। रईस हुसैन के अजाखाने जैदी चौक से जुलूस अलम-ए-मुबारक बरामद होकर दरबार ए हुसैनी पहुंचा। इसमें हुसैनी सोगवारों ने मातमपुरसी की।
लालकुर्ती में ताजियों एवं चौकियों का गश्त
लालकुर्ती के मार्गों में ताजियों एवं चौकियों का गश्त हुआ। यहां इस्लामी मदरसा बड़ा बाजार से सुन्नी समुदाय के लोगों द्वारा चौकियों का जुलूस ढोल ताशों के बीच और कड़ी सुरक्षा व्यवस्था में प्रारंभ हुआ। शाहनवाज ने बताया कि क्षेत्र के अलग-अलग मोहल्लों के युवकों और बच्चों ने 14 छोटी-बड़ी चौकियां तैयार कीं। बड़ा बाजार से जुलूस छोटा बाजार, फव्वारा चौक से होता हुआ पैठ एरिया से बेगमपुल पहुंचकर रात में लालकुर्ती आया। चौकियों का बड़ा जुलूस आज रविवार रात में लालकुर्ती से प्रारंभ होकर ईदगाह चौराहा दिल्ली रोड तक जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
इमामबारगाह में मौलाना अम्मार हैदर रिजवी ने हजरत इमाम हुसैन के किरदार पर रोशनी डाली और जुलजुनाह की वफादारी बयां की। महताब अली, शाकिर अली, अली हैदर रिजवी, शमशाद अली जैदी, शबाब जैदी, जिशान, हैदर अब्बास आदि शामिल रहे। घंटाघर इमामबारगाह मनसबिया में आयोजित मजलिस में मौलाना तहजीब उल हसन ने कहा कि ये अलम हजरत इमाम हुसैन की फतह की पहचान बना हुआ है। मजलिस के बाद अलम हजरत अब्बास बरामद हुआ। इसमें अंजुमन इमामिया के वाजिद अली गप्पू, रविश मीसम ने दर्द भरे नौहे पढ़े। डॉ. सैय्यद इकबाल हुसैन मरहूम के अजाखाने हुसैनाबाद में मौलाना हामिद हुसैन ने खिताब किया। अंजुमन के इमामिया के नौहेख्वानों एवं अंजुमन दस्ताए हुसैनी के जिया जैदी, गिजाल रजा ने अपने साथियों के साथ गमगीन नौहे पढ़े। आयोजन शाह अब्बास ने किया। सेक्टर-4 शास्त्रीनगर स्थित शाहजलाल हॉल से मौलाना अमीर आलम की तकरीर के बाद गश्ती जुलूस जुलजुनाह बरामद हुआ। रईस हुसैन के अजाखाने जैदी चौक से जुलूस अलम-ए-मुबारक बरामद होकर दरबार ए हुसैनी पहुंचा। इसमें हुसैनी सोगवारों ने मातमपुरसी की।
विज्ञापन
लालकुर्ती में ताजियों एवं चौकियों का गश्त
लालकुर्ती के मार्गों में ताजियों एवं चौकियों का गश्त हुआ। यहां इस्लामी मदरसा बड़ा बाजार से सुन्नी समुदाय के लोगों द्वारा चौकियों का जुलूस ढोल ताशों के बीच और कड़ी सुरक्षा व्यवस्था में प्रारंभ हुआ। शाहनवाज ने बताया कि क्षेत्र के अलग-अलग मोहल्लों के युवकों और बच्चों ने 14 छोटी-बड़ी चौकियां तैयार कीं। बड़ा बाजार से जुलूस छोटा बाजार, फव्वारा चौक से होता हुआ पैठ एरिया से बेगमपुल पहुंचकर रात में लालकुर्ती आया। चौकियों का बड़ा जुलूस आज रविवार रात में लालकुर्ती से प्रारंभ होकर ईदगाह चौराहा दिल्ली रोड तक जाएगा।
विज्ञापन