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Mau News: 17 न्यायिक अधिकारियों पर 1.16 लाख मुकदमों का भार

Wed, 22 Nov 2023 12:13 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Wed, 22 Nov 2023 12:13 AM IST
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Load of 1.16 lakh cases on 17 judicial officers
मऊ। जिले में जिला एवं सत्र न्यायालय, परिवार न्यायालय और वाहन दुर्घटना अधिकरण सहित कुल 35 न्यायालय स्वीकृत हैं। इन 35 न्यायालयों में मात्र 17 न्यायालयों में न्यायिक अधिकारी कार्यरत हैं। वहीं, 18 न्यायालय रिक्त है। विभिन्न न्यायालयों में लगभग एक लाख 16 हजार से अधिक मुकदमे लंबित हैं।
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इसमें फौजदारी के 77652 मुकदमे, सिविल के 32439 मुकदमे, परिवार न्यायालय में 4212 मुकदमे तथा वाहन दुर्घटना के 1700 मुकदमे शामिल हैं। मुकदमों की संख्या को देखते हुए अधिवक्ताओं, वादकारियों ने उच्च न्यायालय से रिक्त सभी न्यायालयों में पीठासीन अधिकारियों की शीघ्र तैनाती की मांग की है। जिले में जिला एवं सत्र न्यायाधीश के अलावा सात अतिरिक्त सत्र न्यायालय है। इसमें दो फास्ट ट्रैक न्यायालय शामिल हैं।
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इसके अलावा, एससी/एसटी का एक न्यायालय, पाक्सो की तीन अदालत है। इसके अलावा, परिवार न्यायालय की तीन अदालत तथा वाहन दुर्घटना दावा अधिकरण की एक अदालत है। वहीं, निचली अदालत में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के अलावा सिविल जज सीनियर डिवीजन/एसीजेएम की तीन अदालत है। सिविल जज जूनियर डिवीजन सदर, मुहम्मदाबाद गोहाना, सिविल जज जूनियर डिवीजन फास्ट ट्रैक कोर्ट, न्यायिक मजिस्ट्रेट, न्यायिक मजिस्ट्रेट फास्ट ट्रैक कोर्ट महिलाओं से संबंधित अपराध के अलावा 9 अतिरिक्त सिविल जज जूनियर डिवीजन कोर्ट तथा एक ग्रामीण न्यायालय, एक विशेष न्यायिक मजिस्ट्रेट और एक किशोर न्यायालय स्वीकृत है।
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एडीजे के 2, एडीजे फास्ट ट्रैक की एक, पाक्सो की दो तथा परिवार न्यायालय की एक अदालत रिक्त चल रही हैं। वहीं, एसीजेएम की एक, सिविल जज जूनियर डिवीजन फास्ट ट्रैक की एक, अतिरिक्त सिविल जज जूनियर डिवीजन की नौ अदालत रिक्त है। इसके अलावा, विशेष न्यायिक मजिस्ट्रेट और किशोर न्यायालय में भी पूर्णकालिक अधिकारी नहीं है। पीठासीन अधिकारियों की तैनाती न होने से मुकदमों की सुनवाई में विलंब होना स्वाभाविक है।

रिक्त अदालतों में न्यायिक अधिकारियों की तैनाती को लेकर मुख्य न्यायाधीश उच्च न्यायालय इलाहाबाद से एक प्रतिनिधिमंडल मिला था। उन्होंने आश्वासन दिया लेकिन अभी तक अदालत नहीं भरी। पुनः एक प्रतिनिधिमंडल उनसे मिलकर रिक्त अदालतों में पीठासीन अधिकारी की नियुक्ति की मांग करेगा। - शमसुल हसन, अध्यक्ष सिविल कोर्ट सेंट्रल बार एसोसिएशन मऊ


जिले में स्वीकृत 35 अदालतों में 18 रिक्त हैं। वादकारियों को काफी परेशानी हो रही है। जल्द ही उच्च न्यायालय इलाहाबाद के मुख्य न्यायाधीश से रिक्त अदालतों में पीठासीन अधिकारियों की नियुक्ति की मांग को लेकर एक प्रतिनिधिमंडल मिलेगा। इस संबंध में पत्र भेजकर मिलने के लिए समय की मांग की गई है। - हरिद्वार राय, महामंत्री सिविल कोर्ट सेंट्रल बार एसोसिएशन, मऊ
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