हलधरपुर। थाना क्षेत्र के समोगर गांव निवासी एक अधेड़ ने आर्थिक तंगी से आजिज आकर घर में फंदा लगाकर आत्महत्या कर लिया। पुलिस ने मृतक का शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। अधेड़ मुंबई में रहकर कोई रोजगार करता था। लॉकडाउन के बाद घर आया और गांव में चाय पकौड़ा की दुकान करके आजीविका चलाने लगा। लेकिन उसकी दुकान चल नहीं सकी। इससे वह अवसाद में रहता था। गांव निवासी रवीन्द्र गुप्ता 42 पुत्र फूलचंद पहले मुंबई में रहकर सेल्स मैन का काम करता था। पांच माह पहले वह मुंबई से घर आया था। लॉकडाउन के वजह से वह मुंबई नहीं जा पाया। धीरे धीरे पूरा परिवार आर्थिक तंगी का शिकार होने लगा। वह अपने घर पर ही रहकर ब्रेड पकौड़ा, छोला की दुकान करने लगा। लेकिन दुकान नहीं चलने से घर का खर्चा नहीं चल पा रहा था। गांव वालों के अनुसार उसका परिवार आर्थिक तंगी में आ गया। बुधवार की सुबह उसका अपने भाइयों से कुछ विवाद हो गया। पूरे परिवार के लोग घर से बाहर चले गए। घर में अकेले रह गये अधेड़ ने टीन शेड वाले कमरे के बारजे में लगे हुक में प्लास्टिक की रस्सी में फंदा लगाकर आत्म हत्या कर लिया। कुछ देर बाद जब परिजन वापस आए तो उन्हें घटना की जानकारी हुई। लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। परिजनों ने आनन फानन ने पुलिस को सूचना दिया। मौके पर पहुंची पुलिस ने लाश को पोस्ट मार्टम के लिए भेज दिया। रवींद्र की मौत से उसकी पत्नी संजू गुप्ता, बेटे रोहित 14 , मोहित 12, पिता फूलचंद गुप्ता, माता शिवकुमारी देवी, छोटे भाई महेंद्र गुप्ता, हरिन्द्र का रो रोकर बुरा हाल रहा। मृतक के परिवार वालों का कहना था कि दुकान न चलने से आमदनी न होने से रवींद्र विचलित रहता था।