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जांच में सामने आई गड़बड़ी, तीन गांवों का आेडीएफ निरस्त िकया
mau
Updated Sun, 28 Oct 2018 10:48 PM IST
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स्वच्छ भारत मिशन योजना के जिले में बेस लाइन सर्वे 2012 के अनुसार एक लाख 69 हजार 193 शौचालयों का निर्माण किया जाना था। लेकिन ग्राम प्रधानों, सेक्रेटरियों और कुछ लाभार्थियों की लापरवाही के चलते सभी गांव नियत समय पर ओडीएफ नहीं हो सके। इनमें से कुछ गांवों की क्रास चेकिंग आजमगढ़ मंडल के उप निदेशक पंचायत जयदीप त्रिपाठी ने कराई, वास्तविकता में काफी अंतर मिलने पर तीन गांव भागमलपुर, अमरपुर और कहिनौर का ओडीएफ निरस्त कर दिया गया। उधर, बेस लाइन सर्वे 2011 और हाल के छह वर्षों में पात्रों की संख्या भी बढ़ गई।
जिले को दो अक्तूबर तक ओडीएफ घोषित करने के लिए प्रशासन द्वारा ग्राम प्रधानों को नोटिस देने और सेक्रेटरियों के निलंबन के बाद भी अपेक्षित तेजी नहीं आ सकी । इसके चलते अभी भी एक लाख से अधिक परिवार शौचालयों से वंचित हैं। शौचालयों के निर्माण के लिए 14वें वित्त आयोग और राज्य वित्त आयोग की ओर से 2 अरब 18 करोड़ 61 लाख 57 हजार रुपये इस योजना के लाभार्थियों को दिए जा चुके हैं। रुपये पाने के बाद भी शौचालय निर्माण न कराने वाले छह लाभार्थियों के विरुद्ध एफआईआर भी दर्ज कराई गई है।
जिले में कुल नौ ब्लाकों 92 न्याय पंचायतों के 1641 राजस्व गांवों को ओडीएफ बनाने के लिए लाभार्थियों का चयन बेस लाइन सर्वे 2012 की सूची के अनुसार एक लाख 69 हजार 193 परिवारों का चयन किया गया था। इनमें से केवल एक लाख नौ हजार आठ सौ 24 शौचालयों की अपलोडिंग नौ अक्टूबर तक हो पाई थी। लाभार्थियों, ग्राम प्रधानों और सेक्रेटरियों की लापरवाही के चलते निर्धारत समय तक 53 हजार 369 शौचालयों का निर्माण तय समय पर पूरा नहीं हो पाया। इनके अलावा बेस लाइन सर्वे 2011 तथा हाल के छह वर्षों में गाइड लाइन के तहत और 53 हजार 405 परिवार बढ़ गए। शासन से इन परिवारों के शौचालयों के निर्माण के लिए जिले को14वें वित्त आयोग से 16588 .29 लाख तथा राज्य वित्त आयोग से 5273.28 लाख रुपये सहित मिलाकर कुल 21861.57 लाख रुपये दिए। इसके बावजूद भी 2 अक्तूृबर तक जिला ओडीएफ घोषित नहीं हो सका।
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जिले को दो अक्तूबर तक ओडीएफ घोषित करने के लिए प्रशासन द्वारा ग्राम प्रधानों को नोटिस देने और सेक्रेटरियों के निलंबन के बाद भी अपेक्षित तेजी नहीं आ सकी । इसके चलते अभी भी एक लाख से अधिक परिवार शौचालयों से वंचित हैं। शौचालयों के निर्माण के लिए 14वें वित्त आयोग और राज्य वित्त आयोग की ओर से 2 अरब 18 करोड़ 61 लाख 57 हजार रुपये इस योजना के लाभार्थियों को दिए जा चुके हैं। रुपये पाने के बाद भी शौचालय निर्माण न कराने वाले छह लाभार्थियों के विरुद्ध एफआईआर भी दर्ज कराई गई है।
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जिले में कुल नौ ब्लाकों 92 न्याय पंचायतों के 1641 राजस्व गांवों को ओडीएफ बनाने के लिए लाभार्थियों का चयन बेस लाइन सर्वे 2012 की सूची के अनुसार एक लाख 69 हजार 193 परिवारों का चयन किया गया था। इनमें से केवल एक लाख नौ हजार आठ सौ 24 शौचालयों की अपलोडिंग नौ अक्टूबर तक हो पाई थी। लाभार्थियों, ग्राम प्रधानों और सेक्रेटरियों की लापरवाही के चलते निर्धारत समय तक 53 हजार 369 शौचालयों का निर्माण तय समय पर पूरा नहीं हो पाया। इनके अलावा बेस लाइन सर्वे 2011 तथा हाल के छह वर्षों में गाइड लाइन के तहत और 53 हजार 405 परिवार बढ़ गए। शासन से इन परिवारों के शौचालयों के निर्माण के लिए जिले को14वें वित्त आयोग से 16588 .29 लाख तथा राज्य वित्त आयोग से 5273.28 लाख रुपये सहित मिलाकर कुल 21861.57 लाख रुपये दिए। इसके बावजूद भी 2 अक्तूृबर तक जिला ओडीएफ घोषित नहीं हो सका।
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