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दुबई से रची थी अमरनाथ की हत्या की साजिश
mau
Updated Tue, 12 Jun 2018 12:41 AM IST
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घोसी कोतवाली पुलिस द्वारा मोहम्मदपुर हसन पुर निवासी अमरनाथ यादव को गोली मारने के आरोप में गिरफ्तार सुनील यादव।
- फोटो : mau
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क्षेत्र के मोहम्मदपुर हसनपुर गांव निवासी अमरनाथ यादव को गोली मारने की घटना का खुलासा सोमवार को पुलिस ने कर दिया। सीआे घोसी अनिल कुमार ने प्रेस वार्ता में बताया कि गोली मारने की घटना में नामजद आरोपी सुनील यादव को थानीदास मोड़ से रविवार की शाम को पुलिस ने गिरफ्तार किया। आरोपी ने बताया कि अमरनाथ की हत्या की साजिश विदेश में रह रहे उसी के गांव के उदयनारायण यादव ने रची थी। लेकिन संयोग से अमरनाथ बच गया।
सीओ ने कहा कि उदयनारायण यादव ग्राम प्रधान का चुनाव लड़ने के समय से ही उदयनारायण अमरनाथ से रंजिश रखता है। उदयनारायण ने ही इस साजिश में सुनील को मिलाया। सुनील की भी अमरनाथ से रंजिश थी। क्योंकि सुनील की पत्नी से अमरनाथ अकेले में बात करता था। उसे अमरनाथ के चरित्र पर शंका थी। सुनील भी अमरनाथ को ठिकाने लगाने के लिए उदय नारायण की मुहिम में शामिल हो गया। सुनील ने उदयनारायन से बात किया तो उसने दो शूटरों को रुपये देकर अमरनाथ को गोली मारने की बात पक्की कर दी। आठ मई को जब शूटर धुरई नगर पहुंच गए तो जानकारी होने पर सुनील ने अमरनाथ को कई बार मोबाइल से फोन कर धुरई नगर चट्टी पर बुलाया। अमरनाथ जब वहां पहुंचा तो सुनील ने अमरनाथ को शूटरों को पहचनवा दिया। तभी एक नए असलहे से शूटर ने अमरनाथ के सिर में गोली मार दी। पास से गोली मारने के कारण गोली टूट कर सिर की हड्डी में फंस गई।
सीओ ने कहा कि अगर गोली सिर के अंदर से निकल गई होती तो अमरनाथ की जान बचनी मुश्किल हो जाती। घायल का आपरेशन वाराणसी के एक निजी अस्पताल में करके गोली निकाली गई। एसपी ने सुनील की गिरफ्तारी पर पुलिस टीम को पांच हजार रुपये का पुरस्कार देने की घोषणा की है और दो शूटरों की गिरफ्तारी के प्रयास में जुटी है।
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सीओ ने कहा कि उदयनारायण यादव ग्राम प्रधान का चुनाव लड़ने के समय से ही उदयनारायण अमरनाथ से रंजिश रखता है। उदयनारायण ने ही इस साजिश में सुनील को मिलाया। सुनील की भी अमरनाथ से रंजिश थी। क्योंकि सुनील की पत्नी से अमरनाथ अकेले में बात करता था। उसे अमरनाथ के चरित्र पर शंका थी। सुनील भी अमरनाथ को ठिकाने लगाने के लिए उदय नारायण की मुहिम में शामिल हो गया। सुनील ने उदयनारायन से बात किया तो उसने दो शूटरों को रुपये देकर अमरनाथ को गोली मारने की बात पक्की कर दी। आठ मई को जब शूटर धुरई नगर पहुंच गए तो जानकारी होने पर सुनील ने अमरनाथ को कई बार मोबाइल से फोन कर धुरई नगर चट्टी पर बुलाया। अमरनाथ जब वहां पहुंचा तो सुनील ने अमरनाथ को शूटरों को पहचनवा दिया। तभी एक नए असलहे से शूटर ने अमरनाथ के सिर में गोली मार दी। पास से गोली मारने के कारण गोली टूट कर सिर की हड्डी में फंस गई।
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सीओ ने कहा कि अगर गोली सिर के अंदर से निकल गई होती तो अमरनाथ की जान बचनी मुश्किल हो जाती। घायल का आपरेशन वाराणसी के एक निजी अस्पताल में करके गोली निकाली गई। एसपी ने सुनील की गिरफ्तारी पर पुलिस टीम को पांच हजार रुपये का पुरस्कार देने की घोषणा की है और दो शूटरों की गिरफ्तारी के प्रयास में जुटी है।
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