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कीट नियंत्रण के प्रति सतर्कता जरूरी
Updated Wed, 30 May 2018 12:00 AM IST
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बढुआ गोदाम (मऊ)। मानसून आने से पहले ही किसानों ने धान धान की नर्सरी डालना शुरू कर दिया है। कुछ किसानों ने तो संडा विधि से धान की रोपाई के लिए धान की नर्सरी डाल दिया है। भीषण गर्मी में नर्सरी पर प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़े इसके लिए किसानों को विशेष ध्यान देने की जरूरत है । धान का बीज भिगोने से लेकर खेत की तैयारी के साथ बीज के छिड़काव करने के साथ नर्सरी में रोग और कीट नियंत्रण को लेकर किसानो को सावधान रहना आवश्यक है। कृषि विज्ञान केंद्र पिलखी के वैज्ञानिक डा. एनपी सिंह बताते हैं कि नर्सरी डालने से पहले बीज को उपचारित करना आवश्यक हैं । बीज को उपचारित करने से बीज का अंकुरण ठीक होता साथ ही पौधो को झुलसा रोग से बचाया जा सकता है । बीज को उपचारित करने के लिए किसान एक किलो धान की बीज में दो से तीन ग्राम थीरम या कारबेनडाजिम दवा से धान की बीज शोधित कर सकते है। नर्सरी डालते समय किसान अपनी खेत की गहरी जुताई करने के साथ ही उसमे सडी हुई गोबर की खाद डालकर उसमे दो दिन तक पानी भर दें। किसान धान की बीज को 24 घंटे पानी में भिगोने के बाद धान की बीज को ठंडी जगह पर निकाल कर फैला दें । बीज से पानी को सुखा ले । खेत तैयार होने पर शाम के समय ठंडे मौसम में बीज को खेत में छिड़काव कर दें । नर्सरी में रोग और खरपतवार होने पर विशेषज्ञ की सलाह लेकर ही दवा का प्रयोग करें।
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