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लोकतंत्र को सबल बनाने के लिए लोकमत के परिष्कार की जरूरत
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स्वदेशी जागरण मंच की तरफ से नगर के डीसीएसके पीजी कालेज के सभागार में लोकमत संवाद का आयोजन किया गया। मुख्य अतिथि स्वदेशी जागरण मंच के राष्ट्रीय संगठक कश्मीरी लाल रहे।
इस मौके पर मुख्य अतिथि कश्मीरी लाल ने लोकमत के पांच आधार बताए, जिनको ध्यान में रखकर मत देना चाहिए। पहला ऐसा नेता और पार्टी जो आर्थिक समृद्धि की बाधाओं को कम कर विकास की गति को तेज करे। दूसरा विकास के लाभों से वंचित लोगों को विकास प्रक्रिया में समावेशित करे। तीसरा सड़क, रेल, जल, वायु, संचार आदि आधारभूत संरचना का विकास करने वाली पार्टी एवं नेता होना चाहिए। चौथा ऐसा नेता एवं पार्टी हो जो आंतरिक एवं बाह्य दोनों सुरक्षा सुनिश्चित करे। सेनाओं को अधिकार, हथियार और सुरक्षा उपकरणों से सुसज्जित करे। पांचवां नेता व पार्टी ऐसी हो जो देश की संस्कृति का संवर्धन एवं संरक्षण करें। इसके पश्चात प्रश्नोतर सत्र हुआ। लोगों ने वर्तमान समय की राजनीति में गिरावट पर खूब प्रश्न किया। लोगों ने कहा कि लोकमत के सुधार के बिना लोकतन्त्र का सही स्वरूप ऊभरकर आएगा। डॉ. चंद्र प्रकाश राय ने कहा कि लोकतंत्र को सबल बनाने के लिए लोकमत के सुधार की जरूरत है। अध्यक्षता करते हुए ललिता शास्त्री ने समाज और राजनीति की गिरावट चर्चा करते हुए कहा कि आज देश के टुकड़े-टुकड़े करने वाले लोग भी लोकतंत्र के महापर्व में चुनाव लड़ने के लिए खड़े हैं। ऐसे समय में सही जनप्रतिनिधि का चुनाव बड़ा महत्वपूर्ण हो जाता है। विशिष्ट अतिथि अजय कुमार ने कहा कि लोकतंत्र को मजबूत करने का एक ही उपाय है और वह है सौ प्रतिशत मतदान। मतदान प्रतिशत बढ़ाकर ही लोकतंत्र को सशक्त बनाया जा सकता है। डॉ. सर्वेश पांडेय ने कहा कि पार्टी, नेता और विचार का मूल्यांकन करने के बाद ही मत देना समाज हित में होगा। संगोष्ठी में रवीश तिवारी, बिंदुकांत, विजय प्रकाश चौहान, विपिन सिंह आदि उपस्थित रहे।
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इस मौके पर मुख्य अतिथि कश्मीरी लाल ने लोकमत के पांच आधार बताए, जिनको ध्यान में रखकर मत देना चाहिए। पहला ऐसा नेता और पार्टी जो आर्थिक समृद्धि की बाधाओं को कम कर विकास की गति को तेज करे। दूसरा विकास के लाभों से वंचित लोगों को विकास प्रक्रिया में समावेशित करे। तीसरा सड़क, रेल, जल, वायु, संचार आदि आधारभूत संरचना का विकास करने वाली पार्टी एवं नेता होना चाहिए। चौथा ऐसा नेता एवं पार्टी हो जो आंतरिक एवं बाह्य दोनों सुरक्षा सुनिश्चित करे। सेनाओं को अधिकार, हथियार और सुरक्षा उपकरणों से सुसज्जित करे। पांचवां नेता व पार्टी ऐसी हो जो देश की संस्कृति का संवर्धन एवं संरक्षण करें। इसके पश्चात प्रश्नोतर सत्र हुआ। लोगों ने वर्तमान समय की राजनीति में गिरावट पर खूब प्रश्न किया। लोगों ने कहा कि लोकमत के सुधार के बिना लोकतन्त्र का सही स्वरूप ऊभरकर आएगा। डॉ. चंद्र प्रकाश राय ने कहा कि लोकतंत्र को सबल बनाने के लिए लोकमत के सुधार की जरूरत है। अध्यक्षता करते हुए ललिता शास्त्री ने समाज और राजनीति की गिरावट चर्चा करते हुए कहा कि आज देश के टुकड़े-टुकड़े करने वाले लोग भी लोकतंत्र के महापर्व में चुनाव लड़ने के लिए खड़े हैं। ऐसे समय में सही जनप्रतिनिधि का चुनाव बड़ा महत्वपूर्ण हो जाता है। विशिष्ट अतिथि अजय कुमार ने कहा कि लोकतंत्र को मजबूत करने का एक ही उपाय है और वह है सौ प्रतिशत मतदान। मतदान प्रतिशत बढ़ाकर ही लोकतंत्र को सशक्त बनाया जा सकता है। डॉ. सर्वेश पांडेय ने कहा कि पार्टी, नेता और विचार का मूल्यांकन करने के बाद ही मत देना समाज हित में होगा। संगोष्ठी में रवीश तिवारी, बिंदुकांत, विजय प्रकाश चौहान, विपिन सिंह आदि उपस्थित रहे।
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