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मौसम में आए बदलाव से किसानों को सताने लगी नुकसान की चिंता
Updated Thu, 15 Mar 2018 11:36 PM IST
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मऊ। मौसम में अचानक आए बदलाव से किसानों को नुकसान की चिंता सताने लगी है। तापमान बढ़ने से फसल पर विपरीत असर पड़ने की संभावना प्रबल हो गई है। परेशान किसान आकाश की तरफ टकटकी लगाए हुए हैं। जिले के अधिकांश क्षेत्रों मेें गेेहूं की फसल फूट गई है। अगेती जौ, सरसों की फसल पक चुकी है। आलू की खुदाई चल रही है। मौसम अनुकूल रहने से किसान काफी खुश दिख रहे थे। लेकिन मौसम के करवट लेते ही किसानों के माथे पर चिंता की लकीर देखी जा रही है।
गुरुवार की सुबह आकाश में बदली छा जाने से हल्की धूप रही। तापमान बढ़ जाने से किसानों को नुकसान की चिंता सताने लगी है। कृषि विशेषज्ञों के अनुसार बारिश होने की स्थिति में जौ की फसल की क्वालिटी पर असर पड़ेगा। हवा के साथ बारिश होने की स्थिति में गेहूं की फसल गिरने पर फसल उत्पादन पर असर पड़ सकता है। सरसों की फसल पर कीटों का प्रकोप बढ़ सकता है। तापमान में वृद्धि जारी रही तो फसल उत्पादन में दस से 15 प्रतिशत कमी आ सकती है। इस संबंध में किसान शिवाकांत सिंह, संजय सिंह, महेंद्र यादव, जनार्दन प्रसाद का कहना है कि मौसम अनुकूल रहने से आशा के अनुरुप उत्पादन होने की आशा थी। लेकिन मौसम में अचानक बदलाव आने से अब समझ में नहीं आ रहा है। जिला कृषि अधिकारी उमेश कुमार का कहना है कि तापमान में वृद्धि जारी रही तो फसल उत्पादन दस से 15 प्रतिशत कमी आ सकती है।
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गुरुवार की सुबह आकाश में बदली छा जाने से हल्की धूप रही। तापमान बढ़ जाने से किसानों को नुकसान की चिंता सताने लगी है। कृषि विशेषज्ञों के अनुसार बारिश होने की स्थिति में जौ की फसल की क्वालिटी पर असर पड़ेगा। हवा के साथ बारिश होने की स्थिति में गेहूं की फसल गिरने पर फसल उत्पादन पर असर पड़ सकता है। सरसों की फसल पर कीटों का प्रकोप बढ़ सकता है। तापमान में वृद्धि जारी रही तो फसल उत्पादन में दस से 15 प्रतिशत कमी आ सकती है। इस संबंध में किसान शिवाकांत सिंह, संजय सिंह, महेंद्र यादव, जनार्दन प्रसाद का कहना है कि मौसम अनुकूल रहने से आशा के अनुरुप उत्पादन होने की आशा थी। लेकिन मौसम में अचानक बदलाव आने से अब समझ में नहीं आ रहा है। जिला कृषि अधिकारी उमेश कुमार का कहना है कि तापमान में वृद्धि जारी रही तो फसल उत्पादन दस से 15 प्रतिशत कमी आ सकती है।
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