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कातिल पति: दहेज के लिए पत्नी को जहर देकर मार डाला, 20 साल बाद मिली सजा
Tue, 31 Oct 2023 02:15 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा
संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा
Published by: अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 31 Oct 2023 02:15 PM IST
सार
दहेज की मांग पूरी न होने पर पत्नी की हत्या करने वाले पति को कोर्ट ने सात साल की सजा सुनाई है। साथ ही दोषी को तीन हजार रुपये का जुर्माना भी अदा करना होगा।
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- फोटो : istock
विस्तार
मथुरा में दहेज के लिए पत्नी को जहर देकर मारने के मामले में एडीजे अष्टम नितिन पांडेय की अदालत ने पति को 20 वर्ष बाद दोषी करार देते हुए सात वर्ष के कारावास और तीन हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है।
सहायक शासकीय अधिवक्ता अभिषेक कुमार सिंह ने बताया कि डीग गेट गली अहीर निवासी कमला यादव ने अपनी बेटी लक्ष्मी यादव की शादी 16 फरवरी 2000 को भूतेश्वर निवासी विजय प्रताप यादव के साथ की थी। शादी के बाद से ही विजय पत्नी लक्ष्मी से अतिरिक्त दहेज की मांग करने लगा था।
दहेज की मांग पूरी न होने पर 28 दिसंबर 2003 को उसने लक्ष्मी को जहर दे दिया। अगले दिन उसकी मौत हो गई। इस संबंध में कोतवाली में दहेज हत्या की रिपोर्ट दर्ज की गई। वर्ष 2005 में विधि विज्ञान प्रयोगशाला की रिपोर्ट में जहर देने से मौत की पुष्टि होने के बाद पुलिस ने चार्जशीट में बदलाव कर विजय को हत्या का आरोपी बनाया।
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मुकदमे की सुनवाई एडीजे अष्टम नितिन पांडेय की अदालत में हुई। इस दौरान अदालत ने विजय प्रताप यादव को सात वर्ष के कारावास और तीन हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। सजा सुनाए जाने के बाद अदालत ने दोषी को जेल भेज दिया।
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सहायक शासकीय अधिवक्ता अभिषेक कुमार सिंह ने बताया कि डीग गेट गली अहीर निवासी कमला यादव ने अपनी बेटी लक्ष्मी यादव की शादी 16 फरवरी 2000 को भूतेश्वर निवासी विजय प्रताप यादव के साथ की थी। शादी के बाद से ही विजय पत्नी लक्ष्मी से अतिरिक्त दहेज की मांग करने लगा था।
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दहेज की मांग पूरी न होने पर 28 दिसंबर 2003 को उसने लक्ष्मी को जहर दे दिया। अगले दिन उसकी मौत हो गई। इस संबंध में कोतवाली में दहेज हत्या की रिपोर्ट दर्ज की गई। वर्ष 2005 में विधि विज्ञान प्रयोगशाला की रिपोर्ट में जहर देने से मौत की पुष्टि होने के बाद पुलिस ने चार्जशीट में बदलाव कर विजय को हत्या का आरोपी बनाया।
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मुकदमे की सुनवाई एडीजे अष्टम नितिन पांडेय की अदालत में हुई। इस दौरान अदालत ने विजय प्रताप यादव को सात वर्ष के कारावास और तीन हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। सजा सुनाए जाने के बाद अदालत ने दोषी को जेल भेज दिया।