{"_id":"68755890d35d424cac01fed0","slug":"rain-and-humidity-increased-the-number-of-skin-allergy-patients-mathura-news-c-369-1-mt11008-132588-2025-07-15","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"Health: बारिश व उमस ने बढ़ाए स्किन एलर्जी के रोगी, इसलिए हो रहा इंफेक्शन; चिकित्सकों ने बताए बचाव के तरीके","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Health: बारिश व उमस ने बढ़ाए स्किन एलर्जी के रोगी, इसलिए हो रहा इंफेक्शन; चिकित्सकों ने बताए बचाव के तरीके
Tue, 15 Jul 2025 12:54 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा
संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा
Published by: अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 15 Jul 2025 12:54 AM IST
सार
कभी बारिश तो कभी तेज धूप होने से ऐसी समस्याएं हाे रही हैं। इंफेक्शन मुख्य रूप से नमी युक्त कपड़े पहनने से होता है। इससे बचाव के लिए चिकित्सकों ने तरीके भी बताए।
विज्ञापन
मथुरा। जिला अस्पताल की ओपीडी में चिकित्सक को दिखाने के लिए लगी मरीजों की लाइन।
- फोटो : mathura
विस्तार
मथुरा में बारिश के बाद नमी बढ़ने व उमस रहने से लोग त्वचा रोग की चपेट में आ रहे हैं। जिला अस्पताल में त्वचा रोगियों की संख्या बढ़ी है। सोमवार को ओपीडी में त्वचा रोग के 70 से 80 मरीज पहुंचे। सबसे ज्यादा मरीज घमौरियां, स्किन एलर्जी, त्वचा पर दाने व खाज-खुजली की समस्या लेकर चिकित्सकों के पास आ रहे हैं।
जिला अस्पताल की ओपीडी में त्वचा रोग विशेषज्ञ डाॅ. शिवानी शर्मा ने बताया कि बारिश के बाद नमी बढ़ी है। साथ ही उमस भी बनी हुई है। इससे त्वचा रोग संबंधी मरीजों की संख्या बढ़ गई है। उन्होंने बताया कि ओपीडी में पहुंचने वाले मरीजों में खुजली की समस्या सबसे ज्यादा देखी जा रही है। इसके अलावा जलन और फफोले पड़ने जैसे लक्षण भी लोगों में मिल रहे हैं। चिकित्सक ने बताया कि कभी बारिश तो कभी तेज धूप होने से ऐसी समस्याएं हाे रही हैं। इंफेक्शन मुख्य रूप से नमी युक्त कपड़े पहनने से होता है। इससे बचने के लिए हमेशा सूखे कपड़े पहनें।
विज्ञापन
जिला अस्पताल की ओपीडी में त्वचा रोग विशेषज्ञ डाॅ. शिवानी शर्मा ने बताया कि बारिश के बाद नमी बढ़ी है। साथ ही उमस भी बनी हुई है। इससे त्वचा रोग संबंधी मरीजों की संख्या बढ़ गई है। उन्होंने बताया कि ओपीडी में पहुंचने वाले मरीजों में खुजली की समस्या सबसे ज्यादा देखी जा रही है। इसके अलावा जलन और फफोले पड़ने जैसे लक्षण भी लोगों में मिल रहे हैं। चिकित्सक ने बताया कि कभी बारिश तो कभी तेज धूप होने से ऐसी समस्याएं हाे रही हैं। इंफेक्शन मुख्य रूप से नमी युक्त कपड़े पहनने से होता है। इससे बचने के लिए हमेशा सूखे कपड़े पहनें।
विज्ञापन
तुरंत बदलें गीले कपड़े
सीनियर फिजिशियन डॉ. रवि माहेश्वरी ने बताया कि यदि कपड़े गीले हों तो उन्हें बदलकर सूखे पहनने चाहिए। अगर दाद, खाज, खुजली या अन्य कोई समस्या होती है तो चिकित्सक की सलाह लेकर उपचार कराना चाहिए। रोज साफ पानी से स्नान करें। त्वचा रोगी के कपड़े परिवार के अन्य सदस्यों से अलग रखें।
दवा व क्रीम की नहीं है कमी
सीएमएस डॉ. नीरज अग्रवाल ने बताया कि उमस भरी गर्मी से त्वचा रोग के मरीजों की संख्या में इजाफा हुआ है। अस्पताल में त्वचा रोग विशेषज्ञ तैनात हैं। अस्पताल में त्वचा रोग में दी जाने वाली क्रीम व दवा की कमी नहीं है।
सीनियर फिजिशियन डॉ. रवि माहेश्वरी ने बताया कि यदि कपड़े गीले हों तो उन्हें बदलकर सूखे पहनने चाहिए। अगर दाद, खाज, खुजली या अन्य कोई समस्या होती है तो चिकित्सक की सलाह लेकर उपचार कराना चाहिए। रोज साफ पानी से स्नान करें। त्वचा रोगी के कपड़े परिवार के अन्य सदस्यों से अलग रखें।
दवा व क्रीम की नहीं है कमी
सीएमएस डॉ. नीरज अग्रवाल ने बताया कि उमस भरी गर्मी से त्वचा रोग के मरीजों की संख्या में इजाफा हुआ है। अस्पताल में त्वचा रोग विशेषज्ञ तैनात हैं। अस्पताल में त्वचा रोग में दी जाने वाली क्रीम व दवा की कमी नहीं है।