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भक्ति एक उत्तम निवेश : अष्टावक्र
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कथावाचक श्रीकृष्ण चंद्र ठाकुरजी को सम्मानित करते कथा प्रवक्ता।
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सौंख। जाजन पट्टी चौराहा के समीप आद्दा वाले हनुमानजी मंदिर में श्रीमद भागवत कथा का आयोजन चल रहा है। दूसरे दिन श्रद्धालुओं को राजा परीक्षित के आगमन की कथा सुनाई गई। कहा कि भक्ति एक ऐसा उत्तम निवेश है, जो जीवन में परेशानियों का उत्तम समाधान देती है। जीवन के बाद मोक्ष भी सुनिश्चित करती है।
कथाव्यास अष्ट्रावक्र महाराज ने कहा कि मनुष्य से गलती हो जाना बड़ी बात नहीं, गलती होने पर प्रायश्चित जरूरी है। ऐसा नहीं हुआ तो गलती पाप की श्रेणी में आ जाती है। उन्होंने पांडवों के जीवन में श्रीकृष्ण की कृपा को सुंदर ढंग से वर्णन किया। कहा कि परीक्षित कलियुग के प्रभाव के कारण ऋषि से श्रापित हो जाते हैं। इसके बाद वह शुकदेवजी के पास जाते है। भागवत श्रोता के अंदर जिज्ञासा और श्रद्धा होनी चाहिए। महंत पवनदास, पुजारी अविराम दास, निहाल सिंह, कल्याण सिंह, लीलाधर, नरेंद्र सिंह, प्रमोद, हरिओम, रामकिशन सिंह, नेपाल सिंह, सतेंद्र सिंह, दौलतराम आदि उपस्थित रहे। संवाद
इधर बलदेव स्थित श्रीकृष्ण वाटिका में चल रही श्रीमद्भागवत कथा में मंगलवार को श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। हवन भी किया गया। कथा प्रवक्ता आचार्य कपिल देव शास्त्री ने कहा कि भागवत सांसारिक व दैविक रहस्य को बताती है, जो समझेगा, उसे तन-मन की शाति व मोक्ष मिलेगा। भागवत श्रवण से कई जन्मों के पाप नष्ट हो जाते हैं। कहा कि जो मनुष्य कमाई का दसवां भाग भगवान के लिए खर्च करता है, दान करता है, गरीबों व समाजसेवा में लगाता है, उसके ऊपर मां लक्ष्मी व श्रीकृष्ण की कृपा बनी रहती है। कथावाचक श्रीकृष्ण चंद्र शास्त्री, जगद्गुरु गोपेश्वर महाराज, राजाराम पांडेय, कमल कुमार पांडेय, बलभद्र पीठाधीश्वर विष्णु महाराज, चेयरमैन डॉ. मुरारी अग्रवाल, दाऊदयाल पांडेय, डाॅ. प्रवीण पांडेय, डाॅ. मोनू पांडेय, चेतन्य उपाध्याय आदि मौजूद रहे। संवाद
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कथाव्यास अष्ट्रावक्र महाराज ने कहा कि मनुष्य से गलती हो जाना बड़ी बात नहीं, गलती होने पर प्रायश्चित जरूरी है। ऐसा नहीं हुआ तो गलती पाप की श्रेणी में आ जाती है। उन्होंने पांडवों के जीवन में श्रीकृष्ण की कृपा को सुंदर ढंग से वर्णन किया। कहा कि परीक्षित कलियुग के प्रभाव के कारण ऋषि से श्रापित हो जाते हैं। इसके बाद वह शुकदेवजी के पास जाते है। भागवत श्रोता के अंदर जिज्ञासा और श्रद्धा होनी चाहिए। महंत पवनदास, पुजारी अविराम दास, निहाल सिंह, कल्याण सिंह, लीलाधर, नरेंद्र सिंह, प्रमोद, हरिओम, रामकिशन सिंह, नेपाल सिंह, सतेंद्र सिंह, दौलतराम आदि उपस्थित रहे। संवाद
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इधर बलदेव स्थित श्रीकृष्ण वाटिका में चल रही श्रीमद्भागवत कथा में मंगलवार को श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। हवन भी किया गया। कथा प्रवक्ता आचार्य कपिल देव शास्त्री ने कहा कि भागवत सांसारिक व दैविक रहस्य को बताती है, जो समझेगा, उसे तन-मन की शाति व मोक्ष मिलेगा। भागवत श्रवण से कई जन्मों के पाप नष्ट हो जाते हैं। कहा कि जो मनुष्य कमाई का दसवां भाग भगवान के लिए खर्च करता है, दान करता है, गरीबों व समाजसेवा में लगाता है, उसके ऊपर मां लक्ष्मी व श्रीकृष्ण की कृपा बनी रहती है। कथावाचक श्रीकृष्ण चंद्र शास्त्री, जगद्गुरु गोपेश्वर महाराज, राजाराम पांडेय, कमल कुमार पांडेय, बलभद्र पीठाधीश्वर विष्णु महाराज, चेयरमैन डॉ. मुरारी अग्रवाल, दाऊदयाल पांडेय, डाॅ. प्रवीण पांडेय, डाॅ. मोनू पांडेय, चेतन्य उपाध्याय आदि मौजूद रहे। संवाद
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