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पं. दीनदयाल स्मृति महोत्सव: चित्र-विचित्र के भजनों पर झूम उठे श्रद्धालु, गूंज उठी तालियों की गड़गड़ाहट
Fri, 04 Oct 2024 10:29 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा
संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा
Published by: अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 04 Oct 2024 10:29 AM IST
सार
पं. दीनदयाल स्मृति महोत्सव में चित्र-विचित्र के भजनों ने समां बांध दिया। एक के बाद एक कई भजनों की प्रस्तुती दी, तो पंडाल में तालियों की गड़गड़ाहट गूंज उठी।
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भजन गायक चित्र-विचित्र
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
मथुरा के फरह स्थित पं. दीनदयाल स्मृति महोत्सव के आखिरी दिन बुधवार की रात की शाम चित्र- विचित्र के भजनों पर श्रद्धालु झूमने पर मजबूर हो गए। भजन गायन गायक चित्र- विचित्र की जोड़ी ने भजनों की ऐसी तान छेड़ी कि दीनदयाल में लोग मंत्रमुग्ध हो गए।
भजन संध्या का शुभारंभ मेला समिति अध्यक्ष सोहनलाल शर्मा मंत्री, मनीष अग्रवाल कोषाध्यक्ष नरेंद्र पाठक और प्रचारक डॉ दिनेश ने किया। चित्र-वित्रित की जोड़ी ने जब कजरारे मोटे-मोटे तेरे नैन... और सांवरे को दिल में बसा कर तो देखो.... भजन की प्रस्तुति दी तो पंडाल में तालियों की गड़गड़ाहट गूंज उठी। करतल ध्वनि के साथ राधे-राधे... के स्वर और मेरी विनती यही है राधा रानी... भजन पर श्रद्धालु मंत्रमुग्ध हो गए।
मेला का संपूर्ण वातावरण राधा की भक्ति में डूबता नजर आया। भजन संध्या के दौरान चित्र- विचित्र की जोड़ी ने साज के साथ चलो रे मन वृंदावन धाम रहेंगे... राधा-राधा नाम सुनाया तो माहौल वृंदावन जैसा हो गया। भजनों पर पंडाल तालिया और राधे-राधे की गूंज से महकता रहा और मेला का वातावरण भक्तिमय हो गया। इस भक्ति धारा के साथ ही पं० दीनदयाल उपाध्याय के चार दिवसीय जन्मोत्सव मेला का समापन हो गया।
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चार दिनी मेला के दौरान लगभग एक लाख से अधिक लोगों ने मेले का आनंद लिया। कार्यक्रम संयोजक आशीष माहेश्वरी, पंकज शर्मा, मुरलीधर शर्मा, पीपी शर्मा, स्मारक समिति के निदेशक सोनपाल, क्षेत्रपाल शर्मा, जगमोहन पाठक, नरेश कटारा, सुरेश तरकर मौजूद रहे।
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भजन संध्या का शुभारंभ मेला समिति अध्यक्ष सोहनलाल शर्मा मंत्री, मनीष अग्रवाल कोषाध्यक्ष नरेंद्र पाठक और प्रचारक डॉ दिनेश ने किया। चित्र-वित्रित की जोड़ी ने जब कजरारे मोटे-मोटे तेरे नैन... और सांवरे को दिल में बसा कर तो देखो.... भजन की प्रस्तुति दी तो पंडाल में तालियों की गड़गड़ाहट गूंज उठी। करतल ध्वनि के साथ राधे-राधे... के स्वर और मेरी विनती यही है राधा रानी... भजन पर श्रद्धालु मंत्रमुग्ध हो गए।
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मेला का संपूर्ण वातावरण राधा की भक्ति में डूबता नजर आया। भजन संध्या के दौरान चित्र- विचित्र की जोड़ी ने साज के साथ चलो रे मन वृंदावन धाम रहेंगे... राधा-राधा नाम सुनाया तो माहौल वृंदावन जैसा हो गया। भजनों पर पंडाल तालिया और राधे-राधे की गूंज से महकता रहा और मेला का वातावरण भक्तिमय हो गया। इस भक्ति धारा के साथ ही पं० दीनदयाल उपाध्याय के चार दिवसीय जन्मोत्सव मेला का समापन हो गया।
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चार दिनी मेला के दौरान लगभग एक लाख से अधिक लोगों ने मेले का आनंद लिया। कार्यक्रम संयोजक आशीष माहेश्वरी, पंकज शर्मा, मुरलीधर शर्मा, पीपी शर्मा, स्मारक समिति के निदेशक सोनपाल, क्षेत्रपाल शर्मा, जगमोहन पाठक, नरेश कटारा, सुरेश तरकर मौजूद रहे।