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जामा तलाशी के बाद ही जेल में प्रवेश करेंगे बंदी रक्षक
अमर उजाला ब्यूरो मैनपुरी
Updated Tue, 21 Mar 2017 11:31 PM IST
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जामा तलाशी के बाद ही जेल में प्रवेश करेंगे बंदी रक्षक
- फोटो : अमर उजाला
जामा तलाशी के बाद ही अब बंदी रक्षक जेल में प्रवेश कर सकेंगे। बंदी रक्षकों के माध्यम से बंदियों को जेल में मिलने वाली सुविधाओं पर अंकुश लगाने के लिए शासन ने कड़ा कदम उठाया है। जिला जेल से चार शातिरों के भागने के बाद शासन ने जेल में बंद अन्य शातिरों का ब्यौरा तलब किया है।
जेल में बंद चार अपराधी मुंसाद, डाक्टर राजेंद्र सिंह, योगेश, सुनील के भागने के मामले में चार बंदी रक्षकों के नाम अपराधियों की मोबाइल से बात कराने के मामले में जांच में सामने आए हैं। शासन ने अब जेल में प्रवेश के समय बंदी रक्षकों की जामा तलाशी जरूरी कर दी है। बंदी रक्षकों द्वारा लालच के चलते शातिरों को दी जाने वाली सुविधाओं पर अंकुश लगाने के लिए शासन ने फैसला किया है। बंदी रक्षक जरा से लालच में अपराधियों को हर वह सुविधा मुहैया करा देते हैं जो जेल नियमावली के तहत बंदियों के लिए प्रतिबंधित हैं। शासन ने जेल में बंद अन्य शातिरों का ब्यौरा भी तलब किया है। सूत्रों का मानें तो संजीव उर्फ जीवा के अलावा भाजपा नेता मदन चौहान की हत्या में शामिल चार शार्प शूटर भी जेल में बंद हैं। शासन के निर्देश पर सभी को अलग अलग बैरकों में रखा गया है।
जेल के बदल गए हालात
मैनपुरी। सरकार बदलते ही जेल के हालात बदल गए हैं। बंदियों से मुलाकात करने वालों के साथ ही बंदियों को भी जामा तलाशी के बाद ही जेल में प्रवेश दिया जा रहा है। शातिर अपराधियों की बैरकों की कड़ी निगरानी की जा रही है। बंदी रक्षकों के जेल से बाहर निकलने पर भी जामा तलाशी हो रही है।
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बैरक में मिली प्रतिबंधित सामग्री
मैनपुरी। डीजे उमेश कुमार शर्मा, डीएम चंद्रपाल सिंह, एसपी सुनील कुमार सक्सेना ने निरीक्षण किया। इसमें कैदियों के पास से प्रतिबंधित सामग्री मिली है। बैरकों की तलाशी के दौरान बैरक पांच-ए में दो बंदियों के पास दो ब्लेड के पैकेट, चार बंदियों के पास से बीड़ी के बंडल तथा तीन माचिस भी बरामद हुई हैं। सारी प्रतिबंधित सामग्री बंदियों के गद्दे के नीचे से मिली हैं।
जेल में बंदियों को जेल नियमों के मुताबिक ही सुविधा दी जाएगी। नियमानुसार ही उनकी परिवारीजनों तथा परिचितों से मुलाकात होगी। बैरक की निगरानी में लगे बंदी रक्षकों की लापरवाही मिलने पर उनके खिलाफ कार्रवाई होगी।
बीएस मुकुंद, जेलर
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जेल में बंद चार अपराधी मुंसाद, डाक्टर राजेंद्र सिंह, योगेश, सुनील के भागने के मामले में चार बंदी रक्षकों के नाम अपराधियों की मोबाइल से बात कराने के मामले में जांच में सामने आए हैं। शासन ने अब जेल में प्रवेश के समय बंदी रक्षकों की जामा तलाशी जरूरी कर दी है। बंदी रक्षकों द्वारा लालच के चलते शातिरों को दी जाने वाली सुविधाओं पर अंकुश लगाने के लिए शासन ने फैसला किया है। बंदी रक्षक जरा से लालच में अपराधियों को हर वह सुविधा मुहैया करा देते हैं जो जेल नियमावली के तहत बंदियों के लिए प्रतिबंधित हैं। शासन ने जेल में बंद अन्य शातिरों का ब्यौरा भी तलब किया है। सूत्रों का मानें तो संजीव उर्फ जीवा के अलावा भाजपा नेता मदन चौहान की हत्या में शामिल चार शार्प शूटर भी जेल में बंद हैं। शासन के निर्देश पर सभी को अलग अलग बैरकों में रखा गया है।
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जेल के बदल गए हालात
मैनपुरी। सरकार बदलते ही जेल के हालात बदल गए हैं। बंदियों से मुलाकात करने वालों के साथ ही बंदियों को भी जामा तलाशी के बाद ही जेल में प्रवेश दिया जा रहा है। शातिर अपराधियों की बैरकों की कड़ी निगरानी की जा रही है। बंदी रक्षकों के जेल से बाहर निकलने पर भी जामा तलाशी हो रही है।
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बैरक में मिली प्रतिबंधित सामग्री
मैनपुरी। डीजे उमेश कुमार शर्मा, डीएम चंद्रपाल सिंह, एसपी सुनील कुमार सक्सेना ने निरीक्षण किया। इसमें कैदियों के पास से प्रतिबंधित सामग्री मिली है। बैरकों की तलाशी के दौरान बैरक पांच-ए में दो बंदियों के पास दो ब्लेड के पैकेट, चार बंदियों के पास से बीड़ी के बंडल तथा तीन माचिस भी बरामद हुई हैं। सारी प्रतिबंधित सामग्री बंदियों के गद्दे के नीचे से मिली हैं।
जेल में बंदियों को जेल नियमों के मुताबिक ही सुविधा दी जाएगी। नियमानुसार ही उनकी परिवारीजनों तथा परिचितों से मुलाकात होगी। बैरक की निगरानी में लगे बंदी रक्षकों की लापरवाही मिलने पर उनके खिलाफ कार्रवाई होगी।
बीएस मुकुंद, जेलर