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Mahoba News: बारिश से पहले होगी उर्मिल व लहचूरा बांध के गेटों की मरम्मत
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फोटो 26 एमएएचपी 02 परिचय-यूपी-एमपी की सीमा पर स्थित इस उर्मिल बांध के गेटों की होगी मरम्मत। संव
- फोटो : चित्तौरा स्थित महाराजा सुहेलदेव पर्यटन स्थल।
महोबा। यूपी-एमपी की सीमा पर स्थित जनपद के उर्मिल व लहचूरा बांध के गेटों की मरम्मत बारिश के पहले कराई जाएगी। यह काम बैराज यांत्रिक अनुरक्षण खंड कानपुर की ओर से कराया जाएगा। इसको लेकर कार्ययोजना तैयार कर ली गई है। यदि सबकुछ ठीक-ठाक रहा तो अगले माह से इन बांधों के गेटों की मरम्मत का काम शुरू होगा।
उर्मिल बांध यूपी-एमपी की सीमा पर स्थित है। बांध का 60 फीसदी पानी एमपी व 40 फीसदी पानी यूपी को मिलता है। उर्मिल बांध के पानी से महोबा शहर को पेयजल आपूर्ति मुहैया कराई जाती है। बांध की अधिकतम भंडारण क्षमता 237.43 मीटर जबकि न्यूनतम भंडारण क्षमता 228.30 मीटर है। उर्मिल बांध में 14 लाख रुपये की लागत से गेटों की मरम्मत का काम कराया जाएगा। वहीं लहचूरा बांध भी यूपी-एमपी की सीमा पर स्थित है।
इस बांध से अर्जुन सहायक परियोजना नहर के माध्यम से चरखारी ब्लॉक के अर्जुन बांध को जोड़ा गया है। अर्जुन बांध फुल होने के बाद अन्य बांधों में भी बारिश के दिनों में पानी छोड़ा जाता है। इस बांध के गेटों में भी सात लाख की लागत से मरम्मत का काम कराया जाएगा। बारिश के पहले यह काम करा लिया जाएगा। बैराज यांत्रिक अनुरक्षण खंड कानपुर के अधिशासी अभियंता प्रणव सिंह का कहना है कि 12 मई तक टेंडर प्रक्रिया पूरी हो जाएगी। काम शुरू होने के बाद इसे 20 दिन में पूरा करना होगा।
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उर्मिल बांध यूपी-एमपी की सीमा पर स्थित है। बांध का 60 फीसदी पानी एमपी व 40 फीसदी पानी यूपी को मिलता है। उर्मिल बांध के पानी से महोबा शहर को पेयजल आपूर्ति मुहैया कराई जाती है। बांध की अधिकतम भंडारण क्षमता 237.43 मीटर जबकि न्यूनतम भंडारण क्षमता 228.30 मीटर है। उर्मिल बांध में 14 लाख रुपये की लागत से गेटों की मरम्मत का काम कराया जाएगा। वहीं लहचूरा बांध भी यूपी-एमपी की सीमा पर स्थित है।
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इस बांध से अर्जुन सहायक परियोजना नहर के माध्यम से चरखारी ब्लॉक के अर्जुन बांध को जोड़ा गया है। अर्जुन बांध फुल होने के बाद अन्य बांधों में भी बारिश के दिनों में पानी छोड़ा जाता है। इस बांध के गेटों में भी सात लाख की लागत से मरम्मत का काम कराया जाएगा। बारिश के पहले यह काम करा लिया जाएगा। बैराज यांत्रिक अनुरक्षण खंड कानपुर के अधिशासी अभियंता प्रणव सिंह का कहना है कि 12 मई तक टेंडर प्रक्रिया पूरी हो जाएगी। काम शुरू होने के बाद इसे 20 दिन में पूरा करना होगा।
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