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धान क्रय केंद्र खोले जाने की मांग को लेकर दिया धरना
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महोबा। धान क्रय केंद्र खोले जाने, अन्ना जानवरों की समस्या से निजात दिलाने और लॉकडाउन के समय ट्यूबवेल न चलने से तीन माह का ट्यूबवेलों का बिजली बिल माफ करने आदि मांगों को लेकर भारतीय किसान यूनियन ने कलेक्ट्रेट में धरना देकर विरोध जताया। साथ ही, चेतावनी दी कि यदि किसानों की समस्याओं पर ध्यान नहीं दिया गया तो किसान यूनियन शांत नहीं बैठेगा। धरना उपरांत मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन एडीएम आरएस वर्मा को सौंपा।
ज्ञापन में बताया कि किसानों द्वारा उगाई जाने वाली धान की फसल का कोई क्रय केंद्र न होने से आढ़ती औने-पौने दामों में चावल की खरीद करते हैं। जिससे किसानों को भारी नुकसान हो रहा है। धान क्रय केंद्र खोले जाने की मांग की। किसानों ने लॉकडाउन के समय ट्यूबवेलों का बिजली बिल माफ किए जाने की भी मांग की। जिससे किसानों को राहत मिल सके। ज्ञापन में बताया कि शासन द्वारा गांव-गांव में गोशालाएं तो खुलवा दी गईं हैं, लेकिन किसी भी गोशाला में जानवर नहीं हैं। जानवर सड़कों पर घूम रहे हैं। इससे किसानों को फसल बचाना मुश्किल हो गया है। भूसे का पैसा ग्राम प्रधानों द्वारा बंदरबाट किया जा रहा है। खेतों में जमीन की बुआई हो चुकी है। ऐसे में किसान अपनी फसल की सुरक्षा के लिए परेशान हैं। भारतीय किसान यूनियन के जिलाध्यक्ष रामखिलावन शुक्ला, हरीहर दीक्षित सहित तमाम किसानों ने धरने का संबोधित किया।
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ज्ञापन में बताया कि किसानों द्वारा उगाई जाने वाली धान की फसल का कोई क्रय केंद्र न होने से आढ़ती औने-पौने दामों में चावल की खरीद करते हैं। जिससे किसानों को भारी नुकसान हो रहा है। धान क्रय केंद्र खोले जाने की मांग की। किसानों ने लॉकडाउन के समय ट्यूबवेलों का बिजली बिल माफ किए जाने की भी मांग की। जिससे किसानों को राहत मिल सके। ज्ञापन में बताया कि शासन द्वारा गांव-गांव में गोशालाएं तो खुलवा दी गईं हैं, लेकिन किसी भी गोशाला में जानवर नहीं हैं। जानवर सड़कों पर घूम रहे हैं। इससे किसानों को फसल बचाना मुश्किल हो गया है। भूसे का पैसा ग्राम प्रधानों द्वारा बंदरबाट किया जा रहा है। खेतों में जमीन की बुआई हो चुकी है। ऐसे में किसान अपनी फसल की सुरक्षा के लिए परेशान हैं। भारतीय किसान यूनियन के जिलाध्यक्ष रामखिलावन शुक्ला, हरीहर दीक्षित सहित तमाम किसानों ने धरने का संबोधित किया।
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