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Mahoba News: बुखार से मासूम की मौत, 24 घंटे में 20 मरीज वार्डों में भर्ती
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फोटो 04 एमएएचपी 01 परिचय-जिला अस्पताल की ओपीडी में मरीजों का उपचार करते डाॅ. गुलशेर अहमद। संवाद
- ओपीडी में पहुंचे 427 मरीज, अधिकांश संक्रामक बीमारियों से ग्रसित
फोटो 04 एमएएचपी 01 परिचय-जिला अस्पताल की ओपीडी में मरीजों का उपचार करते डाॅ. गुलशेर अहमद। संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
महोबा। जनपद में संक्रामक बीमारियों का कहर जारी है। बृहस्पतिवार की रात बुखार की चपेट में आने से एक मासूम की मौत हो गई। वहीं, पिछले 24 घंटे में 20 मरीजों की हालत गंभीर होने पर जिला अस्पताल के वार्डों में भर्ती कराया गया।
कृष्ण जन्माष्टमी के कारण जिला अस्पताल की ओपीडी सुबह आठ बजे से दोपहर 12 बजे तक रही। ऐसे में मरीजों और तीमारदारों की भीड़ जुटी। पर्चा बनवाने से लेकर काउंटर से दवाएं लेने तक के लिए मरीजों को घंटों इंतजार करना पड़ा। इस दौरान ओपीडी में 427 मरीज उपचार कराने पहुंचे। जिनमें संक्रामक बीमारियों से ग्रसित मरीजों की संख्या ज्यादा रही। वहीं, 24 घंटे में बुखार से ग्रसित रोहिनी, मनीष, लड्डू, रिया, मुन्नी, रामलाल, मयंक, राज, सुशीला, अंकित, रामदीन, कलावती, देशराज, नम्रता, ममता, पुष्पा, ललता समेत 20 मरीजों को जिला अस्पताल के वार्डों में भर्ती कराया गया।
शहर के मोहल्ला कसौरा टोरी निवासी नियाज की एक माह की बेटी अनम को तीन दिन से बुखार आ रहा था। बृहस्पतिवार की रात तेज बुखार होने पर परिजन उसे महिला अस्पताल ले गए। जहां हालत नाजुक होने पर डॉ. अतुल राजपूत ने मेडिकल कॉलेज झांसी ले जाने को कहा। तभी अचानक उसकी हालत बिगड़ गई। तब परिजन उसे जिला अस्पताल ले गए। जहां डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। मृतका के चाचा कबीर ने बताया कि बुखार से हालत बिगड़ने से भतीजी की मौत हुई है। उधर, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. सुरेश कुमार का कहना है कि मौसम में बदलाव से लोग बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं। ऐसे में बेहद सावधानी बरतने की जरूरत है। खासतौर पर बच्चों व बुजुर्गों पर ध्यान रखने की आवश्यकता है।
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ऐसे करें बचाव
-भोजन से पहले और बाहर से आने पर हाथों को अच्छी तरह धोएं।
-खांसते या छींकते समय मुंह व नाक को रुमाल से ढकें।
-एक से छह साल तक के बच्चों को आवश्यक टीके लगवाएं।
-ताजा, ढका और अच्छी तरह पका भोजन खाएं।
-आसपास पानी न जमा होने दें।
-संक्रमित व्यक्ति से दूरी बनाते हुए मास्क का उपयोग करें।
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फोटो 04 एमएएचपी 01 परिचय-जिला अस्पताल की ओपीडी में मरीजों का उपचार करते डाॅ. गुलशेर अहमद। संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
महोबा। जनपद में संक्रामक बीमारियों का कहर जारी है। बृहस्पतिवार की रात बुखार की चपेट में आने से एक मासूम की मौत हो गई। वहीं, पिछले 24 घंटे में 20 मरीजों की हालत गंभीर होने पर जिला अस्पताल के वार्डों में भर्ती कराया गया।
कृष्ण जन्माष्टमी के कारण जिला अस्पताल की ओपीडी सुबह आठ बजे से दोपहर 12 बजे तक रही। ऐसे में मरीजों और तीमारदारों की भीड़ जुटी। पर्चा बनवाने से लेकर काउंटर से दवाएं लेने तक के लिए मरीजों को घंटों इंतजार करना पड़ा। इस दौरान ओपीडी में 427 मरीज उपचार कराने पहुंचे। जिनमें संक्रामक बीमारियों से ग्रसित मरीजों की संख्या ज्यादा रही। वहीं, 24 घंटे में बुखार से ग्रसित रोहिनी, मनीष, लड्डू, रिया, मुन्नी, रामलाल, मयंक, राज, सुशीला, अंकित, रामदीन, कलावती, देशराज, नम्रता, ममता, पुष्पा, ललता समेत 20 मरीजों को जिला अस्पताल के वार्डों में भर्ती कराया गया।
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शहर के मोहल्ला कसौरा टोरी निवासी नियाज की एक माह की बेटी अनम को तीन दिन से बुखार आ रहा था। बृहस्पतिवार की रात तेज बुखार होने पर परिजन उसे महिला अस्पताल ले गए। जहां हालत नाजुक होने पर डॉ. अतुल राजपूत ने मेडिकल कॉलेज झांसी ले जाने को कहा। तभी अचानक उसकी हालत बिगड़ गई। तब परिजन उसे जिला अस्पताल ले गए। जहां डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। मृतका के चाचा कबीर ने बताया कि बुखार से हालत बिगड़ने से भतीजी की मौत हुई है। उधर, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. सुरेश कुमार का कहना है कि मौसम में बदलाव से लोग बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं। ऐसे में बेहद सावधानी बरतने की जरूरत है। खासतौर पर बच्चों व बुजुर्गों पर ध्यान रखने की आवश्यकता है।
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ऐसे करें बचाव
-भोजन से पहले और बाहर से आने पर हाथों को अच्छी तरह धोएं।
-खांसते या छींकते समय मुंह व नाक को रुमाल से ढकें।
-एक से छह साल तक के बच्चों को आवश्यक टीके लगवाएं।
-ताजा, ढका और अच्छी तरह पका भोजन खाएं।
-आसपास पानी न जमा होने दें।
-संक्रमित व्यक्ति से दूरी बनाते हुए मास्क का उपयोग करें।