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वन विभाग के अड़ंगे के कारण धसान नदी में अवैध खनन बढ़ा
Updated Mon, 28 Aug 2017 12:16 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
महोबा।
कुलपहाड़ तहसील के पनवाड़ी महोबकंठ थानान्तर्गत धसान नदी निकली हुई है। नदी किनारे काश्तकारों की भूमि हैं जहां नियमित बहाव के कारण लाखों घनमीटर बालू एकत्र हो चुकी है। वन विभाग के खनन के लिए एनओसी न दिए जाने के कारण वहां खनिज विभाग पट्टे नहीं कर पाया। इससे चोरी छिपे काश्तकार अवैध खनन कर विभाग को लाखों का चूना लगा रहे हैं। जिलाधिकारी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए मामले की रिपोर्ट तलब की है। ताकि अवैध खनन को रोककर राजस्व बढ़ाया जा सके।
महोबा जिले में उर्मिल बांध से निकली उर्मिल नदी, छतेसर, वर्मा नदी सहित आठ नदी तल के खनन क्षेत्रों को 31 दिसंबर तक के लिए एक करोड़ की धनराशि लेकर पट्टे पर उठाया गया है। जिसमें एनजीटी के कानून के तहत 3 माह का वर्षा काल 01 जुलाई से 30 सितंबर का तीन माह का समय भी शामिल है। इसमें खनन पर पूरी तरह मनाही है। यदि वन विभाग जिले की सीमा में रहने वाली धसान नदी के किनारे खनन की एनओसी दे दे तो कई करोड़ रुपए विभाग को राजस्व मिलेगा और अवैध खनन भी पूरी तरह बंद होगा। लेकिन नियमित मांग के बावजूद वन विभाग द्वारा एनओसी न दिए जाने से धसान किनारे के खनन क्षेत्रों को रिक्त घोषित नहीं किया जा सक ा। इससे यहां न तो पट्टे हुए और न ही राजस्व मिल रहा है।
जिला खान अधिकारी आशीष कुमार सेन ने बताया कि जिलाधिकारी को पर्याप्त बालू खनन वाले धसान के क्षेत्रों की रिपोर्ट दे दी गई है। जिलाधिकारी ने जल्द ही शासन से बात कर धसान नदी किनारे खनन के लिए वन विभाग से एनओसी दिलाने की बात कही है। एनओसी मिलते ही जिले में बालू की समस्या पूरी तरह समाप्त हो जाएगी। वहीं करोड़ों रुपए खनिज विभाग को राजस्व भी मिल सकेगा। साथ ही अवैघ खनन पर काश्तकारों की भूमि पर अंकुश लग सकेगा।
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वन विभाग के अड़ंगे के कारण धसान नदी में अवैध खनन बढ़ा
-मांग के बावजूद विभाग ने खनन पट्टों को नहीं दी एनओसी
-काश्तकार अवैध खनन कर लगा रहे लाखों का चूना
महोबा।
कुलपहाड़ तहसील के पनवाड़ी महोबकंठ थानान्तर्गत धसान नदी निकली हुई है। नदी किनारे काश्तकारों की भूमि हैं जहां नियमित बहाव के कारण लाखों घनमीटर बालू एकत्र हो चुकी है। वन विभाग के खनन के लिए एनओसी न दिए जाने के कारण वहां खनिज विभाग पट्टे नहीं कर पाया। इससे चोरी छिपे काश्तकार अवैध खनन कर विभाग को लाखों का चूना लगा रहे हैं। जिलाधिकारी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए मामले की रिपोर्ट तलब की है। ताकि अवैध खनन को रोककर राजस्व बढ़ाया जा सके।
महोबा जिले में उर्मिल बांध से निकली उर्मिल नदी, छतेसर, वर्मा नदी सहित आठ नदी तल के खनन क्षेत्रों को 31 दिसंबर तक के लिए एक करोड़ की धनराशि लेकर पट्टे पर उठाया गया है। जिसमें एनजीटी के कानून के तहत 3 माह का वर्षा काल 01 जुलाई से 30 सितंबर का तीन माह का समय भी शामिल है। इसमें खनन पर पूरी तरह मनाही है। यदि वन विभाग जिले की सीमा में रहने वाली धसान नदी के किनारे खनन की एनओसी दे दे तो कई करोड़ रुपए विभाग को राजस्व मिलेगा और अवैध खनन भी पूरी तरह बंद होगा। लेकिन नियमित मांग के बावजूद वन विभाग द्वारा एनओसी न दिए जाने से धसान किनारे के खनन क्षेत्रों को रिक्त घोषित नहीं किया जा सक ा। इससे यहां न तो पट्टे हुए और न ही राजस्व मिल रहा है।
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जिला खान अधिकारी आशीष कुमार सेन ने बताया कि जिलाधिकारी को पर्याप्त बालू खनन वाले धसान के क्षेत्रों की रिपोर्ट दे दी गई है। जिलाधिकारी ने जल्द ही शासन से बात कर धसान नदी किनारे खनन के लिए वन विभाग से एनओसी दिलाने की बात कही है। एनओसी मिलते ही जिले में बालू की समस्या पूरी तरह समाप्त हो जाएगी। वहीं करोड़ों रुपए खनिज विभाग को राजस्व भी मिल सकेगा। साथ ही अवैघ खनन पर काश्तकारों की भूमि पर अंकुश लग सकेगा।
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वन विभाग के अड़ंगे के कारण धसान नदी में अवैध खनन बढ़ा
-मांग के बावजूद विभाग ने खनन पट्टों को नहीं दी एनओसी
-काश्तकार अवैध खनन कर लगा रहे लाखों का चूना