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Indo Nepal: नेपाल जाने वाली गाड़ियों की संख्या घटी, एजेंटों की मुश्किले बढ़ीं
Mon, 12 Sep 2022 03:59 PM IST
vivek shukla
संवाद न्यूज एजेंसी, महराजगंज।
संवाद न्यूज एजेंसी, महराजगंज।
Published by: vivek shukla
Updated Mon, 12 Sep 2022 03:59 PM IST
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भारत-नेपाल सीमा।
- फोटो : अमर उजाला।
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नेपाल में अर्थव्यवस्था को व्यवस्थित करने के लिए भारत से बहुत से सामानों को मंगाना बंद कर दिया है। जिससे नेपाल जाने वाली सामान लदी गाड़ियों की संख्या कम हो गई है। तीन महीने पहले सोनौली सीमा से रोजाना 600 के करीब मालवाहक वाहन नेपाल जाया करते थे, लेकिन अब इस सीमा से मुश्किल 150 या 200 मालवाहक वाहन ही नेपाल जा रहे हैं। जिसका असर सीमा के दोनों तरफ कस्टम एजेंटों पर है।
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ट्रांसपोर्ट यूनियन सोनौली के अध्यक्ष आरके गुप्ता ने बताया कि महराजगंज आरटीओ ओवरलोड सहित तमाम कारणों से सख्त है जिस कारण बहुत से मालवाहक वाहन सिद्धार्थनगर जिले से नेपाल में प्रवेश कर रहे हैं।
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भारतीय कस्टम एजेंट संतोष कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि नेपाल सरकार ने अर्थव्यवस्था को ठीक करने के लिए बहुत से सामानों पर आयात पर रोक लगाया है, वही विदेश से मंगाने वाले हर समान पर लेटर ऑफ क्रेडिट का नियम लगा दिया है, जिस कारण भारत से निर्यात कम हो रहा है।
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समाजसेवी अहद खान ने बताया सीमा से सटे बेलेहिया मे रूपनदेही ट्रैफिक पुलिस हर भारतीय मालवाहक वाहनों से 1,250 रुपये ओवरलोडिंग के नाम पर चालान काटती है। बहुत से वाहन सिद्धार्थनगर की सीमा से नेपाल के लुंबिनी उद्योग एरिया तक जाते हैं, जो पहले सोनौली सीमा से जाते थे।
भैरहवा भंसार कार्यालय सूचना प्रवक्ता तीर्थराज पासवान ने बताया कि पहले 600 वाहन नेपाल आता था, जिसमें 30 पेट्रोलियम के वाहन, 60 आलू, प्याज और हरी सब्जी के साथ अन्य लोहा, कोयला, जिप्शम, कपड़ा, केमिकल सहित कई वाहन शामिल है। अब 30 केमिकल और 60 आलू, प्याज, सब्जी सहित तमाम सामानों सहित 150 से 200 वाहन ही जा रहे हैं।