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ऑपरेशन के बाद मां-बेटे की मौत पर हंगामा
अमर उजाला ब्यूराे
Updated Thu, 24 Nov 2016 12:07 AM IST
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फरेंदा में संचालित अस्पताल।
- फोटो : अमर उजाला
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फरेंदा। आनंदनगर कस्बे के मंडी समिति के निकट चल रहे नर्सिंग होम में अप्रशिक्षित डाक्टर व स्टाफ की लापरवाही से प्रसूता और उसके नवजात बच्चे की मौत हो गई। इससे बौखलाए महिला के घर वालों ने अस्पताल में हंगामा शुरू कर दिया। मौके की नजाकत भांप कर डाक्टर और स्टाफ अस्पताल छोड़कर फरार हो गए।
नौतनवा थाना क्षेत्र के भगवानपुर सोहनी निवासी बलवीर पासवान की 20 वर्षीय पत्नी रीमा को सोमवार को प्रसव पीड़ा हुई। घर वाले रीमा को पीएचसी मिश्रौलिया ले गए। प्रसूता की हालत गंभीर देखते हुए उसे फरेंदा के लिए रेफर कर दिया गया। बलबीर ने सीएचसी बनकटी ले जाने के लिए एक गाड़ी तय की। वाहन चालक दलाली के चक्कर में सीएचसी बनकटी न ले जाकर प्रसूता को फरेंदा गल्ला मंडी के पास अंश हास्पिटल पहुंचा दिया।
अस्पताल के बाहर लगे बोर्ड पर बड़े-बड़े अक्षरो में डाक्टर के डिग्री देखकर रीमा के पति बलवीर ने अस्पताल में भर्ती करा दिया। अस्पताल के डाक्टरों ने जच्चा-बच्चा पर खतरा बताया और कहा कि बिना आपरेशन के बच्चा पैदा नहीं हो सकता है। आपरेशन के लिए बारह हजार रुपये की मांग की। आर्थिक स्थिति अच्छी न होने के बाद भी किसी तरह बलवीर ने पैसों की व्यवस्था की। मंगलवार की शाम सात बजे डॉ इम्तेयाज ने आपरेशन किया।
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रीमा को पुत्र पैदा हुआ। शुरू में ही जच्चा-बच्चा की तबीयत ठीक नहीं थी लेकिन रात एक बजे महिला व नवजात की तबीयत बिगड़ने लगी। तब कैंपियरगंज निवासी अस्पताल संचालक डा सुधीर जायसवाल व आपरेशन करने वाले डा इम्तेयाज ने महिला व नवजात को गोरखपुर ले जाने की बात कही। पति बलवीर ने पैसों की कमी बताते हुए गोरखपुर ले जाने में असमर्थता जताई। हालत बिगड़ती गई और बुधवार की भोर तीन बजे महिला व उसके नवजात शिशु की मौत हो गई।
परिजनों का हंगामा देख अस्पताल के संचालक व डाक्टर तथा पूरा स्टाफ फरार हो गया। काफी देर हंगामा करने के बाद परिजन शव को साथ लेकर गांव चले गए। इस संबंध में सीएचसी बनकटी के अधीक्षक डा एसके सिंह ने बताया कि घटना की जानकारी अधिकारियों को दी जाएगी। मामले की जांच करा कर अगर अवैध रूप से संचालित अस्पताल है तो कार्रवाई होगी।
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नौतनवा थाना क्षेत्र के भगवानपुर सोहनी निवासी बलवीर पासवान की 20 वर्षीय पत्नी रीमा को सोमवार को प्रसव पीड़ा हुई। घर वाले रीमा को पीएचसी मिश्रौलिया ले गए। प्रसूता की हालत गंभीर देखते हुए उसे फरेंदा के लिए रेफर कर दिया गया। बलबीर ने सीएचसी बनकटी ले जाने के लिए एक गाड़ी तय की। वाहन चालक दलाली के चक्कर में सीएचसी बनकटी न ले जाकर प्रसूता को फरेंदा गल्ला मंडी के पास अंश हास्पिटल पहुंचा दिया।
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अस्पताल के बाहर लगे बोर्ड पर बड़े-बड़े अक्षरो में डाक्टर के डिग्री देखकर रीमा के पति बलवीर ने अस्पताल में भर्ती करा दिया। अस्पताल के डाक्टरों ने जच्चा-बच्चा पर खतरा बताया और कहा कि बिना आपरेशन के बच्चा पैदा नहीं हो सकता है। आपरेशन के लिए बारह हजार रुपये की मांग की। आर्थिक स्थिति अच्छी न होने के बाद भी किसी तरह बलवीर ने पैसों की व्यवस्था की। मंगलवार की शाम सात बजे डॉ इम्तेयाज ने आपरेशन किया।
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रीमा को पुत्र पैदा हुआ। शुरू में ही जच्चा-बच्चा की तबीयत ठीक नहीं थी लेकिन रात एक बजे महिला व नवजात की तबीयत बिगड़ने लगी। तब कैंपियरगंज निवासी अस्पताल संचालक डा सुधीर जायसवाल व आपरेशन करने वाले डा इम्तेयाज ने महिला व नवजात को गोरखपुर ले जाने की बात कही। पति बलवीर ने पैसों की कमी बताते हुए गोरखपुर ले जाने में असमर्थता जताई। हालत बिगड़ती गई और बुधवार की भोर तीन बजे महिला व उसके नवजात शिशु की मौत हो गई।
परिजनों का हंगामा देख अस्पताल के संचालक व डाक्टर तथा पूरा स्टाफ फरार हो गया। काफी देर हंगामा करने के बाद परिजन शव को साथ लेकर गांव चले गए। इस संबंध में सीएचसी बनकटी के अधीक्षक डा एसके सिंह ने बताया कि घटना की जानकारी अधिकारियों को दी जाएगी। मामले की जांच करा कर अगर अवैध रूप से संचालित अस्पताल है तो कार्रवाई होगी।