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स्वास्थ्य

Thu, 23 Dec 2021 11:24 PM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Thu, 23 Dec 2021 11:24 PM IST
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CHC Gopala - Services not sufficiant
सिर्फ कहने के लिए 30 बेड की सीएचसी, सुविधाएं नदारद
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महराजगंज। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गोपाला बनकर तैयार है। यहां बेड सहित अन्य जरूरी सुविधाएं दी गई हैं। लेकिन, पर्याप्त स्टाफ नहीं होने के कारण सीएचसी अपनी पूरी क्षमता से संचालित नहीं हो पा रही है। रोगियों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं। 30 बेड के अस्पताल में लैब टेक्निशियन की तैनाती नहीं होने के कारण जांच नहीं हो पाती है। यहां इलाज कराने के लिए आए लोगों को निजी लैब में जांच कराना पड़ता है।
सीएचसी गोपाला पर घुघली एवं सिसवां ब्लॉक के करीब सवा लाख आबादी को सेहतमंद बनाने की जिम्मेदारी है। यहां डॉ. वैभव चौधरी की तैनाती है। इसके अलावा दो फार्मासिस्ट बैजनाथ शर्मा व गंगाराम साहनी हैं। एएनएम सुनीता बिंद, स्टाफ नर्स अनुपमा गुप्ता, वार्ड ब्वाय संदीप सिंह व एक स्वीपर अनुराधा संविदा पर नियुक्त हैं। इस सीएचसी का संचालन 12 अक्तूबर 2020 से शुरू हुआ है। औसतन एक दिन में यहां 60 से 70 मरीज इलाज कराने आते हैं। सीएचसी में कुर्सी, मेज व बेड पर्याप्त है। लैब का कक्ष बनकर तैयार है, लेकिन यहां जांच करने वाला कोई नहीं है। अलग-अलग कक्ष बना है, लेकिन इनमें बैठने वाले डॉक्टरों की तैनाती नहीं है। एक्स-रे मशीन एवं अल्ट्रासाउंड की सुविधा नहीं है।
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अस्पताल में तैनात डॉ. वैभव चौधरी का कहना है कि विभाग को पत्र भेजा गया है। वर्तमान में जो व्यवस्था है, उसमें बेहतर कार्य करने का प्रयास जारी है।
विशेषज्ञों की नहीं है तैनाती
महिला रोग विशेषज्ञ, बाल रोग विशेषज्ञ, एमडी मेडिसिन, सर्जन, नेत्र रोग, दंत रोग, आर्थोपेडिक, लैब टेक्नीशियन, एक्स-रे व अल्ट्रासाउंड टेक्निशियन की तैनाती नहीं हुई है।
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गंभीर बीमारी का नहीं हो पाता इलाज
सिरसियां गांव के राजीव यादव ने कहा कि अगर अस्पताल में सभी विशेषज्ञ डॉक्टर रहते तो बेहतर इलाज होता। लेकिन, यहां एक डॉक्टरों के भरोसे अस्पताल संचालित है। गोपाला गांव की नैना ने बताया कि महिला रोग विशेषज्ञ की तैनाती नहीं है जिससे इलाज में परेशानी होती है। खुडूरी गांव की माधुरी कहती है कि यहां गंभीर रूप से बीमारों का इलाज नहीं हो पाता है। उसके लिए जिला अस्पताल या निजी अस्पताल का ही सहारा रहता है। बडहरां गांव की अंगिरा कहती हैं कि यह तो कहने के लिए सीएचसी है, यहां बेहतर ढंग से इलाज नहीं हो पाता है।
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