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शहर में निकल रहे अतिरिक्त कचरा का निपटान बना नपा को चुनौती
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waist managment.
- फोटो : waist managment.
ललितपुर। दीपावली के मद्देनजर घरों व दुकानों में चल रही साफ - सफाई के कारण शहर में 10 से 12 मीट्रिक टन अतिरिक्त कचरा निकल रहा है। शहर साफ- सुथरा रहे, इसलिए नगर पालिका परिषद ने कमर कस ली है और कचरा गाड़ियों के अतिरिक्त फेरे लगाए जा रहे हैं, ताकि शहर वासियों को असुविधा न हो और क्षेत्र साफ- सुथरा रहे।
शहर के 26 वार्डों में प्रतिदिन 60 से 62 मीट्रिक टन कचरा निकलता है। इस कचरा को टंचिंग ग्राउंड तक पहुंचाने के लिए 27 मैजिक लोडिंग टैक्सी, छह ट्रैक्टर- ट्राली, एक- एक जेसीबी,टाटा चार सौ सात, टाटा मैजिक वाहन और व्यावसायिक क्षेत्र में कचरा वाहन लगाया गया है। इन वाहनों पर करीब सात से आठ लाख रुपये का डीजल जल जाता है। कर्मचारियों की भी लंबी सूची है। इनमें संविदा के 214, स्थाई 69 व 251 आउटसोर्सिंग कर्मचारी लगे हैं। अब दीपावली पर्व नजदीक आते ही घरों व दुकानों में साफ-सफाई का काम शुरू हो गया है।
कचरा को उठाने के लिए वाहनों के फेरे बढ़ा दिए गए हैं। चार- चार चक्कर लगाने वाली गाड़ियां अब पांच से छह चक्कर लगा रही हैं। सुबह से शाम तक वाहनों के जरिए कचरा उठाया जा रहा है। व्यावसायिक क्षेत्र कटरा बाजार, नझाई बाजार, जूता चप्पल लाइन व साड़ी लाइन में दुकानें बंद होने पर नियमित कचरा उठाया जा रहा है। व्यवसायिक क्षेत्र में एक की जगह दो वाहन कचरा उठाने के लिए लगा दिए गए हैं। इससे कर्मचारियों पर काम का दबाव बढ़ गया है तो वहीं नगर पालिका को भी सफाई पर अतिरिक्त खर्च करना पड़ रहा है।
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नगर पालिका परिषद हर महीने सात से आठ लाख रुपये का डीजल सफाई पर खर्च कर रही है। यदि कर्मचारियों का वेतन, वाहनों की मरम्मत को भी इसमें जोड़ दिया जाए तो महीने में कुल मिलाकर लगभग पचास लाख रुपये सफाई पर खर्च हो रहे हैं।
दीपावली के मद्देनजर शहर में कूड़ा उठाने के लिए वाहनों के फेरे बढ़ा गए हैं। व्यावसायिक क्षेत्रों से भी कचरा का उठान किया जा रहा है।
संदीप कुमार, सफाई एवं खाद्य निरीक्षक, नगर पालिका परिषद
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शहर के 26 वार्डों में प्रतिदिन 60 से 62 मीट्रिक टन कचरा निकलता है। इस कचरा को टंचिंग ग्राउंड तक पहुंचाने के लिए 27 मैजिक लोडिंग टैक्सी, छह ट्रैक्टर- ट्राली, एक- एक जेसीबी,टाटा चार सौ सात, टाटा मैजिक वाहन और व्यावसायिक क्षेत्र में कचरा वाहन लगाया गया है। इन वाहनों पर करीब सात से आठ लाख रुपये का डीजल जल जाता है। कर्मचारियों की भी लंबी सूची है। इनमें संविदा के 214, स्थाई 69 व 251 आउटसोर्सिंग कर्मचारी लगे हैं। अब दीपावली पर्व नजदीक आते ही घरों व दुकानों में साफ-सफाई का काम शुरू हो गया है।
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कचरा को उठाने के लिए वाहनों के फेरे बढ़ा दिए गए हैं। चार- चार चक्कर लगाने वाली गाड़ियां अब पांच से छह चक्कर लगा रही हैं। सुबह से शाम तक वाहनों के जरिए कचरा उठाया जा रहा है। व्यावसायिक क्षेत्र कटरा बाजार, नझाई बाजार, जूता चप्पल लाइन व साड़ी लाइन में दुकानें बंद होने पर नियमित कचरा उठाया जा रहा है। व्यवसायिक क्षेत्र में एक की जगह दो वाहन कचरा उठाने के लिए लगा दिए गए हैं। इससे कर्मचारियों पर काम का दबाव बढ़ गया है तो वहीं नगर पालिका को भी सफाई पर अतिरिक्त खर्च करना पड़ रहा है।
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नगर पालिका परिषद हर महीने सात से आठ लाख रुपये का डीजल सफाई पर खर्च कर रही है। यदि कर्मचारियों का वेतन, वाहनों की मरम्मत को भी इसमें जोड़ दिया जाए तो महीने में कुल मिलाकर लगभग पचास लाख रुपये सफाई पर खर्च हो रहे हैं।
दीपावली के मद्देनजर शहर में कूड़ा उठाने के लिए वाहनों के फेरे बढ़ा गए हैं। व्यावसायिक क्षेत्रों से भी कचरा का उठान किया जा रहा है।
संदीप कुमार, सफाई एवं खाद्य निरीक्षक, नगर पालिका परिषद