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Lalitpur News: नई इमारत पर दो साल से ताला, पुराने अस्पताल में मरीज बेहाल

Sat, 02 May 2026 02:44 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Sat, 02 May 2026 02:44 AM IST
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New Building Locked for Two Years; Patients in Distress at Old Hospital
संवाद न्यूज एजेंसी
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ललितपुर। राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय की नई इमारत तैयार होने के बावजूद मरीजों को उसका लाभ अब तक नहीं मिल सका है। करीब दो वर्ष पहले 300 बेड क्षमता वाले अत्याधुनिक वार्ड भवन का निर्माण पूरा हो गया था, लेकिन आज तक न तो यहां ओपीडी शिफ्ट हो पाई है और न ही वार्डों का संचालन शुरू हो सका है।
जिला अस्पताल का विस्तार कर इसे स्वशासी राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय के रूप में विकसित किया गया है। नई इमारत में आधुनिक सुविधाओं से युक्त वार्ड, ओपीडी कक्ष, चिकित्सकों के कक्ष और अन्य जरूरी व्यवस्थाएं तैयार हैं, लेकिन भवन अब भी खाली पड़ा हुआ है। करोड़ों रुपये की लागत से बना यह ढांचा फिलहाल उपयोग में नहीं आ पा रहा है।
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उधर, पुराने अस्पताल भवन में रोजाना बड़ी संख्या में मरीज पहुंच रहे हैं। सीमित जगह और संसाधनों के कारण मरीजों को घंटों इंतजार करना पड़ता है। कई बार बेड न मिलने पर मरीजों को जमीन या बरामदों में ही इलाज कराना पड़ता है, जिससे उन्हें काफी परेशानी उठानी पड़ रही है।
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सूत्रों के अनुसार, नई इमारत में आवश्यक उपकरणों की स्थापना, पैरामेडिकल स्टाफ और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की तैनाती जैसी प्रक्रियाएं अब तक पूरी नहीं हो सकी हैं। इसी वजह से शिफ्टिंग का काम लगातार टलता जा रहा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि सरकार स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए करोड़ों रुपये खर्च कर रही है, लेकिन इसका लाभ जमीन पर नजर नहीं आ रहा है। उनका कहना है कि यदि नई इमारत को जल्द शुरू कर दिया जाए तो जिले के हजारों मरीजों को राहत मिल सकती है।


संसाधनों की कमी और पैरामेडिकल व चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की अनुपलब्धता के कारण शिफ्टिंग नहीं हो पाई है। प्रक्रिया अंतिम चरण में है, स्टाफ और संसाधनों की पूर्ति होते ही नई इमारत में अस्पताल का संचालन शुरू कर दिया जाएगा।- डॉ. डीके राज, सह आचार्य, मेडिकल कॉलेज।
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