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Lalitpur News: बनने से वर्षभर के अंदर ही धंस गई नाराहट-जामनी बांध सड़क
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संवाद न्यूज एजेंसी
डोंगराखुर्द (ललितपुर)। नाराहट से जामनी बांध की सड़क निर्माण के एक वर्ष के अंदर ही धंस गई। कदम-कदम पर गड्ढे होने से चार पहिया तो दूर बाइक से भी निकलना मुश्किल हो गया है। 14 किलोमीटर की दूरी तय करने में एक घंटे का समय लग रहा है। मजबूरी में ग्रामीण अन्य मार्ग से आवागमन कर रहे हैं। ग्रामीणों ने सड़क की गुणवत्ता खराब होने के आरोप लगाए हैं।
झांसी-सागर हाईवे से मदनपुर, मड़ावरा को जोड़ने वाला जामनी बांध-नाराहट प्रमुख मार्ग है। यह मार्ग दर्जनों गांवों को जोड़ता है। इस 14 किलोमीटर लंबे मार्ग पर नाराहट से जामनी बांध तक बीते वर्ष सड़क का निर्माण किया गया था। लेकिन, एक वर्ष में ही सड़क बदहाल हो गई।
जगह-जगह गड्ढे हो गए हैं। कई स्थानों पर एक ओर पूरी तरह धंस गई है। गाड़ियां हिचकोले खाकर निकल रही हैं। इससे गर्दन व कमर दर्द की समस्या हो रही है। गड्ढों से बचने के चक्कर में दुर्घटना का खतरा बना हुआ है। ग्रामीणों का कहना है कि निर्माण के कुछ ही दिनों बाद हल्की बारिश से सड़क में गड्ढे हो गए थे, तब से लगातार खस्ताहाल होती जा रही है। इस तरफ कोई ध्यान नहीं दे रहा है।
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डोंगराखुर्द (ललितपुर)। नाराहट से जामनी बांध की सड़क निर्माण के एक वर्ष के अंदर ही धंस गई। कदम-कदम पर गड्ढे होने से चार पहिया तो दूर बाइक से भी निकलना मुश्किल हो गया है। 14 किलोमीटर की दूरी तय करने में एक घंटे का समय लग रहा है। मजबूरी में ग्रामीण अन्य मार्ग से आवागमन कर रहे हैं। ग्रामीणों ने सड़क की गुणवत्ता खराब होने के आरोप लगाए हैं।
झांसी-सागर हाईवे से मदनपुर, मड़ावरा को जोड़ने वाला जामनी बांध-नाराहट प्रमुख मार्ग है। यह मार्ग दर्जनों गांवों को जोड़ता है। इस 14 किलोमीटर लंबे मार्ग पर नाराहट से जामनी बांध तक बीते वर्ष सड़क का निर्माण किया गया था। लेकिन, एक वर्ष में ही सड़क बदहाल हो गई।
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जगह-जगह गड्ढे हो गए हैं। कई स्थानों पर एक ओर पूरी तरह धंस गई है। गाड़ियां हिचकोले खाकर निकल रही हैं। इससे गर्दन व कमर दर्द की समस्या हो रही है। गड्ढों से बचने के चक्कर में दुर्घटना का खतरा बना हुआ है। ग्रामीणों का कहना है कि निर्माण के कुछ ही दिनों बाद हल्की बारिश से सड़क में गड्ढे हो गए थे, तब से लगातार खस्ताहाल होती जा रही है। इस तरफ कोई ध्यान नहीं दे रहा है।
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