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Lalitpur News: किताबों से बाहर होगी पढ़ाई, बच्चे सीखेंगे प्रकृति का पाठ
Mon, 28 Sep 2026 02:11 AM IST
झांसी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ललितपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, ललितपुर
Updated Mon, 28 Sep 2026 02:11 AM IST
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ललितपुर। जनपद के 11 पीएमश्री विद्यालयों में वेजिटेबल-मेडिसिनल किचन गार्डन विकसित किए जाएंगे। इसका उद्देश्य छात्र-छात्राओं को प्रकृति, पोषण, स्वास्थ्य और पर्यावरण से जोड़ना है। विभाग ने इस परियोजना की तैयारी शुरू कर दी है।
प्रत्येक किचन गार्डन की लागत करीब 20 हजार रुपये होगी। जिले में कुल 1357 परिषदीय विद्यालय हैं, जिनमें 11 पीएमश्री विद्यालय शामिल हैं। इन विद्यालयों में लगभग 1.36 लाख छात्र-छात्राएं पंजीकृत हैं। शासन ने इन गार्डनों को कक्षा शिक्षण से जोड़ने पर जोर दिया है। इससे बच्चों को पौधों की विशेषता और जल संरक्षण जैसी गतिविधियों में भाग लेने का अवसर मिलेगा।
विद्यालय परिसर में उपलब्ध स्थान के आधार पर गार्डन बनाए जाएंगे। पर्याप्त भूमि न होने पर कॉम्पैक्ट गार्डन, वर्टिकल, पॉट, बोतल गार्डन या रेज्ड बेड मॉडल अपनाए जाएंगे। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी रत्नेश कुमार ने बताया कि शासन के निर्देश पर यह कवायद शुरू हुई है।
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किचन गार्डन में लगने वाले पौधे
इन किचन गार्डन में विभिन्न प्रकार के पौधे, सब्जियां और मौसमी पौधे लगाए जाएंगे। मेडिसिनल प्लांट, किचन गार्डन, एरोमैटिक प्लांट और कंपोस्ट जैसे कॉर्नर भी विकसित होंगे। इनमें तुलसी, गिलोय, अश्वगंधा, एलोवेरा, नीम और आंवला शामिल होंगे। हल्दी, अदरक, धनिया, पालक, मेथी जैसे औषधीय और सुगंधित पौधे भी लगाए जाएंगे। ये पौधे स्थानीय जलवायु के अनुरूप चुने जाएंगे।
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प्रत्येक किचन गार्डन की लागत करीब 20 हजार रुपये होगी। जिले में कुल 1357 परिषदीय विद्यालय हैं, जिनमें 11 पीएमश्री विद्यालय शामिल हैं। इन विद्यालयों में लगभग 1.36 लाख छात्र-छात्राएं पंजीकृत हैं। शासन ने इन गार्डनों को कक्षा शिक्षण से जोड़ने पर जोर दिया है। इससे बच्चों को पौधों की विशेषता और जल संरक्षण जैसी गतिविधियों में भाग लेने का अवसर मिलेगा।
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विद्यालय परिसर में उपलब्ध स्थान के आधार पर गार्डन बनाए जाएंगे। पर्याप्त भूमि न होने पर कॉम्पैक्ट गार्डन, वर्टिकल, पॉट, बोतल गार्डन या रेज्ड बेड मॉडल अपनाए जाएंगे। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी रत्नेश कुमार ने बताया कि शासन के निर्देश पर यह कवायद शुरू हुई है।
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किचन गार्डन में लगने वाले पौधे
इन किचन गार्डन में विभिन्न प्रकार के पौधे, सब्जियां और मौसमी पौधे लगाए जाएंगे। मेडिसिनल प्लांट, किचन गार्डन, एरोमैटिक प्लांट और कंपोस्ट जैसे कॉर्नर भी विकसित होंगे। इनमें तुलसी, गिलोय, अश्वगंधा, एलोवेरा, नीम और आंवला शामिल होंगे। हल्दी, अदरक, धनिया, पालक, मेथी जैसे औषधीय और सुगंधित पौधे भी लगाए जाएंगे। ये पौधे स्थानीय जलवायु के अनुरूप चुने जाएंगे।