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Lalitpur News: जमानत कराने वाले 23 पेशेवर जमानतदारों पर कसेगा शिकंजा
Sun, 27 Sep 2026 01:43 AM IST
झांसी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ललितपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, ललितपुर
Updated Sun, 27 Sep 2026 01:43 AM IST
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ललितपुर। फर्जी दस्तावेज और कूटरचित कागजात से कई आपराधिक मामलों के आरोपियों की जमानत करवाने वाले मामले में दर्ज किए गए आधा दर्जन मुकदमे के 23 पेशेवर जमानतदार आरोपियों पर शिकंजा कसने के लिए पुलिस तैयारी में जुट गई है। इसके लिए आरोपियों के खिलाफ आवश्यक साक्ष्य जुटाना शुरू कर दिया है।
पुलिस अधीक्षक संजीव कुमार बाजपेई के आदेश पर जिले के सभी थाना-कोतवाली में जमानतदारों के सत्यापन को लेकर कुछ दिन पूर्व अभियान शुरू किया गया था। जमानतदारों के सत्यापन के दौरान फर्जी दस्तावेजों और कूटरचित कागजातों का उपयोग कर कई आपराधिक मामलों के आरोपियों की जमानत कराने वाले लोगों के नाम प्रकाश में आए थे। यह पेशेवर जमानतदार थे और जनपद के अपराधियों के अलावा झांसी, सागर, दमोह, राजगढ़, सतना, समस्तीपुर, नागपुर, कानपुर देहात और हरियाणा के मेवात क्षेत्र के रहने वाले आरोपियों की भी जमानत फर्जी व कूटरचित दस्तावेजों के जरिए आर्थिक लाभ लेकर कराई। इन आरोपियों के खिलाफ चोरी, मारपीट, हत्या के प्रयास, आर्म्स एक्ट, पशु क्रूरता अधिनियम, धोखाधड़ी, सड़क दुर्घटना, गुंडा नियंत्रण अधिनियम जैसे मुकदमे शामिल थे। जमानत सत्यापन में यह मामला उजागर होने के बाद कोतवाली सदर में अलग-अलग दिनों में पांच मुकदमे 19 आरोपियों और जाखलौन थाना में एक मुकदमा चार आरोपियों के खिलाफ दर्ज किए गए। इस प्रकार से सितंबर माह में कुल छह मुकदमे 23 नामजद व अन्य लोगों के खिलाफ दर्ज किए गए। इसके बाद पुलिस ने इन मामलों की गहनता से जांच पड़ताल शुरू की। जिसमें पूरे नेटवर्क में शामिल अन्य लोगों को चिह्नित करने की प्रक्रिया शामिल रही। अब पुलिस इन पेशेवर जमानत देने वाले आरोपियों के खिलाफ शिकंजा कसने की तैयारी में जुट गई है। इसके लिए पुलिस जमानत के दौरान लगाए गए संपत्ति संबंधी दस्तावेजों सहित वास्तविक स्वामी, उनकी वैधता और जमानत प्रपत्रों में दर्ज विवरण को साक्ष्य के रूप में संकलित कर रही है। साक्ष्य संकलित होने के बाद आरोपियों के खिलाफ आगे की कार्रवाई की जाएगी। वहीं पेशेवर जमानतदारों की तस्दीक करने के मामले में कराई गई जांच में कोतवाली सदर में तैनात सिपाही धर्मेंद्र पर नकली शराब बनाने वाले गिरोह के सरगना रवि लखेरा की जमानत तस्दीक बिना उच्चाधिकारियों के संज्ञान में लाकर कोर्ट में प्रेषित करने पर एसपी ने निलंबित कर दिया था। इसके साथ जमानतदारों की जमानत तस्दीक की भी पड़ताल की जा रही है।
इन पेशेवर जमानतदारों पर दर्ज हुई है रिपोर्ट
16 सितंबर को कोतवाली सदर में प्रमोद और देवी प्रसाद के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई।
18 सितंबर को थाना जाखलौन में रतीराम, कमलेश, इमरत और मंगू के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज हुई थी।
18 सितंबर को कोतवाली सदर में कन्हैयालाल, प्रमोद, भरत, इमरत, रतीराम, बाबूलाल व अन्य लोगों पर रिपोर्ट की गई थी।
20 सितंबर को कोतवाली सदर पुलिस ने बाबूलाल, पप्पू, दुली, लक्ष्मण व अन्य लोगों पर रिपोर्ट दर्ज की थी।
20 सितंबर को कोतवाली सदर पुलिस ने कन्हैयालाल, राजेश, जगदीश, रमेश व अन्य लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की थी।
21 सितंबर को कोतवाली सदर पुलिस ने राजेश, प्रेमचंद्र, भानुप्रताप व अन्य लोगों पर रिपोर्ट दर्ज की थी।
फर्जी दस्तावेज और कूटरचित कागजात से आपराधिक मामलों के आरोपियों की जमानत करवाने के कोतवाली और जाखलौन थाने में करीब आधा दर्जन मुकदमे दर्ज किए गए थे। इन पेशेवर जमानतदारों के खिलाफ शिकंजा और कार्रवाई करने के लिए साक्ष्य संकलित किए जा रहे हैं। जल्द ही आरोपियों के खिलाफ आगे की विधिक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
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कालू सिंह, अपर पुलिस अधीक्षक
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पुलिस अधीक्षक संजीव कुमार बाजपेई के आदेश पर जिले के सभी थाना-कोतवाली में जमानतदारों के सत्यापन को लेकर कुछ दिन पूर्व अभियान शुरू किया गया था। जमानतदारों के सत्यापन के दौरान फर्जी दस्तावेजों और कूटरचित कागजातों का उपयोग कर कई आपराधिक मामलों के आरोपियों की जमानत कराने वाले लोगों के नाम प्रकाश में आए थे। यह पेशेवर जमानतदार थे और जनपद के अपराधियों के अलावा झांसी, सागर, दमोह, राजगढ़, सतना, समस्तीपुर, नागपुर, कानपुर देहात और हरियाणा के मेवात क्षेत्र के रहने वाले आरोपियों की भी जमानत फर्जी व कूटरचित दस्तावेजों के जरिए आर्थिक लाभ लेकर कराई। इन आरोपियों के खिलाफ चोरी, मारपीट, हत्या के प्रयास, आर्म्स एक्ट, पशु क्रूरता अधिनियम, धोखाधड़ी, सड़क दुर्घटना, गुंडा नियंत्रण अधिनियम जैसे मुकदमे शामिल थे। जमानत सत्यापन में यह मामला उजागर होने के बाद कोतवाली सदर में अलग-अलग दिनों में पांच मुकदमे 19 आरोपियों और जाखलौन थाना में एक मुकदमा चार आरोपियों के खिलाफ दर्ज किए गए। इस प्रकार से सितंबर माह में कुल छह मुकदमे 23 नामजद व अन्य लोगों के खिलाफ दर्ज किए गए। इसके बाद पुलिस ने इन मामलों की गहनता से जांच पड़ताल शुरू की। जिसमें पूरे नेटवर्क में शामिल अन्य लोगों को चिह्नित करने की प्रक्रिया शामिल रही। अब पुलिस इन पेशेवर जमानत देने वाले आरोपियों के खिलाफ शिकंजा कसने की तैयारी में जुट गई है। इसके लिए पुलिस जमानत के दौरान लगाए गए संपत्ति संबंधी दस्तावेजों सहित वास्तविक स्वामी, उनकी वैधता और जमानत प्रपत्रों में दर्ज विवरण को साक्ष्य के रूप में संकलित कर रही है। साक्ष्य संकलित होने के बाद आरोपियों के खिलाफ आगे की कार्रवाई की जाएगी। वहीं पेशेवर जमानतदारों की तस्दीक करने के मामले में कराई गई जांच में कोतवाली सदर में तैनात सिपाही धर्मेंद्र पर नकली शराब बनाने वाले गिरोह के सरगना रवि लखेरा की जमानत तस्दीक बिना उच्चाधिकारियों के संज्ञान में लाकर कोर्ट में प्रेषित करने पर एसपी ने निलंबित कर दिया था। इसके साथ जमानतदारों की जमानत तस्दीक की भी पड़ताल की जा रही है।
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इन पेशेवर जमानतदारों पर दर्ज हुई है रिपोर्ट
16 सितंबर को कोतवाली सदर में प्रमोद और देवी प्रसाद के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई।
18 सितंबर को थाना जाखलौन में रतीराम, कमलेश, इमरत और मंगू के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज हुई थी।
18 सितंबर को कोतवाली सदर में कन्हैयालाल, प्रमोद, भरत, इमरत, रतीराम, बाबूलाल व अन्य लोगों पर रिपोर्ट की गई थी।
20 सितंबर को कोतवाली सदर पुलिस ने बाबूलाल, पप्पू, दुली, लक्ष्मण व अन्य लोगों पर रिपोर्ट दर्ज की थी।
20 सितंबर को कोतवाली सदर पुलिस ने कन्हैयालाल, राजेश, जगदीश, रमेश व अन्य लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की थी।
21 सितंबर को कोतवाली सदर पुलिस ने राजेश, प्रेमचंद्र, भानुप्रताप व अन्य लोगों पर रिपोर्ट दर्ज की थी।
फर्जी दस्तावेज और कूटरचित कागजात से आपराधिक मामलों के आरोपियों की जमानत करवाने के कोतवाली और जाखलौन थाने में करीब आधा दर्जन मुकदमे दर्ज किए गए थे। इन पेशेवर जमानतदारों के खिलाफ शिकंजा और कार्रवाई करने के लिए साक्ष्य संकलित किए जा रहे हैं। जल्द ही आरोपियों के खिलाफ आगे की विधिक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
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कालू सिंह, अपर पुलिस अधीक्षक