फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lalitpur News ›   farmer beging clame for serve crop

अतिवृष्टि में चौपट फसल का सर्वे कराकर दिलाया जाए मुआवजा

Thu, 26 Sep 2019 01:00 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Thu, 26 Sep 2019 01:00 AM IST
विज्ञापन
farmer beging clame for serve crop
ललितपुर। कचहरी चौराहे पर बुधवार को किसानों ने अतिवृष्टि से चौपट हुई उड़द, मूंग व मक्का की फसलों का शीघ्र सर्वे कराने की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। किसानों ने जमकर नारेबाजी की। एडीएम के आश्वासन पर किसान शांत हुए। इस दौरान उन्होंने किसानों के प्रतिनिधियों से ज्ञापन भी प्राप्त किया।
विज्ञापन

खेतों में खरीफ फसल पिछले महीने तक लहलहा रही थी, लेकिन सितंबर में अत्यधिक बरसात होने से उड़द, मूंग व मक्का की फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है। इससे किसानों का बजट बिगड़ गया है, उन्हें रबी की बुवाई के लिए खाद और बीज का इंतजाम करना मुश्किल हो रहा है लेकिन, उन्हें किसी प्रकार की राहत नहीं मिल पा रही है। इस बात को लेकर किसानों में आक्रोश है।
विज्ञापन

बुधवार को तुवन मंदिर प्रांगण में किसान एकत्रित हुए। यहां किसान प्रतिनिधियों ने जमकर नारेबाजी की और सरकार के खिलाफ आक्रोश व्यक्त किया। इसके बाद जुलूस की शक्ल में किसान जिलाधिकारी कार्यालय ज्ञापन देने के लिए पहुंचे। कचहरी चौराहे पर उन्होंने जनप्रतिनिधियों व प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। इससे कचहरी चौराहे पर आवागमन बाधित हो गया। सूचना पर अपर जिलाधिकारी अनिल कुमार मिश्र मौके पहुंचे। यहां उन्होंने किसानों के प्रतिनिधियों से बातचीत की। उन्होंने बताया कि फसलों के नुकसान का आंकलन करने के लिए टीमें गठित की गईं हैं। अधिकांश सर्वे पूर्ण हो चुका है। मड़ावरा, पाली, महरौनी, ललितपुर और तालबेहट तहसीलों में अधिकांश फसलों को नुकसान है। जिन किसानों के खसरे में यदि उड़द दर्ज है तो उसे उसका मुआवजा मिलेगा। किसान लेखपाल से मिलकर दर्ज फसल की जानकारी कर लें। किसानों का कहना है कि संपूर्ण फसल नष्ट हो चुकी है। किसानों के पास आगे की फसल बोने के लिए एक पैसा भी नहीं है। ऐसी स्थिति में नष्ट फसलों का मुआयना कराकर शासन को रिपोर्ट भेजी जाए, ताकि उन्हें मुआवजा मिल सके। उन्होंने एडीएम को दिए ज्ञापन में उचित मुआवजा दिलाने, खाद, बीज पर छूट दिलाने, योजनाओं का लाभ पात्रों को दिलाने, अपात्रों की जांच कराकर कार्रवाई करने, किसानों के उत्पीड़न की जांच कराने की मांग की। जो ट्रैक्टर एजेंसी संचालक किसानों का उत्पीड़न कर रहे हैं, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाए।
विज्ञापन
विज्ञापन

प्रदर्शन में ग्राम सतौरा, रोंड़ा, पाचौनी, बूचा, दावनी, चढरऊ, मऊमाफी, पिपरिया डोंगरा, कुमरौला, हंसेरा, नगवास, उमरिया, बुढ़वार, मसौराकलां, जाखलौन, नयागांव, मड़वारी, सतरवांस, क्योलारी, मर्रोली, गढ़ौली, जरया, करमई, रामगढ़, मिनौरा, तोर, थनवारा, महरौनी, बिरधा, मनगुवांकलां, कारीटोरन, जिजयावन, जरावली, सिमिरिया, सरखड़ी, थनवारा, गुढ़ा, गनगौरा, बंदरगुढ़ा, देवरान, करमरा, बरौदिया राईन, उल्दनाकलां, बीघा महर्रा, बंगरिया, मथुराडांग, बार, ठगारी, सतौरा, चिगलौआ, टपरियन, खुरा, टौरिया, मसौरा, बिल्ला, सिलगन, गूगर आदि गांव के किसानों के साथ हरदयाल सिंह लोधी, गजेंद्र सिंह, ऊदल सिंह, मुकेश करमरा, अनुराग सिंह, नरेंद्र सिंह राजपूत, मोंटी शुक्ला, रक्षपाल सिंह, अंकित पटैरिया, ब्रजेश पाल, दीपक यादव, सरमन, छत्रपाल सिंह, देवेंद्र बरौदिया, रामकिशोर, दीपक जैन, इंदपाल, रघुवीर सिंह, माधव सिंह, बलराम झा, हिमांशु राजा, रामसेवक, महेंद्र सिंह यादव प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed