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Lalitpur News: एक दशक बाद भी शौचालय के लिए जमीन चिह्नित नहीं
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ललितपुर। शहर में नगर पालिका परिषद ने भले ही लोगों की सुविधाओं के लिए विकास के दावे किए जा रहे हों, लेकिन हकीकत यह है एक दशक बाद भी कटरा बाजार क्षेत्र में सार्वजनिक शौचालय नहीं बन सका है। निर्माण तो दूर जमीन तक चिह्नित नहीं हो सकी है। ऐसे में पुरुष तो इधर-उधर जाकर जगह देखते हैं, कई बार तो शौचालय न मिलने पर लोग खुले में पेशाब करने लगते हैं, पर महिलाओं को अधिक समस्या होती है।
नगर में कटरा बाजार क्षेत्र को प्रमुख बाजारों में जाना जाता है। यहां ज्वैलर्स, लोहा-पीतल, साड़ी बाजार, चूड़ी बाजार समेत अन्य प्रमुख दुकानें हैं। इससे शहर में सबसे अधिक भीड़ इस क्षेत्रे में होती है। यहां पर पुरुषों के सापेक्ष महिलाओं का आवागमन अधिक होता है। सहालग व त्योहारी सीजन में गलियों से दो पहिया वाहन तक नहीं निकल पाते हैं। लेकिन, लंबे अरसे बाद भी अब तक समूचे बाजार में एक भी स्थान पर शौचालय की सुविधा नहीं है।
सार्वजनिक शौचालय सुविधा तो दूर एक दशक से लगातार मांग के बाद जमीन तक चिह्नित नहीं हो सकी है। ऐसे में बाजार आने वाले पुरुष व महिलाओं को अधिक समस्याओं से जूझना पड़ रहा है। यहां पर पुरुष तो इधर-उधर चले जाते हैं, लेकिन महिलाओं को अधिक समस्या हो जाती है। कई बार महिलाएं परेशान होकर दुकानों के आस-पास बैठ जातीं हैं, जिससे विवाद की स्थिति बन जाती है। कई महिलाएं परेशान होकर बाजार से ही चलीं जातीं है। ऐसे में पालिका की सुविधाओं की स्थिति का अंदाजा सहज ही लगाया जा सकता है।
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नगर में कटरा बाजार क्षेत्र को प्रमुख बाजारों में जाना जाता है। यहां ज्वैलर्स, लोहा-पीतल, साड़ी बाजार, चूड़ी बाजार समेत अन्य प्रमुख दुकानें हैं। इससे शहर में सबसे अधिक भीड़ इस क्षेत्रे में होती है। यहां पर पुरुषों के सापेक्ष महिलाओं का आवागमन अधिक होता है। सहालग व त्योहारी सीजन में गलियों से दो पहिया वाहन तक नहीं निकल पाते हैं। लेकिन, लंबे अरसे बाद भी अब तक समूचे बाजार में एक भी स्थान पर शौचालय की सुविधा नहीं है।
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सार्वजनिक शौचालय सुविधा तो दूर एक दशक से लगातार मांग के बाद जमीन तक चिह्नित नहीं हो सकी है। ऐसे में बाजार आने वाले पुरुष व महिलाओं को अधिक समस्याओं से जूझना पड़ रहा है। यहां पर पुरुष तो इधर-उधर चले जाते हैं, लेकिन महिलाओं को अधिक समस्या हो जाती है। कई बार महिलाएं परेशान होकर दुकानों के आस-पास बैठ जातीं हैं, जिससे विवाद की स्थिति बन जाती है। कई महिलाएं परेशान होकर बाजार से ही चलीं जातीं है। ऐसे में पालिका की सुविधाओं की स्थिति का अंदाजा सहज ही लगाया जा सकता है।
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