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Lalitpur News: तीन दिन से 10 गांवों में बिजली ठप
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ललितपुर। विद्युत व्यवस्था सुधारने के नाम पर करोड़ों खर्च किए गए, लेकिन आपूर्ति पटरी पर नहीं आ सकी। मिर्चवारा उपकेंद्र से जुड़े 10 गांवों में तीन दिन से बिजली ठप है। लोग अंधेरे में रात बिताने को मजबूर हैं।
रिवैंप समेत अन्य योजनाओं के तहत बिजली के जर्जर तारों को बदला जा रहा है। साथ ही अधिक लोड वाले फीडरों को बांटा जा रहा है। बिजली घर समेत ट्रांसफार्मरों की क्षमता वृद्धि की जा रही है, लेकिन हालात नहीं बदल रहे। ग्राम मिर्चवारा स्थित बिजलीघर की आपूर्ति व्यवस्था चौपट है। बिजलीघर के खितवांस फीडर की आपूर्ति तीन दिन से बाधित है। इससे पटसेमरा, अनौरा, खितवांस, खजुरिया, भड़रऊ, छिल्ला समेत लगभग 10 गांव जूझ रहे हैं।
बारिश का मौसम होने से घरों जहरीले कीड़े-मकोड़ों के आने का भय रहता है। ग्रामीणों का कहना है कि दिन तो किसी तरह कट जाता है, लेकिन रात बिताना मुश्किल हो रहा है। गर्मी में पंखे, कूलर न चलने से सो तक नहीं पा रहे हैं। बच्चे व बुजुर्गों की हालत खराब है। दुकानदारों का कारोबार भी प्रभावित हो रहा है। शाम होते ही दुकान बंद करनी पड़ रही है।
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रिवैंप समेत अन्य योजनाओं के तहत बिजली के जर्जर तारों को बदला जा रहा है। साथ ही अधिक लोड वाले फीडरों को बांटा जा रहा है। बिजली घर समेत ट्रांसफार्मरों की क्षमता वृद्धि की जा रही है, लेकिन हालात नहीं बदल रहे। ग्राम मिर्चवारा स्थित बिजलीघर की आपूर्ति व्यवस्था चौपट है। बिजलीघर के खितवांस फीडर की आपूर्ति तीन दिन से बाधित है। इससे पटसेमरा, अनौरा, खितवांस, खजुरिया, भड़रऊ, छिल्ला समेत लगभग 10 गांव जूझ रहे हैं।
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बारिश का मौसम होने से घरों जहरीले कीड़े-मकोड़ों के आने का भय रहता है। ग्रामीणों का कहना है कि दिन तो किसी तरह कट जाता है, लेकिन रात बिताना मुश्किल हो रहा है। गर्मी में पंखे, कूलर न चलने से सो तक नहीं पा रहे हैं। बच्चे व बुजुर्गों की हालत खराब है। दुकानदारों का कारोबार भी प्रभावित हो रहा है। शाम होते ही दुकान बंद करनी पड़ रही है।
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