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जमीन विक्री में खूब हो रहा फर्जी बैनामा, दाखिल खारिज..
Updated Sun, 03 Jun 2018 03:28 AM IST
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जमीन विक्री में खूब हो रहा फर्जी बैनामा, दाखिल खारिज
भू-स्वामी दर-दर भटकने को मजबूर, नहीं हो रही सुनवाई
कल्यापुरा के ग्रामीण ने लगाया फर्जी बैनामा का आरोप
अमर उजाला ब्यूरो
ललितपुर।
जनपद में जमीन बिक्री में फर्जी बैनामा और दाखिल खारिज के मामले सामने आ रहे हैं। अवैध रूप से जमीन बेचने वालों पर कार्रवाई नहीं होने की वजह से वास्तविक भू-स्वामी को कोर्ट कचहरी और तहसील के चक्कर लगाने को मजबूर होना पड़ रहा है, लेकिन कोई सुनवाई नहीं होने के कारण सिर्फ परेशान ही घूमना पड़ता है। ऐसा ही एक मामला कल्यानपुरा गांव का सामने आया, जब एक ग्रामीण ने गांव के ही एक व्यक्ति पर फर्जी तरीके से जमीन का बैनामा कराने और बंधक जमीन का दाखिल खारिज कराने का आरोप लगाया है।
ग्राम कल्यानपुरा निवासी चंदन सिंह पुत्र तेज सिंह ने डीएम को एक ज्ञापन देकर बताया कि उसी के गांव के एक व्यक्ति ने धोखाधड़ी करके वर्ष 2008 में उससे तीन एकड़ जमीन का एक एग्रीमेंट सब रजिस्ट्रार कार्यालय में अपनी मां के नाम से करा लिया था। इसके एक साल बाद उसने उक्त व्यक्ति को एग्रीमेंट का रुपया वापस कर दिया था और वह लगातार उक्त व्यक्ति से कहता रहा कि वह अपनी मां को लेकर सब रजिस्ट्रार कार्यालय चले एग्रीमेंट खारिज कराना है, जिस पर वह सब रजिस्ट्रार कार्यालय के यहां आए तो उस दिन सब रजिस्ट्रार कार्यालय में उससे कोई पूछताछ नहीं की है और उसकी रजिस्ट्री नहीं होगी कहकर बाहर टरका दिया था। इसके बाद अभी पता चला कि उक्त व्यक्ति उक्त रजिस्ट्री को वर्ष 2011 से 2018 तक छुपाए रहा। करीब दो माह पूर्व उक्त व्यक्ति 16 लाख रुपये का हिसाब किताब लेने के लिए उसके पास आया, जिस पर उसने एग्रीमेंट के रुपये वापस मांगे। जबकि वह यह रुपये पहले ही वापस कर चुका था। अब जब गत 23 मई को अपने नाम की नकल खतौनी ली तो पता चला कि बैंक में बंधक रखी हुई जमीन उक्त व्यक्ति द्वारा अवैध तरीके से बैनामा करा ली गई है और उसका अब दाखिल खारिज भी दो मई 2018 को कर दिया गया है। उसने अधिवक्ता से जब इसका मुआयना कराया तो पता चला कि उक्त व्यक्ति खुद फर्जी अंगूठा निशानी करके व उसके फर्जी हस्ताक्षर करके पुन:स्थापना प्रार्थनापत्र 30 अगस्त 2017 व एक मई 2018 को रीस्टोर कर दो मई 2018 को खारिज कर दिया गया, जो अवैध है। जबकि इस मामले मेें दाखिल खारिज में उसे सुना भी नहीं गया और लेखपाल के बयान व आठ साल पुराना दाखिल खारिज करने के पट्टे दोनों को सुना जाना चाहिए। इसके साथ ही यदि बंधक जमीन है तो दाखिल खारिज नहीं हो सकता है और यदि जमीन बंधक से सुरक्षित है तभी उस जमीन का दाखिल खारिज हो सकता है। पीड़ित ने उपजिलाधिकारी से उक्त मामले की सक्षम अधिकारी से निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है और इसमें संलिप्त अधिकारी व अन्य लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की मांग की है।
बंधक जमीन का दाखिल खारिज नहीं हो सकता है, ऐसे मामलों में आवश्यक दिशा निर्देश जारी किए गए हैं।
राजेंद्र बहादुर, तहसीलदार सदर।
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भू-स्वामी दर-दर भटकने को मजबूर, नहीं हो रही सुनवाई
कल्यापुरा के ग्रामीण ने लगाया फर्जी बैनामा का आरोप
अमर उजाला ब्यूरो
ललितपुर।
जनपद में जमीन बिक्री में फर्जी बैनामा और दाखिल खारिज के मामले सामने आ रहे हैं। अवैध रूप से जमीन बेचने वालों पर कार्रवाई नहीं होने की वजह से वास्तविक भू-स्वामी को कोर्ट कचहरी और तहसील के चक्कर लगाने को मजबूर होना पड़ रहा है, लेकिन कोई सुनवाई नहीं होने के कारण सिर्फ परेशान ही घूमना पड़ता है। ऐसा ही एक मामला कल्यानपुरा गांव का सामने आया, जब एक ग्रामीण ने गांव के ही एक व्यक्ति पर फर्जी तरीके से जमीन का बैनामा कराने और बंधक जमीन का दाखिल खारिज कराने का आरोप लगाया है।
ग्राम कल्यानपुरा निवासी चंदन सिंह पुत्र तेज सिंह ने डीएम को एक ज्ञापन देकर बताया कि उसी के गांव के एक व्यक्ति ने धोखाधड़ी करके वर्ष 2008 में उससे तीन एकड़ जमीन का एक एग्रीमेंट सब रजिस्ट्रार कार्यालय में अपनी मां के नाम से करा लिया था। इसके एक साल बाद उसने उक्त व्यक्ति को एग्रीमेंट का रुपया वापस कर दिया था और वह लगातार उक्त व्यक्ति से कहता रहा कि वह अपनी मां को लेकर सब रजिस्ट्रार कार्यालय चले एग्रीमेंट खारिज कराना है, जिस पर वह सब रजिस्ट्रार कार्यालय के यहां आए तो उस दिन सब रजिस्ट्रार कार्यालय में उससे कोई पूछताछ नहीं की है और उसकी रजिस्ट्री नहीं होगी कहकर बाहर टरका दिया था। इसके बाद अभी पता चला कि उक्त व्यक्ति उक्त रजिस्ट्री को वर्ष 2011 से 2018 तक छुपाए रहा। करीब दो माह पूर्व उक्त व्यक्ति 16 लाख रुपये का हिसाब किताब लेने के लिए उसके पास आया, जिस पर उसने एग्रीमेंट के रुपये वापस मांगे। जबकि वह यह रुपये पहले ही वापस कर चुका था। अब जब गत 23 मई को अपने नाम की नकल खतौनी ली तो पता चला कि बैंक में बंधक रखी हुई जमीन उक्त व्यक्ति द्वारा अवैध तरीके से बैनामा करा ली गई है और उसका अब दाखिल खारिज भी दो मई 2018 को कर दिया गया है। उसने अधिवक्ता से जब इसका मुआयना कराया तो पता चला कि उक्त व्यक्ति खुद फर्जी अंगूठा निशानी करके व उसके फर्जी हस्ताक्षर करके पुन:स्थापना प्रार्थनापत्र 30 अगस्त 2017 व एक मई 2018 को रीस्टोर कर दो मई 2018 को खारिज कर दिया गया, जो अवैध है। जबकि इस मामले मेें दाखिल खारिज में उसे सुना भी नहीं गया और लेखपाल के बयान व आठ साल पुराना दाखिल खारिज करने के पट्टे दोनों को सुना जाना चाहिए। इसके साथ ही यदि बंधक जमीन है तो दाखिल खारिज नहीं हो सकता है और यदि जमीन बंधक से सुरक्षित है तभी उस जमीन का दाखिल खारिज हो सकता है। पीड़ित ने उपजिलाधिकारी से उक्त मामले की सक्षम अधिकारी से निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है और इसमें संलिप्त अधिकारी व अन्य लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की मांग की है।
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बंधक जमीन का दाखिल खारिज नहीं हो सकता है, ऐसे मामलों में आवश्यक दिशा निर्देश जारी किए गए हैं।
राजेंद्र बहादुर, तहसीलदार सदर।