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शौचालय व आवास निर्माण में गड़बड़ी के आरोप में सचिव निलंबित
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निर्माण में गड़बड़ी में सचिव निलंबित
ललितपुर। विकासखंड मड़ावरा अंतर्गत ग्राम नाराहट में शौचालय निर्माण में ग्राम पंचायत सचिव को लापरवाही और उदासीनता बरतना महंगा पड़ गया है। जिला पंचायत राज अधिकारी ने भ्रामक सूचना देने पर सचिव को निलंबित कर दिया है। उधर, ग्राम चितरा के सफाईकर्मी को भी निलंबित कर दिया गया है। जिला पंचायत राज अधिकारी श्रवण कुमार सिंह ने बताया कि ब्लॉक मड़ावरा के ग्राम नाराहट का 11 मई को निरीक्षण किया गया। इस दौरान रामदेवी और श्यामलाल के शौचालय अपूर्ण पाए गए। निर्मित शौचालयों में भूसा भरा पाया गया। वहीं, कई पात्र लाभार्थियों को छोड़ दिया गया, जबकि 28 सितंबर 18 को ग्राम पंचायत नाराहट को खुले में शौचमुक्त (ओडीएफ) घोषित करवाते हुए इसका प्रमाण पत्र प्राप्त कर लिया।
प्रधानमंत्री आवास निर्माण (ग्रामीण) के लाभार्थी जिसमें पूजा, श्यामबाई, रम्मू कुशवाहा, गुड्डी, दयाराम, भगवानदास, फूूलाबाई के आवासों को पूर्ण दर्शाया गया और इसकी सूचना कार्यालय को दे दी गई। निरीक्षण के समय आवास अपूर्ण पाए गए। आवास में प्लास्टर सही तरीके से नहीं किया गया है। यही नहीं, शौचालय भी नहीं बनाया गया है। आवास में फर्श नहीं था। शौचालय का निर्माण बहुत खराब पाया गया। इस पर ग्राम पंचायत अधिकारी आलोक दुबे को प्रथम दृष्टया दोषी मानते हुए निलंबित कर दिया है।
उधर, विकासखंड जखौरा अंतर्गत ग्राम चितरा के सफाईकर्मी चंद्रभान को भी निलंबित कर दिया गया है। जिला पंचायत राज अधिकारी श्रवण कुमार सिंह ने बताया कि सफाई कर्मी ने अप्रैल में पूरे माह गांव में सफाई का कार्य नहीं किया। उसे बिना किसी सूचना के अनुपस्थित रहने, सफाई कार्य नहीं करने, शासकीय कार्य में लापरवाही एवं उदासीनता बरतने के आरोप में निलंबित कर दिया गया है।
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ललितपुर। विकासखंड मड़ावरा अंतर्गत ग्राम नाराहट में शौचालय निर्माण में ग्राम पंचायत सचिव को लापरवाही और उदासीनता बरतना महंगा पड़ गया है। जिला पंचायत राज अधिकारी ने भ्रामक सूचना देने पर सचिव को निलंबित कर दिया है। उधर, ग्राम चितरा के सफाईकर्मी को भी निलंबित कर दिया गया है। जिला पंचायत राज अधिकारी श्रवण कुमार सिंह ने बताया कि ब्लॉक मड़ावरा के ग्राम नाराहट का 11 मई को निरीक्षण किया गया। इस दौरान रामदेवी और श्यामलाल के शौचालय अपूर्ण पाए गए। निर्मित शौचालयों में भूसा भरा पाया गया। वहीं, कई पात्र लाभार्थियों को छोड़ दिया गया, जबकि 28 सितंबर 18 को ग्राम पंचायत नाराहट को खुले में शौचमुक्त (ओडीएफ) घोषित करवाते हुए इसका प्रमाण पत्र प्राप्त कर लिया।
प्रधानमंत्री आवास निर्माण (ग्रामीण) के लाभार्थी जिसमें पूजा, श्यामबाई, रम्मू कुशवाहा, गुड्डी, दयाराम, भगवानदास, फूूलाबाई के आवासों को पूर्ण दर्शाया गया और इसकी सूचना कार्यालय को दे दी गई। निरीक्षण के समय आवास अपूर्ण पाए गए। आवास में प्लास्टर सही तरीके से नहीं किया गया है। यही नहीं, शौचालय भी नहीं बनाया गया है। आवास में फर्श नहीं था। शौचालय का निर्माण बहुत खराब पाया गया। इस पर ग्राम पंचायत अधिकारी आलोक दुबे को प्रथम दृष्टया दोषी मानते हुए निलंबित कर दिया है।
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उधर, विकासखंड जखौरा अंतर्गत ग्राम चितरा के सफाईकर्मी चंद्रभान को भी निलंबित कर दिया गया है। जिला पंचायत राज अधिकारी श्रवण कुमार सिंह ने बताया कि सफाई कर्मी ने अप्रैल में पूरे माह गांव में सफाई का कार्य नहीं किया। उसे बिना किसी सूचना के अनुपस्थित रहने, सफाई कार्य नहीं करने, शासकीय कार्य में लापरवाही एवं उदासीनता बरतने के आरोप में निलंबित कर दिया गया है।
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