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मासूम अपहरण कांड में बेसुराग पुलिस
Updated Fri, 12 Oct 2018 02:17 AM IST
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मासूम अपहरण कांड में बेसुराग पुलिस
ललितपुर। कोतवाली पुलिस और स्वाट टीम मासूम अपहरण कांड जैसे मामले में अभी तक बेसुराग बनी हुई है। वहीं, स्वाट टीम खदानों में विस्फोटक सामग्री तलाशने में कामयाब होती जा रही है। मासूम अपहरण कांड का सुराग न मिलने के कारण परिजनों का हाल-बेहाल बना हुआ है। मालूम हो कि आजादपुरा मुहल्ला निवासी हरगोविंद पुत्र बल्लू कुशवाहा का पांच वर्षीय पुत्र राज दो जुलाई को दोपहर दो बजे अपने घर के बाहर खेल रहा था। इस बीच जब परिजन घर से बाहर आये और राज को देखा तो वह वहां मौजूद नही मिला। आसपास खोजबीन करने पर भी राज का पता नहीं चल सका। इसकी शिकायत पुलिस से की गयी। पुलिस ने अज्ञात अपहरणकर्ताओं के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया। पुलिस अधीक्षक डा. ओपी सिंह ने कोतवाली पुलिस व स्वॉट/सर्विलांस टीम को बालक को बरामद करने का आदेश दिये। जांच टीमों ने जल्द से जल्द अरह्त बालक को खोज निकालने का दावा किया, लेकिन नतीजा सिफर रहा। घटना के तीन महीने बीत जाने के बाद भी पुलिस बेसुराग बनी हुई है। स्वॉट टीम ने मासूम को भूल अन्य मामलों को सुलझाने में दिलचस्पी लेने लगी है। मासूम अपहरण काण्ड के खुलासे के लिए टीमों ने बड़े तेजी के साथ कार्य करते हुये कुछ संदिग्ध मोबाइल फोन को सर्विलांस पर लगाया लेकिन तब उन्हें कोई सफलता हाथ नही मिली तो वह निराश होकर अपने अपने कामों पर लौट गये। अब तो हालत यह हो गयी है कि कोई भी टीम इस केस पर काम करती नजर नहीं आ रही है।
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ललितपुर। कोतवाली पुलिस और स्वाट टीम मासूम अपहरण कांड जैसे मामले में अभी तक बेसुराग बनी हुई है। वहीं, स्वाट टीम खदानों में विस्फोटक सामग्री तलाशने में कामयाब होती जा रही है। मासूम अपहरण कांड का सुराग न मिलने के कारण परिजनों का हाल-बेहाल बना हुआ है। मालूम हो कि आजादपुरा मुहल्ला निवासी हरगोविंद पुत्र बल्लू कुशवाहा का पांच वर्षीय पुत्र राज दो जुलाई को दोपहर दो बजे अपने घर के बाहर खेल रहा था। इस बीच जब परिजन घर से बाहर आये और राज को देखा तो वह वहां मौजूद नही मिला। आसपास खोजबीन करने पर भी राज का पता नहीं चल सका। इसकी शिकायत पुलिस से की गयी। पुलिस ने अज्ञात अपहरणकर्ताओं के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया। पुलिस अधीक्षक डा. ओपी सिंह ने कोतवाली पुलिस व स्वॉट/सर्विलांस टीम को बालक को बरामद करने का आदेश दिये। जांच टीमों ने जल्द से जल्द अरह्त बालक को खोज निकालने का दावा किया, लेकिन नतीजा सिफर रहा। घटना के तीन महीने बीत जाने के बाद भी पुलिस बेसुराग बनी हुई है। स्वॉट टीम ने मासूम को भूल अन्य मामलों को सुलझाने में दिलचस्पी लेने लगी है। मासूम अपहरण काण्ड के खुलासे के लिए टीमों ने बड़े तेजी के साथ कार्य करते हुये कुछ संदिग्ध मोबाइल फोन को सर्विलांस पर लगाया लेकिन तब उन्हें कोई सफलता हाथ नही मिली तो वह निराश होकर अपने अपने कामों पर लौट गये। अब तो हालत यह हो गयी है कि कोई भी टीम इस केस पर काम करती नजर नहीं आ रही है।