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बीईओ महरौनी को थमाया कारण बताओ नोटिस
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महरौनी के बीआरसी में खराब पड़े शौचालय
- फोटो : LALITPUR
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ललितपुर। प्रभारी डायट प्रचार्य/जिला विद्यालय निरीक्षक ने ब्लाक संसाधन केंद्र महरौनी का निरीक्षण किया। इस दौरान बीआरसी के प्रवेश द्वार एवं अंदर कक्षों में साफ-सफाई का अभाव पाया गया। शौचालय भी अत्यंत गंदे मिले। भवन में लगी खिड़कियों के कांच क्षतिग्रस्त थे। वहीं, एआरपी व अनुचर बीआरसी नहीं आने का कारण स्पष्ट नहीं कर सके।
जिला विद्यालय निरीक्षक रामशंकर ने डायट के प्रभारी प्राचार्य की हैसियत से ब्लाक संसाधन केन्द्र महरौनी का निरीक्षण किया। निरीक्षण के समय खंड शिक्षा अधिकारी उपस्थिति नहीं मिले। पुरूषोतम नारायण अनुचर निरीक्षण तिथि 11 सितंबर को अनुपस्थित मिले। हेमन्त द्विवेदी कम्यूटर आपरेटर, जमील खान लेखाकार की उपस्थिति पंजिका कार्यालय में नहीं मिली, साथ ही वे मौके पर अनुपस्थित पाये गये। निरीक्षण के कुछ समय अन्तराल बाद सकीराम श्रीवास एवं शक्ति सिंह एआरपी उपस्थित हुए। इसके अतिरिक्त अजय कौशिक, राममोहन सिंह, सुरेश कुमार एआरपी अनुपस्थित मिले। अनुचर द्वारा बताया गया कि हेमन्त 09 सितंबर एवं जमील खां 08 सितंबर को बीआरसी आये थे। अनुचर द्वारा बताया गया कि इनकी उपस्थिति पंजिका जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय में वेतन निर्गत होने हेतु भेजी गयी है। बीआरसी के हाल में जगह-जगह कुर्सियां अस्त व्यस्त पड़ी थी एवं टूटा पंखा शो पीस में रखा मिला। बीआरसी परिसर में जगह-जगह बडी,-बडी घास लगी मिली। जनरेटर खुले स्थान पर रखा था जिसके पॉलीथिन से आवरित किया गया था, जबकि जनरेटर जैसे उपरयोगी उपकरण के ऊपर से ढके जाने हेतु टीन शेड अथवा जाली का निर्माण कराया जाना चाहिए था जो कि नहीं किया गया। बीआरसी से सटे प्रशिक्षण हाल में बड़ी-बड़ी घास लगी थी एवं प्रशिक्षण हाल में लाइट, पंखा बल्ब, गेट क्षतिग्रस्त थे एवं रंगाइ-पुताई नही करायी गयी। हाल के समीप बने शौचालय क्षतिग्रस्त एवं गंदे मिले। बीआरसी भवन की छत में पानी का भराव होने के कारण दीवारों में शीलन मिली। भवन/प्रशिक्षण हाल स्थिति देखकर ऐसा प्रतीत होता है कि भवन में कई वर्षो से रंगाई-पुताई नहीं करायी गयी है। जिलाधिकारी के निर्देशानुसार प्रत्येक कार्यालय में कोविड-19 महामारी को दृष्टिगत रखते हुये हेल्प डेस्क की स्थापना किया जाना था, जिसमें थर्मल स्कैनर, सेनेटाजर, एवं कार्यालय में आने जाने वाले व्यक्तियों सूचना अंकित करने के लिए पंजिका तैयार की जानी थी। निरीक्षण तिथि तक ऐसी व्यवस्था नहीं की गई। निष्ठा प्रशिक्षण की अव्यवस्थापन हेतु बीआरसी स्तर पर धनराशि अवमुक्त की गयी थी, जिसमें मौके पर क्रय की गयी सामग्री के सापेक्ष 2 कंप्यूटर, 03 प्रोजक्टर, एक फोटोकापी मशीन, नवीन फर्नीचर, कार्डलैस माईक नही मिली। बीआरसी में मरम्मत हेतु एवं आकस्मिक व्यय हेतु खर्च किये गयी धनराशि के अभिलेख नहीं मिले। ऐसा प्रतीत होता है कि आप अपने पदेन दायित्वों के निर्वहन के प्रति उदासीन है।
संबद्ध हैं तीन शिक्षक
उपस्थित अनुचर द्वारा बताया गया कि बीआरसी में 03 शिक्षक संबद्ध हैं जबकि महानिदेशक स्कूल शिक्षा लखनऊ द्वारा किसी भी शिक्षक को संबद्ध नहीं किये जाने के निर्देश दिये गये हैं, फिर भी उक्त आदेश की अवहेलना की जा रही है।
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जिला विद्यालय निरीक्षक रामशंकर ने डायट के प्रभारी प्राचार्य की हैसियत से ब्लाक संसाधन केन्द्र महरौनी का निरीक्षण किया। निरीक्षण के समय खंड शिक्षा अधिकारी उपस्थिति नहीं मिले। पुरूषोतम नारायण अनुचर निरीक्षण तिथि 11 सितंबर को अनुपस्थित मिले। हेमन्त द्विवेदी कम्यूटर आपरेटर, जमील खान लेखाकार की उपस्थिति पंजिका कार्यालय में नहीं मिली, साथ ही वे मौके पर अनुपस्थित पाये गये। निरीक्षण के कुछ समय अन्तराल बाद सकीराम श्रीवास एवं शक्ति सिंह एआरपी उपस्थित हुए। इसके अतिरिक्त अजय कौशिक, राममोहन सिंह, सुरेश कुमार एआरपी अनुपस्थित मिले। अनुचर द्वारा बताया गया कि हेमन्त 09 सितंबर एवं जमील खां 08 सितंबर को बीआरसी आये थे। अनुचर द्वारा बताया गया कि इनकी उपस्थिति पंजिका जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय में वेतन निर्गत होने हेतु भेजी गयी है। बीआरसी के हाल में जगह-जगह कुर्सियां अस्त व्यस्त पड़ी थी एवं टूटा पंखा शो पीस में रखा मिला। बीआरसी परिसर में जगह-जगह बडी,-बडी घास लगी मिली। जनरेटर खुले स्थान पर रखा था जिसके पॉलीथिन से आवरित किया गया था, जबकि जनरेटर जैसे उपरयोगी उपकरण के ऊपर से ढके जाने हेतु टीन शेड अथवा जाली का निर्माण कराया जाना चाहिए था जो कि नहीं किया गया। बीआरसी से सटे प्रशिक्षण हाल में बड़ी-बड़ी घास लगी थी एवं प्रशिक्षण हाल में लाइट, पंखा बल्ब, गेट क्षतिग्रस्त थे एवं रंगाइ-पुताई नही करायी गयी। हाल के समीप बने शौचालय क्षतिग्रस्त एवं गंदे मिले। बीआरसी भवन की छत में पानी का भराव होने के कारण दीवारों में शीलन मिली। भवन/प्रशिक्षण हाल स्थिति देखकर ऐसा प्रतीत होता है कि भवन में कई वर्षो से रंगाई-पुताई नहीं करायी गयी है। जिलाधिकारी के निर्देशानुसार प्रत्येक कार्यालय में कोविड-19 महामारी को दृष्टिगत रखते हुये हेल्प डेस्क की स्थापना किया जाना था, जिसमें थर्मल स्कैनर, सेनेटाजर, एवं कार्यालय में आने जाने वाले व्यक्तियों सूचना अंकित करने के लिए पंजिका तैयार की जानी थी। निरीक्षण तिथि तक ऐसी व्यवस्था नहीं की गई। निष्ठा प्रशिक्षण की अव्यवस्थापन हेतु बीआरसी स्तर पर धनराशि अवमुक्त की गयी थी, जिसमें मौके पर क्रय की गयी सामग्री के सापेक्ष 2 कंप्यूटर, 03 प्रोजक्टर, एक फोटोकापी मशीन, नवीन फर्नीचर, कार्डलैस माईक नही मिली। बीआरसी में मरम्मत हेतु एवं आकस्मिक व्यय हेतु खर्च किये गयी धनराशि के अभिलेख नहीं मिले। ऐसा प्रतीत होता है कि आप अपने पदेन दायित्वों के निर्वहन के प्रति उदासीन है।
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संबद्ध हैं तीन शिक्षक
उपस्थित अनुचर द्वारा बताया गया कि बीआरसी में 03 शिक्षक संबद्ध हैं जबकि महानिदेशक स्कूल शिक्षा लखनऊ द्वारा किसी भी शिक्षक को संबद्ध नहीं किये जाने के निर्देश दिये गये हैं, फिर भी उक्त आदेश की अवहेलना की जा रही है।
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