ललितपुर। घंटाघर प्रांगण में प्रगतिशील किसान जनमोर्चा के बैनर तले किसानों ने बीमा कंपनी की वादाखिलाफी के विरोध में धरना-प्रदर्शन किया। वक्ताओं ने आरोप लगाया है कि बीमा कंपनी किसानों को जानबूझकर परेशान कर रही है। उन्होंने कंपनी के विरुद्ध आपराधिक मुकदमा दायर करने की मांग की है।
अध्यक्ष बाबूलाल दुबे ने प्रशासनिक अफसरों को दिए ज्ञापन में आरोप लगाया कि 3 वर्षों से किसानों की समस्याएं लंबित चली आ रही हैं। खरीफ के सीजन में 2019 के लिए जिले के किसानों, प्रशासन व बीमा कंपनी के बीच समझौता हुआ था, इसके बाद भी बीमा कंपनी ने 7651 किसानों को बीमा का क्लेम नहीं दिया, जबकि कंपनी ने पहले ही इन किसानों के खाते से प्रीमियम राशि काट ली थी। खरीफ सीजन 2018 के लगभग 4000 किसानों का बीमा क्लेम भी अभी तक नहीं दिया गया है। खरीफ सीजन 2020 में अगस्त में हुई बारिश के कारण कई क्षेत्रों में फसल नष्ट हो गई थी। जिन किसानों ने व्यक्तिगत बीमा क्लेम के भुगतान हेतु प्रार्थना पत्र दिए थे, उनका बीमा क्लेम अटका हुआ है। चकबंदी प्रक्रिया में भ्रष्टाचार जड़ें जमाए हुए हैं, जिसे समाप्त करते हुए तहसील के 65 ग्रामों को चकबंदी प्रक्रिया आरंभ की जाए। जिले के सभी किसानों को वर्ग तीन की असंक्रमणीय श्रेणी से वर्ग 2 में किए जाने का आदेश शासन द्वारा लगभग 5 वर्ष पूर्व जारी किया गया था। इसके बाद भी अभी तक सभी किसानों को उक्त प्रक्रिया से लाभान्वित नहीं किया गया है। ज्ञापन पर बाबूलाल दुबे, नवनीत शर्मा, नंदलाल पहलवान, जगदीश पाराशर, आशीष कौशिक, बृजेश पुरोहित, राकेश, आनंद देवरिया, लल्लू राम शर्मा, सरदार सतनाम सिंह, राकेश मोदी, रामसहाय, बृजेश कुमार, नरेंद्र कुमार चौबे, कैलाश नागल, धनु कुशवाहा, देवी प्रसाद साहू के हस्ताक्षर बने हैं।