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सात वर्ष में भी नहीं बन सका गरीब का सरकारी आवास
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कैप्सन - कड़ाके की सर्दी में झोपड़ी में रहता सरकारी आवास का लाभार्थी
- फोटो : TALDEHATE
तालबेहट। एक ओर शासन गरीबों को रहने के लिए आवास की सुविधा उपलब्ध मुहैया करा रहा है, वहीं दूसरी ओर जिन लोगों पर सरकारी की योजनाओं के क्रियान्वयन कराने की जिम्मेदारी है, वह लोग योजनाओं को पलीता लगा रहे हैं। ऐसा ही एक मामला है, जिसमें गरीब परिवार का सात साल बाद भी आवास नहीं बन पाने के कारण वह झोपड़ी में रहने को मजबूर है।
विकासखंड के ग्राम पंचायत भुचेरा के अंतर्गत ग्राम चांदरा निवासी मुन्नी पत्नी अशोक सहरिया का चयन इंदिरा आवास निर्माण के लिए वर्ष 14 - 15 में हुआ था। उसके आवास का पूरा पैसा निकल गया, लेकिन छह वर्ष के बाद भी उसका आवास नहीं बन सका है। कुछ समय पहले गांव के कुछ लोगों ने इसकी शिकायत तत्कालीन खंड विकास अधिकारी अजय कुुमार द्विवेदी से की थी। इस पर पूरे मामले की जांच कराई गई थी, जिसमें उन्होंने जिम्मेदार अधिकारियों को आवास पूर्ण करने के निर्देश दिए थे। कुछ समय बाद उनका स्थानांतरण हो जाने के बाद पूरी कार्रवाई ठप कर दी गई, जिसके चलते गरीब का आवास नहीं बन सका। इस कारण परिवार कड़ाके की सर्दी में झोपड़ी में रहने का मजबूर है।
यह मामला मेरे समय का नहीं है। मुझे इस प्रकरण की कोई जानकारी नहीं हैं।
- तुषार कुमार, ग्राम विकास अधिकारी भुचेरा
पैसा लाभार्थी के बैंक खाते में आता है। लाभार्थी बताए कि उसका पैसा किसने लिया है। मेरे स्तर से जो भी हो सकता है, किया जाएगा।
- अर्जित प्रकाश, खंड विकास अधिकारी तालबेहट
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विकासखंड के ग्राम पंचायत भुचेरा के अंतर्गत ग्राम चांदरा निवासी मुन्नी पत्नी अशोक सहरिया का चयन इंदिरा आवास निर्माण के लिए वर्ष 14 - 15 में हुआ था। उसके आवास का पूरा पैसा निकल गया, लेकिन छह वर्ष के बाद भी उसका आवास नहीं बन सका है। कुछ समय पहले गांव के कुछ लोगों ने इसकी शिकायत तत्कालीन खंड विकास अधिकारी अजय कुुमार द्विवेदी से की थी। इस पर पूरे मामले की जांच कराई गई थी, जिसमें उन्होंने जिम्मेदार अधिकारियों को आवास पूर्ण करने के निर्देश दिए थे। कुछ समय बाद उनका स्थानांतरण हो जाने के बाद पूरी कार्रवाई ठप कर दी गई, जिसके चलते गरीब का आवास नहीं बन सका। इस कारण परिवार कड़ाके की सर्दी में झोपड़ी में रहने का मजबूर है।
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यह मामला मेरे समय का नहीं है। मुझे इस प्रकरण की कोई जानकारी नहीं हैं।
- तुषार कुमार, ग्राम विकास अधिकारी भुचेरा
पैसा लाभार्थी के बैंक खाते में आता है। लाभार्थी बताए कि उसका पैसा किसने लिया है। मेरे स्तर से जो भी हो सकता है, किया जाएगा।
- अर्जित प्रकाश, खंड विकास अधिकारी तालबेहट
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