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Lalitpur News: जिले में बिजली चोरी के 12,764 मामले लंबित, 88 करोड़ बकाया
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संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। जनपद में बिजली चोरी के 12 हजार से अधिक मामले लंबित पड़े हैं। इन मामलों में लगभग 88 करोड़ राजस्व निर्धारण व शमन शुल्क बकाया पड़ा है।
बिजली बिल राहत योजना के तहत बकाया पर लगने वाले ब्याज में सौ फीसदी छूट के बाद भी दो माह में मात्र 1,688 उपभोक्ताओं ने ही इस योजना का लाभ लिया और 1.97 करोड़ रुपये का भुगतान किया है।
जनपद में दोनों खंडों के अंतर्गत 12,764 बिजली चोरी के मामले लंबित हैं। इनमें 68.53 करोड़ रुपये राजस्व निर्धारण एवं 19.50 करोड़ रुपये शमन शुल्क का बकाया चल रहा है। सबसे अधिक मामले खंड कार्यालय प्रथम के अंतर्गत हैं। यहां 7,386 लोगों पर बिजली चोरी के मुकदमे लंबित हैं और इन पर 39.58 करोड़ रुपये का राजस्व व 11.89 करोड़ रुपये शमन शुल्क बकाया है।
वहीं, विद्युत वितरण खंड कार्यालय द्वितीय अंतर्गत 5,378 बिजली चोरी के मुकदमों में 28.95 करोड़ रुपये राजस्व निर्धारण है और 7.61 करोड़ रुपये शमन शुल्क बकाया है। इन बिजली चोरी के मुकदमों के निस्तारण के लिए बिजली राहत योजना लाई गई। बिजली चोरी के 995 मामलों का निस्तारण विद्युत वितरण खंड द्वितीय के अंतर्गत हुआ है। प्रथम खंड के अंतर्गत मात्र 693 लोगों ने ही इस योजना का लाभ लेकर मामले का निस्तारण कराया है।
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ललितपुर। जनपद में बिजली चोरी के 12 हजार से अधिक मामले लंबित पड़े हैं। इन मामलों में लगभग 88 करोड़ राजस्व निर्धारण व शमन शुल्क बकाया पड़ा है।
बिजली बिल राहत योजना के तहत बकाया पर लगने वाले ब्याज में सौ फीसदी छूट के बाद भी दो माह में मात्र 1,688 उपभोक्ताओं ने ही इस योजना का लाभ लिया और 1.97 करोड़ रुपये का भुगतान किया है।
जनपद में दोनों खंडों के अंतर्गत 12,764 बिजली चोरी के मामले लंबित हैं। इनमें 68.53 करोड़ रुपये राजस्व निर्धारण एवं 19.50 करोड़ रुपये शमन शुल्क का बकाया चल रहा है। सबसे अधिक मामले खंड कार्यालय प्रथम के अंतर्गत हैं। यहां 7,386 लोगों पर बिजली चोरी के मुकदमे लंबित हैं और इन पर 39.58 करोड़ रुपये का राजस्व व 11.89 करोड़ रुपये शमन शुल्क बकाया है।
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वहीं, विद्युत वितरण खंड कार्यालय द्वितीय अंतर्गत 5,378 बिजली चोरी के मुकदमों में 28.95 करोड़ रुपये राजस्व निर्धारण है और 7.61 करोड़ रुपये शमन शुल्क बकाया है। इन बिजली चोरी के मुकदमों के निस्तारण के लिए बिजली राहत योजना लाई गई। बिजली चोरी के 995 मामलों का निस्तारण विद्युत वितरण खंड द्वितीय के अंतर्गत हुआ है। प्रथम खंड के अंतर्गत मात्र 693 लोगों ने ही इस योजना का लाभ लेकर मामले का निस्तारण कराया है।
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