{"_id":"67fd4e3b75f46a102e0302d8","slug":"somewhere-they-built-a-temple-somewhere-they-built-a-mosque-lakhimpur-news-c-120-1-lkh1008-143567-2025-04-14","type":"story","status":"publish","title_hn":"Lakhimpur Kheri News: कहीं मंदिर बना बैठे, कहीं मस्जिद बना बैठे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Lakhimpur Kheri News: कहीं मंदिर बना बैठे, कहीं मस्जिद बना बैठे
विज्ञापन
गोला के चैती मेला मंच पर जवाबी कव्वाली में पेश करते कव्वाल शरीफ परवाज और नेहा सुल्तानी। संवाद
गोला गोकर्णनाथ। चैती मेले में रविवार की रात जवाबी कव्वाली की महफिल से सजी। देर रात तक शेरो शायरी का दौर चला। श्रोता प्रत्येक कलाम पर वाह-वाह करते रहे।
रविवार की रात जवाबी कव्वाली की शुरुआत मुख्य अतिथि भाजपा नेता धर्मेंद्र गिरि मोंटी, विशिष्ट अतिथि बजाज मिल यूनियन अध्यक्ष विश्वनाथ सिंह व्यापार मंडल नगर अध्यक्ष पारस प्रसाद मिश्रा ने सांस्कृतिक मंच पर दीप जलाकर कराई। कार्यक्रम की अध्यक्षता बैजनाथ अग्निहोत्री ने की।
कानपुर के कव्वाल शरीफ परवाज ने कार्यक्रम की शुरुआत शेर पढ़कर की- वतन की सरजमी को अमन का दर्पण बनाना है, जो शाखें नीम की हैं अब उन्हें चंदन बनाना है। शेर का जबाब उन्नाव की नेहा सुल्तानपुरी ने कुछ यूं दिया- क्या क्या बनाने आए थे, क्या क्या बना बैठे, कहीं मंदिर बना बैठे कहीं मस्जिद बना बैठे।
विज्ञापन
शरीफ परवाज ने ईश्वर वंदना कर हिंदू-मुस्लिम मिलाप पर जोर दिया। सारी दुनिया का मालिक है तू, मेरे दिल की है ये आरजू, नफरतें अब दिलों से मिटा दे। उसके बाद शरीफ परवाज ने अपने कलाम में कहा, जन्नत का करेंगे हम दीदार मदीने में, हम सबको बुलाएंगे सरकार मदीने में। नेहा सुल्तानी ने कलाम सुनाया- छा जाएगी रहमतों की घटा झूमकर सब ये बोले मुस्तफा-मुस्तफा। शरीफ परवाज ने भजन गाया- तु कितनी गोरी है, गजब की छोरी है, भोली भाली है, राधा राधा।
नेहा सुल्तानी ने भजन गाया- ये राम कह रहे हैं, कही वक्त टल न जाए, बजरंग के आते-आते कहीं सूरज निकल न आए। यहां मुख्य अतिथि धर्मेंद्र गिरि ने कहा कि गोला तहजीब का शहर है। यहां ईद और दिवाली मिलकर मनाई जाती है। नगर पालिका अध्यक्ष विजय शुक्ला रिंकू ने अतिथियों का आभार व्यक्त किया।
इस मौके पर जिला अध्यक्ष व्यापार मंडल अरुण अवस्थी, नदीम, जमील अंसारी, डॉ. कय्यूम, राजेश वर्मा, शिवदत्त मिश्र, रामगुलाम पांडे, अनुराग गुप्ता, संदीप अवस्थी, लाल बहादुर यादव, डा. युनूस अली और कौशल जायसवाल आदि मौजूद रहे।
मेला में आज मुशायरा
छोटी काशी के ऐतिहासिक मैला चैती के सांस्कृतिक मंच पर 15 अप्रैल को रात आठ बजे से कुल हिंद मुशायरा होगा। इसमें मैकश अमरोहवी (अमरोहा), शकील आजमी (मुंबई), नदीम फर्रूक (गंज डुडवारा, ऐटा), खुर्शीद हैदर (मुजफ्फर नगर), शायरा मुमताज नशीम (अलीगढ़) मुजहत अंजुम (गोरखपुर), अलीशा मेराज खान (सीतापुर), शायर कुंवर जावेद (कोटा राजस्थान) और सज्जाद झंझट(रुड़की उत्तराखंड) अपनी शायरी पेश करेंगे।
विज्ञापन
रविवार की रात जवाबी कव्वाली की शुरुआत मुख्य अतिथि भाजपा नेता धर्मेंद्र गिरि मोंटी, विशिष्ट अतिथि बजाज मिल यूनियन अध्यक्ष विश्वनाथ सिंह व्यापार मंडल नगर अध्यक्ष पारस प्रसाद मिश्रा ने सांस्कृतिक मंच पर दीप जलाकर कराई। कार्यक्रम की अध्यक्षता बैजनाथ अग्निहोत्री ने की।
विज्ञापन
कानपुर के कव्वाल शरीफ परवाज ने कार्यक्रम की शुरुआत शेर पढ़कर की- वतन की सरजमी को अमन का दर्पण बनाना है, जो शाखें नीम की हैं अब उन्हें चंदन बनाना है। शेर का जबाब उन्नाव की नेहा सुल्तानपुरी ने कुछ यूं दिया- क्या क्या बनाने आए थे, क्या क्या बना बैठे, कहीं मंदिर बना बैठे कहीं मस्जिद बना बैठे।
विज्ञापन
शरीफ परवाज ने ईश्वर वंदना कर हिंदू-मुस्लिम मिलाप पर जोर दिया। सारी दुनिया का मालिक है तू, मेरे दिल की है ये आरजू, नफरतें अब दिलों से मिटा दे। उसके बाद शरीफ परवाज ने अपने कलाम में कहा, जन्नत का करेंगे हम दीदार मदीने में, हम सबको बुलाएंगे सरकार मदीने में। नेहा सुल्तानी ने कलाम सुनाया- छा जाएगी रहमतों की घटा झूमकर सब ये बोले मुस्तफा-मुस्तफा। शरीफ परवाज ने भजन गाया- तु कितनी गोरी है, गजब की छोरी है, भोली भाली है, राधा राधा।
नेहा सुल्तानी ने भजन गाया- ये राम कह रहे हैं, कही वक्त टल न जाए, बजरंग के आते-आते कहीं सूरज निकल न आए। यहां मुख्य अतिथि धर्मेंद्र गिरि ने कहा कि गोला तहजीब का शहर है। यहां ईद और दिवाली मिलकर मनाई जाती है। नगर पालिका अध्यक्ष विजय शुक्ला रिंकू ने अतिथियों का आभार व्यक्त किया।
इस मौके पर जिला अध्यक्ष व्यापार मंडल अरुण अवस्थी, नदीम, जमील अंसारी, डॉ. कय्यूम, राजेश वर्मा, शिवदत्त मिश्र, रामगुलाम पांडे, अनुराग गुप्ता, संदीप अवस्थी, लाल बहादुर यादव, डा. युनूस अली और कौशल जायसवाल आदि मौजूद रहे।
मेला में आज मुशायरा
छोटी काशी के ऐतिहासिक मैला चैती के सांस्कृतिक मंच पर 15 अप्रैल को रात आठ बजे से कुल हिंद मुशायरा होगा। इसमें मैकश अमरोहवी (अमरोहा), शकील आजमी (मुंबई), नदीम फर्रूक (गंज डुडवारा, ऐटा), खुर्शीद हैदर (मुजफ्फर नगर), शायरा मुमताज नशीम (अलीगढ़) मुजहत अंजुम (गोरखपुर), अलीशा मेराज खान (सीतापुर), शायर कुंवर जावेद (कोटा राजस्थान) और सज्जाद झंझट(रुड़की उत्तराखंड) अपनी शायरी पेश करेंगे।