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Lakhimpur Kheri News: केंद्रों पर सन्नाटा, पोर्टल पर होती रही खरीद... फिर भी पूरा नहीं हुआ लक्ष्य

Sat, 03 Feb 2024 02:41 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Sat, 03 Feb 2024 02:41 AM IST
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Silence at the centers, purchases continued on the portal... still the target was not achieved
लखीमपुर खीरी। अक्तूबर महीने में शुरू हुई धान खरीद करीब चार महीने तक चली। केंद्रों पर किसान फसल लेकर पहुंचें, इसके लिए अधिकारियों ने काफी जद्दोजहद की लेकिन केंद्रों पर सन्नाटा पसरा रहा। केंद्रों पर सन्नाटा होने के बावजूद पोर्टल पर लगातार खरीद होती हुई दिखाई गई। फिर भी ढाई लाख मीट्रिक टन लक्ष्य के सापेक्ष महज 1,89,421 मीट्रिक टन धान की ही खरीद को सही है।
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लक्ष्य पूरा न हो पाने के पीछे अधिकारी बाजार में अधिक मूल्य और शुरुआती कुछ दिनों तक धान में नमी होना बताकर अपना पल्ला झाड़ रहे हैं। शुरुआत से लेकर अंत तक मंडियों में धान 1920 रुपये ये लेकर 2000 रुपये प्रति क्विंटल तक बिका, जबकि सरकारी इससे ज्यादा था। शासन की ओर से धान का समर्थन मूल्य ग्रेड ए 2203 रुपये निर्धारित किया गया था। कॉमन धान 2183 रुपये प्रति क्विंटल के भाव खरीदा जा रहा था। सरकारी क्रय केंद्रों पर अधिक मूल्य मिलने के बाद भी किसान नहीं पहुंचे, लिहाजा लक्ष्य पूरा नहीं हो सका।
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बताया जाता है कि क्रय केंद्रों पर फसल तुलवाने के लिए फसल को कई जगह परखा जाता था। साथ ही भुगतान मिलने में भी एक सप्ताह से ज्यादा का समय लग जाता था। इन्हीं सब झंझटों से बचने के लिए किसान आढ़तों पर फसल बेचकर नगद धनराशि ले रहा था। बता दें कि 31 जनवरी तक धान खरीद होनी थी, लेकिन पोर्टल शुक्रवार यानी दो फरवरी तक अपडेट होता रहा।
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21315 किसानों ने सरकारी केंद्रों पर बेचा धान
कृषि बाहुल्य जिला होने के नाते यहां पर किसानों की संख्या काफी है। किसान गन्ने के साथ ही गेहूं, धान आदि की भी फसल की बुवाई करता है। इस साल पांच क्रय एजेंसियों को जिम्मेदारी दी गई थी, जिन्होंने कुल 169 क्रय केंद्र खोले थे। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, खरीद के अंत तक कुल 21315 किसानों ने सरकारी क्रय केंद्रों पर भरोसा जताते हुए अपनी फसल बेची। हालांकि देर सबेरे ही सही लेकिन किसानों को धान का भुगतान उनके खातों में भेजे जाने का दावा किया जा रहा है।

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वर्जन



ज्यादातर किसानों ने अपनी फसल आढ़तों पर बेंच दी। शुरुआती कुछ दिनों तक क्रय केंद्रों पर सन्नाटा पसरा रहा, इसके पीछे धान में नमी होना बताया जा रहा है। इस साल लक्ष्य के सापेक्ष 75.77 प्रतिशत धान खरीदा गया है।



संतोष पटेल, डिप्टी आरएमओ
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क्रय एजेंसी-कुल किसान-कुल खरीद-भुगतान
एफसीएस -9872-88160-1,92,453,9,349 रुपये
एफसीआई -45-216-47- 15,280 रुपये
पीसीएफ -5461- 48122 - 1,05,02,89,679 रुपये
यूपीसीएस- 4828-43301- 94, 52,82,398 रुपये
यूपीएसएस-1079-9622-21,00,49,351 रुपये
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