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Lakhimpur Kheri News: एक लाख क्यूसेक पानी से शारदा उफनी, घाघरा की बाढ़ ने छोड़ी गंदगी

Sat, 22 Aug 2026 12:45 AM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी Updated Sat, 22 Aug 2026 12:45 AM IST
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Sharda river overflows with 100,000 cusecs of water, Ghaghra floods leave behind filth
जीतपुरवा गांव में घर में घुसे बाढ़ के पानी में तखत पर बैठा परिवार।संवाद
निघासन/धाैरहरा। शारदा बैराज बनबसा से बीते 24 घंटे में एक लाख क्यूसेक से अधिक पानी छोड़े जाने से शारदा नदी का जलस्तर खतरे के निशान के ऊपर पहुंच गया है। इससे निघासन तहसील क्षेत्र के तटीय गांवों में बाढ़ की स्थिति बन गई है।
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खेतों में खड़ी सैकड़ों एकड़ धान और गन्ने की फसल जलमग्न हो गई है। वहीं, धौरहरा क्षेत्र में घाघरा नदी का बाढ़ का पानी घटने लगा है, लेकिन गांवों के गड्ढों और नालों में अब भी पानी भरा होने से मच्छर और कीड़े पनप रहे हैं और संक्रमण का खतरा बना हुआ है।
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निघासन में जलस्तर बढ़ने से लुधौरी, पुरैना जीतपुरवा, मंडप फार्म, बैलहा समेत आसपास के कई गांवों में बाढ़ का पानी पहुंच गया है। पुरैना जीतपुरवा में पानी घरों में घुसना शुरू हो गया है। बाढ़ की स्थिति को देखते हुए एसडीएम यदुवीर सिंह ने प्रभावित क्षेत्रों में नावों की तैनाती कर दी है। बाढ़ चौकियों को सक्रिय करते हुए लेखपालों को अपने-अपने क्षेत्रों में लगातार निगरानी के निर्देश दिए गए हैं।
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धौरहरा में पानी घटा, संक्रमण का खतरा बरकरार
धौरहरा। क्षेत्र में घाघरा नदी का बाढ़ का पानी कम होने लगा है, लेकिन ग्रामीणों की मुश्किलें कम नहीं हुई हैं। ईसानगर क्षेत्र के ओझापुरवा, कैरातीपुरवा, बेलागड़ी, चकदहा, बनटुकरा, बंशीबेली, गुजरापुरवा, टेढ़ीगौड़ी, छत्तरबंगला, ठूठवा, कटैलापुरवा, गनापुर, पचासा और बेहिलियनपुरवा समेत दर्जनों गांव हर वर्ष घाघरा की बाढ़ से प्रभावित होते हैं। बाढ़ का पानी कुछ दिनों में उतर जाता है, लेकिन गांवों के गड्ढों और नालों में कई माह तक पानी जमा रहता है। कई स्थानों पर दूषित पानी के कारण पेयजल भी प्रभावित होने की आशंका रहती है।
पीएचसी प्रभारी ईसानगर डॉ. अमित सिंह ने बताया कि बाढ़ प्रभावित इलाकों में स्वास्थ्य संबंधी जांच के लिए टीमें लगाई गई हैं। क्लोरीन की दवाओं का वितरण और खून की जांच की गई है। भूगर्भ जल के नमूने भी जांच के लिए भेजे जाएंगे। ग्रामीणों को पानी उबालकर पीने की सलाह दी जा रही है।
तहसीलदार आदित्य विशाल ने बताया कि अधिकांश गांवों में बाढ़ का पानी काफी कम हुआ है। उम्मीद है कि दो-तीन दिन में स्थिति सामान्य हो जाएगी। बाढ़ पीड़ितों को लंच पैकेट वितरित किए जा रहे हैं। गांवों में दवा का छिड़काव कराने के लिए सीएमओ को पत्र लिखा गया है। संवाद
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मौसम ने भी बदला मिजाज, उमस ने किया बेहाल
लखीमपुर खीरी। पिछले दिनों बारिश और बादलों के बाद शुक्रवार को धूप निकलने से उमस बढ़ गई। हवा की रफ्तार कम रहने से लोगों को गर्मी का अधिक अहसास हुआ। घरों से लेकर बाजार और सार्वजनिक स्थानों पर लोग पसीने से बेहाल नजर आए।

शुक्रवार को अधिकतम पारा 32 डिग्री, जबकि न्यूनतम तापमान 26.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। सुबह से बादलों की आवाजाही बनी रही। दोपहर मोबाइल पर बारिश को लेकर अलर्ट आया तो लोगों को राहत की उम्मीद जगी, लेकिन बारिश न होने से मायूसी दिखी। पूरा दिन उमस की वजह से लोग परेशान रहे। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक शनिवार को आसमान में आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे और एक-दो बार बारिश या गरज के साथ बौछारें पड़ सकती हैं। संवाद
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