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खराब बीज के कारण नहीं आई मूंगफली तो जोत डाली फसल
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मूंगफली की फसल की जुताई करता किसान।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
किसान रणविजय सिंह सोनू बोले, दो एकड़ में बोई थी मूंगफली
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राजकीय कृषि बीज भंडार से 90 प्रतिशत अनुदान पर मिला था बीज
चपरतला। पसगवां ब्लॉक के बाइकुआं गांव में दो एकड़ से अधिक मूंगफली की फसल को किसान ने जोत दिया। किसान रणविजय सिंह सोनू का कहना है कि उन्होंने बीज ब्लॉक पसगवां के राजकीय कृषि बीज भंडार से लिया गया था, जो 90 प्रतिशत अनुदान पर दिया गया था।
कृषक ने बताया इस बीज को बहुत अच्छा बताया गया था। एडीओ एजी त्रिलोकीनाथ ने यह बीज बांटा था। यह भी बताया गया था कि इस बीज की खासियत है कि अन्य मूंगफली से इसमें पैदावार अधिक होगी। हर जगह यह मूंगफली उपजाऊ है। इसलिए हमने इस बीज का इस्तेमाल किया था। इस बीज को लगाने के बाद लगातार फसल की देखभाल और रखवाली करते रहे समय पर खाद और पानी लगाते रहे, जिससे दो एकड़ फसल में करीब चालीस हजार रुपये की लागत भी लग गई। जब फसल तैयार होने को है तो देखा उसके नीचे मूंगफली नहीं आई केवल पौधा ही बढ़ता जा रहा है। जब कुछ हाथ लगता हुआ नहीं दिखाई दिया तो इस फसल की जुताई करके गेहूं की फसल बोने का विचार आया, इसलिए इस फसल को नष्ट कर दिया।
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मूंगफली बीज खराबी की अभी जानकारी नहीं है। इनकी फसल में मूंगफली नहीं लगी है, इसकी जांच की जाएगी। अन्य जगह भी बीज बेचा गया है उनकी भी जांच की जाएगी। अगर बीज की कमी निकलती है तो किसान के खर्चे की भरपाई की जाएगी। - त्रिलोकीनाथ, प्रभारी, राजकीय कृषि बीज भंडार, पसगवां
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राजकीय कृषि बीज भंडार से 90 प्रतिशत अनुदान पर मिला था बीज चपरतला। पसगवां ब्लॉक के बाइकुआं गांव में दो एकड़ से अधिक मूंगफली की फसल को किसान ने जोत दिया। किसान रणविजय सिंह सोनू का कहना है कि उन्होंने बीज ब्लॉक पसगवां के राजकीय कृषि बीज भंडार से लिया गया था, जो 90 प्रतिशत अनुदान पर दिया गया था।
कृषक ने बताया इस बीज को बहुत अच्छा बताया गया था। एडीओ एजी त्रिलोकीनाथ ने यह बीज बांटा था। यह भी बताया गया था कि इस बीज की खासियत है कि अन्य मूंगफली से इसमें पैदावार अधिक होगी। हर जगह यह मूंगफली उपजाऊ है। इसलिए हमने इस बीज का इस्तेमाल किया था। इस बीज को लगाने के बाद लगातार फसल की देखभाल और रखवाली करते रहे समय पर खाद और पानी लगाते रहे, जिससे दो एकड़ फसल में करीब चालीस हजार रुपये की लागत भी लग गई। जब फसल तैयार होने को है तो देखा उसके नीचे मूंगफली नहीं आई केवल पौधा ही बढ़ता जा रहा है। जब कुछ हाथ लगता हुआ नहीं दिखाई दिया तो इस फसल की जुताई करके गेहूं की फसल बोने का विचार आया, इसलिए इस फसल को नष्ट कर दिया।
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मूंगफली बीज खराबी की अभी जानकारी नहीं है। इनकी फसल में मूंगफली नहीं लगी है, इसकी जांच की जाएगी। अन्य जगह भी बीज बेचा गया है उनकी भी जांच की जाएगी। अगर बीज की कमी निकलती है तो किसान के खर्चे की भरपाई की जाएगी। - त्रिलोकीनाथ, प्रभारी, राजकीय कृषि बीज भंडार, पसगवां
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