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Lakhimpur Kheri News: नहीं मिला चारा-पानी, पांच गोवंशीय पशुओं की मौत
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बिना चारे के खाली पड़ी चरनी स्रोत:संवाद
बरबर। चारा-पानी के अभाव में कान्हा गोशाला में दो दिन में पांच पशुओं की मौत हो गई। वहीं कई पशु भूख और सर्दी से बीमार हैं। पशुओं की मौत से स्थानीय प्रशासन में हड़कम्प मचा हुआ है।
नगर पंचायत में गोवंशीय पशुओं की देखरेख के लिए कान्हा गोशाला बनाई गई है। मौजूदा समय में इसमें 101 पशु मौजूद हैं। सूत्र बताते हैं कि गोशाला में कहने के लिए पांच सेवादार तैनात हैं, लेकिन वह कभी कभार ही यहां आते हैं। इससे पशुओं की देखरेख सही तरीके से नहीं हो पा रही है।
गोवंशों को चारे के नाम पर सिर्फ भूसा दिया जा रहा है, जो भूसा लगा हुआ है वह भी सड़ चुका है। इतना ही नहीं यहां पर पशुओं के पीने के लिए पर्याप्त पानी की भी व्यवस्था नहीं है। घटना की मौत होने की सूचना मिलने के बाद ग्रामीणों में आक्रोश देखा जा रहा है। ग्रामीण पवन आर्य, लल्लूराम, इस्माइल उर्फ छोटा खां, रोहित, रामप्रताप मिश्र, राजेश गौतम, नरेश गौतम ने सेवादारों के खिलाफ कार्रवाई किए जाने के अलावा पर्याप्त मात्रा में हरा चारा व पानी की व्यवस्था किए जाने की मांग की है।
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दस दिन पहले तक गोशाला में पशुओं के लिए हरे चारे की व्यवस्था थी। इसके अलावा भूसा और चोकर भी नियमित दिया जा रहा है। मामला संज्ञान में नहीं है। दिखवाकर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। - सपना भारद्वाज, ईओ नगर पंचायत बरबर
पशुओं के इलाज में प्रयोग होने वाली दवाओं की पूर्ति कराई जा रही है। गोशाला में नियमित निरीक्षण करते हुए बीमार पशुओं का उपचार भी किया जा रहा है। - डॉ. विवेक कुमार वर्मा, पशु चिकित्साधिकारी
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नगर पंचायत में गोवंशीय पशुओं की देखरेख के लिए कान्हा गोशाला बनाई गई है। मौजूदा समय में इसमें 101 पशु मौजूद हैं। सूत्र बताते हैं कि गोशाला में कहने के लिए पांच सेवादार तैनात हैं, लेकिन वह कभी कभार ही यहां आते हैं। इससे पशुओं की देखरेख सही तरीके से नहीं हो पा रही है।
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गोवंशों को चारे के नाम पर सिर्फ भूसा दिया जा रहा है, जो भूसा लगा हुआ है वह भी सड़ चुका है। इतना ही नहीं यहां पर पशुओं के पीने के लिए पर्याप्त पानी की भी व्यवस्था नहीं है। घटना की मौत होने की सूचना मिलने के बाद ग्रामीणों में आक्रोश देखा जा रहा है। ग्रामीण पवन आर्य, लल्लूराम, इस्माइल उर्फ छोटा खां, रोहित, रामप्रताप मिश्र, राजेश गौतम, नरेश गौतम ने सेवादारों के खिलाफ कार्रवाई किए जाने के अलावा पर्याप्त मात्रा में हरा चारा व पानी की व्यवस्था किए जाने की मांग की है।
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दस दिन पहले तक गोशाला में पशुओं के लिए हरे चारे की व्यवस्था थी। इसके अलावा भूसा और चोकर भी नियमित दिया जा रहा है। मामला संज्ञान में नहीं है। दिखवाकर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। - सपना भारद्वाज, ईओ नगर पंचायत बरबर
पशुओं के इलाज में प्रयोग होने वाली दवाओं की पूर्ति कराई जा रही है। गोशाला में नियमित निरीक्षण करते हुए बीमार पशुओं का उपचार भी किया जा रहा है। - डॉ. विवेक कुमार वर्मा, पशु चिकित्साधिकारी

बिना चारे के खाली पड़ी चरनी स्रोत:संवाद