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डीटीआर : रेलवे ने बंद किया गश्त का रास्ता
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बांकेगंज। दुधवा टाइगर रिजर्व बफरजोन में बांकेगंज-मैलानी के बीच घने जंगल से होकर गुजरी रेल लाइन वन्यजीवों के लिए खतरा बनी हुई है, ऊपर से रेलवे विभाग ने रेलवे लाइन के दोनों तरफ गहरी खाईं खोदकर और फेंसिंग लगाकर गश्त का रास्ता बंद कर दिया है। दुधवा टाइगर रिजर्व के फील्ड डायरेक्टर संजय पाठक ने इस पर कड़ी आपत्ति जताई है।
दुधवा टाइगर रिजर्व बफरजोन की मैलानी रेंज के जंगल में ब्राडगेज आमान-परिवर्तन के दौरान डीटीआर प्रशासन ने रेलवे विभाग को कुछ जगह अंडरपास बनाने को पत्र लिखा था। ताकि वन्यजीवों का आवागमन सुगमता से होने के साथ-साथ वन विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों को गश्त के लिए रास्ता मिल सके।
वन विभाग के अनुरोध के बावजूद रेलवे ने अंडरपास बनाना तो दूर मैलानी रेंज अंतर्गत बांकेगंज-मैलानी के बीच जंगल से गुजरी रेलवे लाइन के दो चिह्नित स्थलों किलोमीटर संख्या 189/7 व 189/8 के अलावा 185 / 4 और 5 के मध्य दोनों तरफ खाईं खोदने के साथ ही फेंसिंग लगाकर आवागमन का रास्ता ही बंद कर दिया। जबकि रेल लाइन वन विभाग की भूमि पर बिछी हुई है।
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रेलवे विभाग की इस कृत्य को वन विभाग ने गंभीरता से लेते हुए गहरी नाराजगी जताई है। दुधवा टाइगर रिजर्व प्रशासन आपत्ति जताते हुए रेलवे के उच्चाधिकारियों को पत्र लिख रहा है।
‘ब्राडगेज आमान-परिवर्तन के दौरान बांकेगंज-मैलानी के बीच बफरजोन मैलानी रेंज अंतर्गत महुरेना और जटपुरा बीट जंगल से गुजरी रेल लाइन के दो चिह्नित स्थलों पर रेलवे ने अंडरपास बनाने की जगह रेलवे लाइन के दोनों और गहरी खाईं खोदने के साथ ही फेंसिंग लगा दी है, जो आपत्तिजनक है। इससे वन्यजीवों का आवागमन और और जंगल गश्त प्रभावित हो रही है। इस संबंध में बफरजोन प्रशासन को रेलवे विभाग के उच्चाधिकारियों को पत्र लिखने के निर्देश दिए गए हैं।’
- संजय पाठक, मुख्य वन संरक्षक/फील्ड निदेशक, दुधवा टाइगर रिजर्व
‘रेलवे प्रशासन की स्वत: अंडरपास बनाने की कोई योजना नहीं है। अंडरपास बनाने के लिए यदि राज्य सरकार द्वारा प्रस्ताव मिलता है तो उस पर रेलवे संबधित स्थल के अध्ययन के बाद अंडरपास बनाने पर विचार करेगा। जसका बजट राज्य सरकार की ओर से वहन किए जाने का प्रावधान है।’
- महेश गुप्ता, पीआरओ, डीआरएम, एनई रेलवे लखनऊ मंडल
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दुधवा टाइगर रिजर्व बफरजोन की मैलानी रेंज के जंगल में ब्राडगेज आमान-परिवर्तन के दौरान डीटीआर प्रशासन ने रेलवे विभाग को कुछ जगह अंडरपास बनाने को पत्र लिखा था। ताकि वन्यजीवों का आवागमन सुगमता से होने के साथ-साथ वन विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों को गश्त के लिए रास्ता मिल सके।
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वन विभाग के अनुरोध के बावजूद रेलवे ने अंडरपास बनाना तो दूर मैलानी रेंज अंतर्गत बांकेगंज-मैलानी के बीच जंगल से गुजरी रेलवे लाइन के दो चिह्नित स्थलों किलोमीटर संख्या 189/7 व 189/8 के अलावा 185 / 4 और 5 के मध्य दोनों तरफ खाईं खोदने के साथ ही फेंसिंग लगाकर आवागमन का रास्ता ही बंद कर दिया। जबकि रेल लाइन वन विभाग की भूमि पर बिछी हुई है।
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रेलवे विभाग की इस कृत्य को वन विभाग ने गंभीरता से लेते हुए गहरी नाराजगी जताई है। दुधवा टाइगर रिजर्व प्रशासन आपत्ति जताते हुए रेलवे के उच्चाधिकारियों को पत्र लिख रहा है।
‘ब्राडगेज आमान-परिवर्तन के दौरान बांकेगंज-मैलानी के बीच बफरजोन मैलानी रेंज अंतर्गत महुरेना और जटपुरा बीट जंगल से गुजरी रेल लाइन के दो चिह्नित स्थलों पर रेलवे ने अंडरपास बनाने की जगह रेलवे लाइन के दोनों और गहरी खाईं खोदने के साथ ही फेंसिंग लगा दी है, जो आपत्तिजनक है। इससे वन्यजीवों का आवागमन और और जंगल गश्त प्रभावित हो रही है। इस संबंध में बफरजोन प्रशासन को रेलवे विभाग के उच्चाधिकारियों को पत्र लिखने के निर्देश दिए गए हैं।’
- संजय पाठक, मुख्य वन संरक्षक/फील्ड निदेशक, दुधवा टाइगर रिजर्व
‘रेलवे प्रशासन की स्वत: अंडरपास बनाने की कोई योजना नहीं है। अंडरपास बनाने के लिए यदि राज्य सरकार द्वारा प्रस्ताव मिलता है तो उस पर रेलवे संबधित स्थल के अध्ययन के बाद अंडरपास बनाने पर विचार करेगा। जसका बजट राज्य सरकार की ओर से वहन किए जाने का प्रावधान है।’
- महेश गुप्ता, पीआरओ, डीआरएम, एनई रेलवे लखनऊ मंडल