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जिला कारागार में भाइयों को राखी बांधने के लिए उमड़ी बहनों की भीड़
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जेल में बंद भाइयों को राखी बांधतीं बहनें।
1011 महिलाएं, 325 बच्चे और 19 पुरुष रक्षाबंधन मनाने जेल पहुंचे
लखीमपुर खीरी। रक्षाबंधन शुक्रवार को धूमधाम से मनाया गया। इस कड़ी में जिला कारागार में निरुद्घ भाइयों को राखी बांधने के लिए बहनें भी पहुंचीं। पहली बार जिला कारागार प्रशासन ने महिलाओं के बैठने के लिए टेंट लगवाया और जलपान कराने के बाद उन्हें अंदर भेजा। जेल रिकॉर्ड के मुताबिक, शाम पांच बजे तक कुल 1355 बहनों ने अपने-अपने भाइयों से मुलाकात की।
जिला कारागार में सुबह से महिलाओं और बच्चों की भीड़ उमड़ने लगी। इसके बाद साढ़े आठ बजे से जेल प्रशासन ने महिलाओं को समूह में अंदर भेजा। जेल के अंदर भी महिलाओं के बैठने के लिए टेंट लगाया गया, जिससे लोगों को तेज धूप से काफी राहत मिली। बहनों द्वारा भाई की कलाई पर राखी बांधने का सिलसिला शाम करीब साढ़े चार बजे तक चलता रहा। इस अवधि में कुल 1011 महिलाएं अपने भाइयों को राखी बांधने जेल के अंदर पहुंचीं, जबकि उनके साथ 325 बच्चे भी अंदर गए। इसके अलावा महिला बंदियों से राखी बंधवाने के लिए 19 पुरुष भी जेल पहुंचे। शाम पांच बजे तक कुल मुलाकातियों की संख्या 1355 रही।
महिलाओं के बैठने के लिए कैंप लगवाया गया और नाश्ता भी कराया गया। सुबह साढ़े आठ बजे से महिलाओं को अंदर भेजने की शुरुआत की गई, जिससे शाम साढ़े चार बजे तक सभी बहनों ने अपने भाइयों को राखी बांधी। उन्होंने बताया कि महिलाओं के साथ आए 325 बच्चों को भी अंदर भेजा गया। वहीं महिला बंदियों से राखी बंधवाने के लिए 19 पुरुष भी आए।
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- पंकज सिंह, प्रभारी जेल अधीक्षक
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लखीमपुर खीरी। रक्षाबंधन शुक्रवार को धूमधाम से मनाया गया। इस कड़ी में जिला कारागार में निरुद्घ भाइयों को राखी बांधने के लिए बहनें भी पहुंचीं। पहली बार जिला कारागार प्रशासन ने महिलाओं के बैठने के लिए टेंट लगवाया और जलपान कराने के बाद उन्हें अंदर भेजा। जेल रिकॉर्ड के मुताबिक, शाम पांच बजे तक कुल 1355 बहनों ने अपने-अपने भाइयों से मुलाकात की।
जिला कारागार में सुबह से महिलाओं और बच्चों की भीड़ उमड़ने लगी। इसके बाद साढ़े आठ बजे से जेल प्रशासन ने महिलाओं को समूह में अंदर भेजा। जेल के अंदर भी महिलाओं के बैठने के लिए टेंट लगाया गया, जिससे लोगों को तेज धूप से काफी राहत मिली। बहनों द्वारा भाई की कलाई पर राखी बांधने का सिलसिला शाम करीब साढ़े चार बजे तक चलता रहा। इस अवधि में कुल 1011 महिलाएं अपने भाइयों को राखी बांधने जेल के अंदर पहुंचीं, जबकि उनके साथ 325 बच्चे भी अंदर गए। इसके अलावा महिला बंदियों से राखी बंधवाने के लिए 19 पुरुष भी जेल पहुंचे। शाम पांच बजे तक कुल मुलाकातियों की संख्या 1355 रही।
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महिलाओं के बैठने के लिए कैंप लगवाया गया और नाश्ता भी कराया गया। सुबह साढ़े आठ बजे से महिलाओं को अंदर भेजने की शुरुआत की गई, जिससे शाम साढ़े चार बजे तक सभी बहनों ने अपने भाइयों को राखी बांधी। उन्होंने बताया कि महिलाओं के साथ आए 325 बच्चों को भी अंदर भेजा गया। वहीं महिला बंदियों से राखी बंधवाने के लिए 19 पुरुष भी आए।
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- पंकज सिंह, प्रभारी जेल अधीक्षक