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गला दबाकर की गई थी छात्र की हत्या
महेवागंज।
Updated Thu, 18 Feb 2016 10:33 PM IST
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फूलबेहड़ थाना के रमुवापुर जंगल में छात्र की हत्या की गुत्थी पुलिस के लिए चुनौती बनी हुई है। वहीं पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गला दबाकर छात्र की हत्या किए जाने की पुष्टि हुई है। इससे जाहिर है कि हत्यारों ने सिर और चेहरा कुचलकर उसकी पहचान मिटाने की कोशिश भी की थी। शव बरामद होने के 24 घंटे बाद भी पुलिस किसी ठोस नतीजे पर नहीं पहुंच पाई है, लेकिन दो पहलुओं पर जांच जरूर शुरू कर दी है।
बता दें कि खीरी थाना क्षेत्र के मूसेपुर खुर्द निवासी कमलेश वर्मा के इकलौते पुत्र 20 वर्षीय शेखर वर्मा की लाश बुधवार को फूलबेहड़ थाना के रमुवापुर जंगल से बरामद हुई थी। परिवार वालों ने रंजिश और प्रेम प्रसंग की बात से इंकार कर दिया है, जिससे पुलिस के सामने चुनौती बढ़ गई है। बीएससी एग्रीकल्चर के छात्र रहे शेखर से क्या दुश्मनी हो सकती है, जो हत्याराें ने इतनी बेरहमी से उसकी हत्या कर दी। इन सवालों के जवाब तलाशने में पुलिस जुटी है, क्योंकि हत्या के कारण स्पष्ट होने पर ही पुलिस हत्यारों तक आसानी पहुंचने में आसानी होगी। घटनास्थल पर मृतक की आईडी और कागजात फटे मिले थे। मोबाइल भी टूटा था और बाइक भी वहीं बरामद हुई थी। इससे कयास लगाए जा रहे हैं कि कम से दो या इससे अधिक लोग हत्याकांड में शामिल हो सकते हैं। पुलिस को आशंका है कि प्री प्लांड तरीके से हत्याकांड को अंजाम दिया गया है। परिवार वालों के किसी रंजिश से इंकार करने के बाद पुलिस के लिए हत्या की गुत्थी सुलझाना चुनौैतीपूर्ण हो गया है।
मोबाइल से क्लू ढूंढने की कोशिश
परिवार वालों की माने तो मृतक के पास एक ही मोबाइल था। जो मौके पर पुलिस को टूटा मिला। जबकि छानबीन के दौरान झाड़ियों से मिला दूसरा मोबाइल किसका है, जिसकी छानबीन पुलिस कर रही है। पुलिस दोनों मोबाइल की काल डिटेल खंगाल रही है। इससे पुलिस को अहम सुराग मिलने की उम्मीद है।
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तो बाइक पर तीन लोग थे सवार
मृतक के पिता ने बताया कि मंगलवार को शेखर ने अमकोटवा निवासी अपने ममेरे भाई संजीव से पहले फोन पर मुंडन में आने को लेकर बात की थी। उसी शाम करीब छह बजे शेखर बनवारीपुर चौराहे पर संजीव को बाइक से मिला था। संजीव के मुताबिक शेखर की बाइक पर दो अन्य अधेड़ लोग भी सवार थे, जिन्हे वह जल्द छोड़कर वापस आने की बात कहकर गया था। इसके बाद उसका मोबाइल स्विच आफ हो गया और दूसरे दिन शव बरामद हुआ।
छात्र की हत्या गला दबाकर करने की पुष्टि पोस्टमार्टम में हुई है, जिससे जाहिर है कि हत्यारों ने उसकी पहचान मिटाने की भरसक कोशिश की थी। परिवार वालों ने रंजिश की बात से इंकार किया है, लेकिन दो पहलुओं पर जांच की जा रही है। शीघ्र ही घटना का खुलासा कर लिया जाएगा।
-फूलचंद्र, एसओ फूलबेहड़
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बता दें कि खीरी थाना क्षेत्र के मूसेपुर खुर्द निवासी कमलेश वर्मा के इकलौते पुत्र 20 वर्षीय शेखर वर्मा की लाश बुधवार को फूलबेहड़ थाना के रमुवापुर जंगल से बरामद हुई थी। परिवार वालों ने रंजिश और प्रेम प्रसंग की बात से इंकार कर दिया है, जिससे पुलिस के सामने चुनौती बढ़ गई है। बीएससी एग्रीकल्चर के छात्र रहे शेखर से क्या दुश्मनी हो सकती है, जो हत्याराें ने इतनी बेरहमी से उसकी हत्या कर दी। इन सवालों के जवाब तलाशने में पुलिस जुटी है, क्योंकि हत्या के कारण स्पष्ट होने पर ही पुलिस हत्यारों तक आसानी पहुंचने में आसानी होगी। घटनास्थल पर मृतक की आईडी और कागजात फटे मिले थे। मोबाइल भी टूटा था और बाइक भी वहीं बरामद हुई थी। इससे कयास लगाए जा रहे हैं कि कम से दो या इससे अधिक लोग हत्याकांड में शामिल हो सकते हैं। पुलिस को आशंका है कि प्री प्लांड तरीके से हत्याकांड को अंजाम दिया गया है। परिवार वालों के किसी रंजिश से इंकार करने के बाद पुलिस के लिए हत्या की गुत्थी सुलझाना चुनौैतीपूर्ण हो गया है।
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मोबाइल से क्लू ढूंढने की कोशिश
परिवार वालों की माने तो मृतक के पास एक ही मोबाइल था। जो मौके पर पुलिस को टूटा मिला। जबकि छानबीन के दौरान झाड़ियों से मिला दूसरा मोबाइल किसका है, जिसकी छानबीन पुलिस कर रही है। पुलिस दोनों मोबाइल की काल डिटेल खंगाल रही है। इससे पुलिस को अहम सुराग मिलने की उम्मीद है।
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तो बाइक पर तीन लोग थे सवार
मृतक के पिता ने बताया कि मंगलवार को शेखर ने अमकोटवा निवासी अपने ममेरे भाई संजीव से पहले फोन पर मुंडन में आने को लेकर बात की थी। उसी शाम करीब छह बजे शेखर बनवारीपुर चौराहे पर संजीव को बाइक से मिला था। संजीव के मुताबिक शेखर की बाइक पर दो अन्य अधेड़ लोग भी सवार थे, जिन्हे वह जल्द छोड़कर वापस आने की बात कहकर गया था। इसके बाद उसका मोबाइल स्विच आफ हो गया और दूसरे दिन शव बरामद हुआ।
छात्र की हत्या गला दबाकर करने की पुष्टि पोस्टमार्टम में हुई है, जिससे जाहिर है कि हत्यारों ने उसकी पहचान मिटाने की भरसक कोशिश की थी। परिवार वालों ने रंजिश की बात से इंकार किया है, लेकिन दो पहलुओं पर जांच की जा रही है। शीघ्र ही घटना का खुलासा कर लिया जाएगा।
-फूलचंद्र, एसओ फूलबेहड़