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‘साहब मैं अभी जिंदा हूं’
निघासन।
Updated Tue, 31 Mar 2015 07:37 PM IST
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गांव दरेरी में एक व्यक्ति को मृत दिखाकर जमीन हड़पने का आरोप ग्राम प्रधान पर लगाया गया है। संबंधित व्यक्ति सरकारी कार्यालयों के चक्कर काट रहा है, लेकिन उसकी सुनने वाला कोई नहीं है।
अवध बिहारी ने बताया कि जमीन न होने पर 1970 में उसके नाम तहसील प्रशासन ने पट्टा किया था। उसने बताया कि परिवार बड़ा होने के कारण वह ग्राम प्रधान छोटकन्नी देवी पत्नी मालती गिरी के यहां मजदूरी करता था। बीमारी के चलते अवध बिहारी ने जमीन छोटकन्नी देवी को ठेके पर दे दी। आरोप है कि समय पूरा होने पर उसने जह जमीन मांगी तो छोटकन्नी और उसके पुत्रों ने उसे जान से मारने की धमकी देते हुए जमीन देने से इनकार कर दिया। इस पर उसके बेटों लाखन, सुदेश और श्रवण जमीन पर कब्जा करना चाहा। आरोप है कि जब तहसील से अभिलेख निकालवाए तो उनके पिता अवध बिहारी को मृत दिखाकर जमीन छोटकन्नी के नाम निकली। जमीन पंटू नामक व्यक्ति के हाथ बेच दी गई है। अवध बिहारी सरकारी कार्यालयों के चक्कर काटते हुए अपने जीवित होने का प्रमाण दे रहा है, पर उसकी सुनवाई नहीं हो रही है।
मामले की जानकारी नहीं है। यदि जीवित को मृत दिखाकर जमीन हड़पी गई है तो जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
-सुनील झा, तहसीलदार
राजनीतिक विद्वेश के चलते मुझे फंसाया जा रहा है। जमीन का विवाद है, लेकिन जीवित को मृत नहीं दिखाया गया है।
-छोटकन्नी देवी, प्रधान, दरेरी
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अवध बिहारी ने बताया कि जमीन न होने पर 1970 में उसके नाम तहसील प्रशासन ने पट्टा किया था। उसने बताया कि परिवार बड़ा होने के कारण वह ग्राम प्रधान छोटकन्नी देवी पत्नी मालती गिरी के यहां मजदूरी करता था। बीमारी के चलते अवध बिहारी ने जमीन छोटकन्नी देवी को ठेके पर दे दी। आरोप है कि समय पूरा होने पर उसने जह जमीन मांगी तो छोटकन्नी और उसके पुत्रों ने उसे जान से मारने की धमकी देते हुए जमीन देने से इनकार कर दिया। इस पर उसके बेटों लाखन, सुदेश और श्रवण जमीन पर कब्जा करना चाहा। आरोप है कि जब तहसील से अभिलेख निकालवाए तो उनके पिता अवध बिहारी को मृत दिखाकर जमीन छोटकन्नी के नाम निकली। जमीन पंटू नामक व्यक्ति के हाथ बेच दी गई है। अवध बिहारी सरकारी कार्यालयों के चक्कर काटते हुए अपने जीवित होने का प्रमाण दे रहा है, पर उसकी सुनवाई नहीं हो रही है।
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मामले की जानकारी नहीं है। यदि जीवित को मृत दिखाकर जमीन हड़पी गई है तो जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
-सुनील झा, तहसीलदार
राजनीतिक विद्वेश के चलते मुझे फंसाया जा रहा है। जमीन का विवाद है, लेकिन जीवित को मृत नहीं दिखाया गया है।
-छोटकन्नी देवी, प्रधान, दरेरी